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Jind News: सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने लोकसभा में उठाया बदहाल सीवरेज व्यवस्था का मामला
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फोटो 31जेएनडी13-सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम को लेकर लोकसभा में हाऊसिंग एंव अर्बन कमेटी चेयरमेन को
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जींद। शहर और सफीदों की चरमराई सीवरेज व्यवस्था का मुद्दा अब लोकसभा तक पहुंच गया है। सोनीपत सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने दिल्ली में लोकसभा की हाउसिंग एवं अर्बन कमेटी के चेयरमैन को पत्र सौंपकर अमरूत योजना के तहत बिछाई गई सीवरेज लाइनों की तकनीकी खामियों और खराब ड्रेनेज व्यवस्था के समाधान की मांग की है।
सांसद ने कहा कि जींद और सफीदों के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार सीवरेज ओवरफ्लो की शिकायतें मिल रही हैं लेकिन संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि लोगों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान नहीं होने से आमजन भारी परेशानी झेल रहे हैं।
पत्र में सांसद ने बताया कि अमरूत योजना के तहत बिछाई गई कई सीवरेज लाइनों में तकनीकी खामियां हैं, जिसके कारण सीवर का गंदा पानी बैक मारता है। बाहरी क्षेत्रों में सेप्टिक टैंकों की गाद के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था नहीं है जिससे गंदगी खुले नालों और खेतों में डाली जा रही है। इसके अलावा शहर में उत्पन्न होने वाले सीवेज की तुलना में शोधन क्षमता भी काफी कम है, जिससे पर्यावरण और भूजल प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है।
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सतपाल ब्रह्मचारी ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारी बैठकों तक सीमित हैं, जबकि धरातल पर समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। उन्होंने मांग की कि जींद और सफीदों की सीवरेज व ड्रेनेज व्यवस्था में जल्द सुधार कर लोगों को राहत दी जाए।
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सांसद ने कहा कि जींद और सफीदों के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार सीवरेज ओवरफ्लो की शिकायतें मिल रही हैं लेकिन संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि लोगों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान नहीं होने से आमजन भारी परेशानी झेल रहे हैं।
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पत्र में सांसद ने बताया कि अमरूत योजना के तहत बिछाई गई कई सीवरेज लाइनों में तकनीकी खामियां हैं, जिसके कारण सीवर का गंदा पानी बैक मारता है। बाहरी क्षेत्रों में सेप्टिक टैंकों की गाद के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था नहीं है जिससे गंदगी खुले नालों और खेतों में डाली जा रही है। इसके अलावा शहर में उत्पन्न होने वाले सीवेज की तुलना में शोधन क्षमता भी काफी कम है, जिससे पर्यावरण और भूजल प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है।
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सतपाल ब्रह्मचारी ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारी बैठकों तक सीमित हैं, जबकि धरातल पर समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। उन्होंने मांग की कि जींद और सफीदों की सीवरेज व ड्रेनेज व्यवस्था में जल्द सुधार कर लोगों को राहत दी जाए।