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Jind News: शिक्षण संस्थानों के 500 मीटर परिधि को ड्रग फ्री जोन बनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 13 Mar 2026 12:19 AM IST
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12जेएनडी16: एडीसी प्रदीप कुमार अधिकारियों की बैठक लेते हुए। स्रोत प्रशासन
- फोटो : नवाबगंज क्षेत्र में सुबह के समय छाया कोहरा।
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जींद। जिला स्तरीय एनसीओआरडी की बैठक लघु सचिवालय के सभागार में वीरवार को एडीसी प्रदीप कुमार की अध्यक्षता में हुई। एडीसी ने कहा कि सभी शैक्षणिक संस्थानों की 500 मीटर परिधि को ड्रग फ्री जोन बनाने के लिए कदम उठाए जाएं।
एडीसी ने सभी विभागों से उनके स्तर पर किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी विभाग मिलकर काम करें। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में नशे की रोकथाम के लिए एक कार्ययोजना तैयार की जाए। ऐसे स्थानों पर विशेष नजर रखी जाए, जहां नशे से जुड़ी गतिविधियों की आशंका रहती है।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के किसी भी सरकारी कार्यालय, स्कूल, कॉलेज या अन्य संस्थान के परिसर में भांग जैसे मादक पदार्थ के पौधे नहीं उगने चाहिए। इसके लिए संबंधित विभाग समय-समय पर निरीक्षण करें। यदि कहीं ऐसे पौधे मिलते हैं तो उन्हें तुरंत हटाया जाए। उन्हाेंने कहा कि जिले के सभी मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए।
डॉ. की पर्ची के बिना दवा न दी जाएं, खासकर वे दवाइयां जिनका दुरुपयोग हो सकता है। नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने के लिए पर गांवों और शहरों में आईईसी गतिविधियों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाए ।
एडीसी ने निर्देश दिए कि स्कूलों और कॉलेजों में समय-समय पर जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं और विद्यार्थियों के लिए स्वैच्छिक स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था भी की जाए।
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एडीसी ने सभी विभागों से उनके स्तर पर किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी विभाग मिलकर काम करें। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में नशे की रोकथाम के लिए एक कार्ययोजना तैयार की जाए। ऐसे स्थानों पर विशेष नजर रखी जाए, जहां नशे से जुड़ी गतिविधियों की आशंका रहती है।
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उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के किसी भी सरकारी कार्यालय, स्कूल, कॉलेज या अन्य संस्थान के परिसर में भांग जैसे मादक पदार्थ के पौधे नहीं उगने चाहिए। इसके लिए संबंधित विभाग समय-समय पर निरीक्षण करें। यदि कहीं ऐसे पौधे मिलते हैं तो उन्हें तुरंत हटाया जाए। उन्हाेंने कहा कि जिले के सभी मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए।
डॉ. की पर्ची के बिना दवा न दी जाएं, खासकर वे दवाइयां जिनका दुरुपयोग हो सकता है। नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने के लिए पर गांवों और शहरों में आईईसी गतिविधियों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाए ।
एडीसी ने निर्देश दिए कि स्कूलों और कॉलेजों में समय-समय पर जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं और विद्यार्थियों के लिए स्वैच्छिक स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था भी की जाए।