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फायर सेफ्टी में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई : एसडीएम
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नरवाना। एसडीएम जगदीश चंद्र ने उपमंडल के सभी सार्वजनिक संस्थानों और भवनों में फायर सेफ्टी सिस्टम को पूरी तरह अपडेट और कार्यशील रखने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक सार्वजनिक भवन में अग्निशमन सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से स्थापित होने चाहिए और उनकी नियमित जांच और रखरखाव भी सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए संबंधित भवन संचालक और प्रबंधक स्वयं जिम्मेदार होंगे।
एसडीएम ने बताया कि गर्मी और बरसात के मौसम में शॉर्ट सर्किट, आसमानी बिजली और गैस सिलेंडर फटने जैसी घटनाओं से आग लगने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में समय पर उपलब्ध फायर सेफ्टी उपकरण बड़े हादसों को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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उन्होंने फैक्ट्री, होटल, अस्पताल, स्कूल, कोचिंग सेंटर, पीजी और सिनेमाघरों सहित सभी सार्वजनिक संस्थानों के संचालकों को निर्देश दिए कि फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म सिस्टम, पर्याप्त पानी की व्यवस्था और इमरजेंसी एग्जिट हर समय दुरुस्त रखें।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा उपकरण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आपात स्थिति में जान-माल की रक्षा का प्रभावी माध्यम हैं। जिन संस्थानों में उपकरण खराब या निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम ने कर्मचारियों को फायर सेफ्टी का प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया, ताकि आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय सुरक्षित तरीके से लोगों को बाहर निकाला जा सके। उन्होंने अस्पतालों और स्कूलों जैसे संवेदनशील संस्थानों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित विभागों को समय-समय पर संस्थानों का निरीक्षण कर फायर सेफ्टी मानकों की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
एसडीएम ने आम नागरिकों से भी घरों और दुकानों में गैस सिंलिडर, बिजली के उपकरणों और ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी सावधानियां बड़े हादसों को रोक सकती हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक सार्वजनिक भवन में अग्निशमन सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से स्थापित होने चाहिए और उनकी नियमित जांच और रखरखाव भी सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए संबंधित भवन संचालक और प्रबंधक स्वयं जिम्मेदार होंगे।
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एसडीएम ने बताया कि गर्मी और बरसात के मौसम में शॉर्ट सर्किट, आसमानी बिजली और गैस सिलेंडर फटने जैसी घटनाओं से आग लगने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में समय पर उपलब्ध फायर सेफ्टी उपकरण बड़े हादसों को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने फैक्ट्री, होटल, अस्पताल, स्कूल, कोचिंग सेंटर, पीजी और सिनेमाघरों सहित सभी सार्वजनिक संस्थानों के संचालकों को निर्देश दिए कि फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म सिस्टम, पर्याप्त पानी की व्यवस्था और इमरजेंसी एग्जिट हर समय दुरुस्त रखें।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा उपकरण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आपात स्थिति में जान-माल की रक्षा का प्रभावी माध्यम हैं। जिन संस्थानों में उपकरण खराब या निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम ने कर्मचारियों को फायर सेफ्टी का प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया, ताकि आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय सुरक्षित तरीके से लोगों को बाहर निकाला जा सके। उन्होंने अस्पतालों और स्कूलों जैसे संवेदनशील संस्थानों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित विभागों को समय-समय पर संस्थानों का निरीक्षण कर फायर सेफ्टी मानकों की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
एसडीएम ने आम नागरिकों से भी घरों और दुकानों में गैस सिंलिडर, बिजली के उपकरणों और ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी सावधानियां बड़े हादसों को रोक सकती हैं।