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मोदी रैली में सिर्फ दो मंत्री मंच पर रहेंगे साथ: बाकी जिलों से वर्चुअली जुड़ेंगे; पेट्रोल-डीजल वाहनों पर ब्रेक
Wed, 15 Jul 2026 10:08 AM IST
Naveen
आशीष वर्मा, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, चंडीगढ़
Published by: Naveen
Updated Wed, 15 Jul 2026 10:08 AM IST
सार
जींद में मोदी की रैली के लिए जनसभा स्थल पर मुख्य मंच का निर्माण पूरा कर लिया गया है। यह मंच 36 फीट चौड़ा, 96 फीट लंबा और आठ फीट ऊंचा है। जनसभा स्थल पर वीआईपी, जनप्रतिनिधियों, आमजन और मीडिया के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
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पीएम मोदी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जींद में 17 जुलाई को होने वाली रैली को इको फ्रेंडली बनाने के लिए भीड़ को सीमित रखा गया है। सरकार का मकसद है कि रैली भी यादगार हो और प्रदूषण भी कम हो। पेट्रोल-डीजल की कम खपत हो। प्रदेश के केवल दो ही मंत्री मोद की साथ मंच पर होंगे। बाकी जिलों से वर्चुअली जुड़ेंगे।
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रैली स्थल पर भीड़ को सीमित रखा गया है। केवल 26 विधानसभा क्षेत्रों के लोग ही रैली में पहुंचेंगे। बाकी जिलों के लोग अपने-अपने जिला मुख्यालयों पर बड़ी स्क्रीन के माध्यम से रैली का सीधा प्रसारण देखेंगे। सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा और समाज कल्याण मंत्री कृष्ण कुमार बेदी रैली ही स्थल पर उपस्थित रहेंगे। अन्य मंत्री अपने-अपने जिला मुख्यालयों पर रहकर वहां से रैली में जुड़ेंगे।
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पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से बिगड़े हालात की वजह से पीएम मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील की थी। इसी को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने इस रैली को इको फ्रेंडली बनाने की कोशिश की है। इसी वजह से भाजपा ने अपने सभी कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों से अपील की है कि वे रैली स्थल पर पेट्रोल-डीजल के वाहन न लाएं। जींद और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले लोगों को पैदल या साइकिल से आने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। दूसरे जिलों से आने वाले लोगों के लिए इलेक्ट्रिक बसों और सीएनजी बसों की व्यवस्था की जा रही है।
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17 जुलाई को सभी मंत्री अपने निर्धारित जिला मुख्यालयों पर रहेंगे और वहीं से कार्यक्रम की निगरानी करेंगे। भाजपा का मानना है कि इस व्यवस्था से एक ओर जहां अधिक से अधिक लोगों तक रैली का संदेश पहुंचेगा, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी जाएगा। भाजपा और सरकार इस रैली को संगठन और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के बड़े मंच के रूप में देख रही है। इको फ्रेंडली आयोजन के जरिए पार्टी एक नया संदेश देने की कोशिश कर रही है कि बड़े राजनीतिक कार्यक्रम भी पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी के साथ आयोजित किए जा सकते हैं।
वीआईपी क्षेत्र में 4000 लोग बैठेंगे, सोफे व एसी लगे
जनसभा स्थल पर मुख्य मंच का निर्माण पूरा कर लिया गया है। यह मंच 36 फीट चौड़ा, 96 फीट लंबा और आठ फीट ऊंचा है। जनसभा स्थल पर वीआईपी, जनप्रतिनिधियों, आमजन और मीडिया के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आम लोगों के लिए छह गैलरियों में कुर्सियां लगाई गई हैं। पंडाल में 22 एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई हैं। वीआईपी मंच और वीआईपी क्षेत्र में लगे सोफों पर लगभग 4000 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। एयर कंडीशनर भी लगाए गए हैं। संवाद
जींद व गोहाना बस स्टैंड पर ई-व्हीकल चार्जिंग हब
मंगलवार को कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा व प्रधान मुख्य सचिव राजेश खुल्लर ने रैली स्थल का दौरा किया और तैयारियों का जायजा लिया। राजेश खुल्लर ने नए बस स्टैंड के सामने खुले मैदान में अतिरिक्त पार्किंग विकसित करने का सुझाव दिया। चार्जिंग प्वाइंट्स बढ़ाने के निर्देश दिए। गोहाना बस अड्डे पर भी ई-बस चार्जिंग हब बनेगा। 250-250 केवी की दो हाई-पावर चार्जिंग यूनिट स्थापित होंगी। बाहर से आने वाली इलेक्ट्रिक बसों को सुविधा मिलेगी।
फिट होकर जींद पहुंची हाइड्रोजन ट्रेन, फूलों से सजेगी
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन तकनीकी परीक्षण के बाद मंगलवार को शकूरबस्ती रेलवे वर्कशॉप से जींद आ गई है। अब बस इंतजार 17 जुलाई का है जब प्रधानमंत्री इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
उद्घाटन से पहले ट्रेन को विभिन्न प्रकार के फूलों से सजाया जाएगा। ट्रेन के इंजन समेत सभी कोचों की फूलों की सजावट की जाएगी। इसके लिए गेंदा, रजनीगंधा, ऑर्किड और अन्य रंग-बिरंगे फूलों का उपयोग किया जाएगा। रेलवे के तकनीकी कर्मचारी उद्घाटन से पहले सभी प्रणालियों का अंतिम परीक्षण करेंगे जिससे कि संचालन के दौरान किसी प्रकार की समस्या न आए।