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Jind News: चमकती लाइटों के पीछे छिपा खतरा, खुले पड़े हैं बिजली बॉक्स, हादसे का इंतजार?
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31जेएनडी14,15: शहर के गोहाना रोड पर लगी स्ट्रीट लाइटों के खुले बाक्स में लटक रहे बिजली के नंगे
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जींद। शहर में स्ट्रीट लाइटों के खुले बिजली बॉक्स राहगीरों के लिए खतरा बन गए हैं। रानी तालाब से पिंडारा फ्लाईओवर तक डिवाइडर पर लगे 100 से अधिक स्ट्रीट लाइट खंभों के मेन बॉक्स बिना ढक्कन के खुले पड़े हैं। कई स्थानों पर खुले तार दिखाई दे रहे हैं और तारों को जोड़कर बिना इंसुलेशन टेप लगाए छोड़ दिया गया है।
ऐसे में बरसात के मौसम में बारिश का पानी इन बॉक्सों में पहुंचने से करंट फैलने और डिवाइडर पर लगी लोहे की रेलिंग में करंट आने की आशंका है। यह मार्ग शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। दिनभर यहां से हजारों वाहन और पैदल राहगीर गुजरते हैं।
बारिश के दौरान यदि खुले बॉक्स में करंट उतरता है तो बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद नगर परिषद और संबंधित ठेकेदार इस गंभीर लापरवाही को दूर करने की दिशा में कोई प्रभावी कदम उठाते नजर नहीं आ रहे हैं।
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हाल ही में चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय परिसर में बारिश के दौरान खुले बिजली ढांचे में करंट आने से महेंद्रगढ़ निवासी पीएचडी शोध छात्रा की मौत का मामला सामने आया था। इस घटना के बावजूद शहर में खुले पड़े बिजली बॉक्सों की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। स्थानीय लोग भी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
डिवाइडर पर लगे स्ट्रीट लाइट खंभों के खुले बॉक्स कोई नई समस्या नहीं हैं। यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है। कई बॉक्सों के ढक्कन गायब हैं जबकि कुछ पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। कई जगह बिजली के तार खुले होने के कारण मामूली चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है। जिम्मेदार इस सममस्या से अनजान बने हुए हैं।
-राजकुमार गोयल, समाजसेवी
बॉक्स
नगर परिषद ने शहर की स्ट्रीट लाइटों के संचालन और रखरखाव का कार्य निजी ठेकेदार को सौंप रखा है। इसके बावजूद नियमित निरीक्षण और मरम्मत नहीं की जा रही। साफ है कि ठेकेदार अपनी जिम्मेदारी का समुचित निर्वहन नहीं कर रहा। कार्य की निगरानी करने वाले संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही पर भी सवाल उठ रहे हैं। -सावर गर्ग, व्यापारी
बॉक्स
खुले बिजली बॉक्सों को तुरंत बंद करना, क्षतिग्रस्त ढक्कन बदलना, खुले तारों की सुरक्षित इंसुलेशन करना और नियमित निरीक्षण कराना आवश्यक है। बरसात के मौसम में बिजली संबंधी ढांचों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। इन सड़कों पर आमजन ही नहीं रात को बेसहारा पशुओं की भी भरमार रहती है। यह भी इनकी चपेट में आ सकते हैं। -महावीर कंप्यूटर, व्यापारी
बॉक्स
गोहाना रोड के अलावा शहर में जहां भी स्ट्रीट लाइट के बिजली बॉक्स खुले हैं या तारों पर इंसुलेशन टेप नहीं लगी है उन्हें जल्द ठीक करवाया जाएगा। इसके लिए संबंधित ठेकेदार को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। किसी भी प्रकार की दुर्घटना से पहले सुरक्षा के सभी इंतजाम सुनिश्चित करना जरूरी है।- सुशील भुक्कल, ईओ, नगर परिषद जींद
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ऐसे में बरसात के मौसम में बारिश का पानी इन बॉक्सों में पहुंचने से करंट फैलने और डिवाइडर पर लगी लोहे की रेलिंग में करंट आने की आशंका है। यह मार्ग शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। दिनभर यहां से हजारों वाहन और पैदल राहगीर गुजरते हैं।
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बारिश के दौरान यदि खुले बॉक्स में करंट उतरता है तो बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद नगर परिषद और संबंधित ठेकेदार इस गंभीर लापरवाही को दूर करने की दिशा में कोई प्रभावी कदम उठाते नजर नहीं आ रहे हैं।
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हाल ही में चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय परिसर में बारिश के दौरान खुले बिजली ढांचे में करंट आने से महेंद्रगढ़ निवासी पीएचडी शोध छात्रा की मौत का मामला सामने आया था। इस घटना के बावजूद शहर में खुले पड़े बिजली बॉक्सों की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। स्थानीय लोग भी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
डिवाइडर पर लगे स्ट्रीट लाइट खंभों के खुले बॉक्स कोई नई समस्या नहीं हैं। यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है। कई बॉक्सों के ढक्कन गायब हैं जबकि कुछ पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। कई जगह बिजली के तार खुले होने के कारण मामूली चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है। जिम्मेदार इस सममस्या से अनजान बने हुए हैं।
-राजकुमार गोयल, समाजसेवी
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नगर परिषद ने शहर की स्ट्रीट लाइटों के संचालन और रखरखाव का कार्य निजी ठेकेदार को सौंप रखा है। इसके बावजूद नियमित निरीक्षण और मरम्मत नहीं की जा रही। साफ है कि ठेकेदार अपनी जिम्मेदारी का समुचित निर्वहन नहीं कर रहा। कार्य की निगरानी करने वाले संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही पर भी सवाल उठ रहे हैं। -सावर गर्ग, व्यापारी
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खुले बिजली बॉक्सों को तुरंत बंद करना, क्षतिग्रस्त ढक्कन बदलना, खुले तारों की सुरक्षित इंसुलेशन करना और नियमित निरीक्षण कराना आवश्यक है। बरसात के मौसम में बिजली संबंधी ढांचों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। इन सड़कों पर आमजन ही नहीं रात को बेसहारा पशुओं की भी भरमार रहती है। यह भी इनकी चपेट में आ सकते हैं। -महावीर कंप्यूटर, व्यापारी
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गोहाना रोड के अलावा शहर में जहां भी स्ट्रीट लाइट के बिजली बॉक्स खुले हैं या तारों पर इंसुलेशन टेप नहीं लगी है उन्हें जल्द ठीक करवाया जाएगा। इसके लिए संबंधित ठेकेदार को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। किसी भी प्रकार की दुर्घटना से पहले सुरक्षा के सभी इंतजाम सुनिश्चित करना जरूरी है।- सुशील भुक्कल, ईओ, नगर परिषद जींद

31जेएनडी14,15: शहर के गोहाना रोड पर लगी स्ट्रीट लाइटों के खुले बाक्स में लटक रहे बिजली के नंगे - फोटो : 1