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Jind News: पानी के लिए सड़क पर उतरे ग्रामीण महिलाओं ने मटके फोड़ जताया विरोध
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फोटो 9 नरवाना। खाली मटके फोड़ती ग्रामीण महिलाएं। स्रोत ग्रामीण।
- फोटो : Infections on the rise among people due to the change in weather
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नरवाना। दनौदा कलां और दनौदा खुर्द गांवों में लंबे समय से चले आ रहे पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर करीब 30 मिनट तक जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने मटके फोड़कर नाराजगी जताई।
जाम के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने के बाद जन स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस और अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की मांग पर अड़े रहे।
ग्रामीण सत्यवान, रघुवीर, मनदीप, जय भगवान, लीला, कमलेश, कांता और रीना का कहना था कि एक वर्ष से गांव में पानी की समस्या बनी हुई है। नहर में पर्याप्त पानी नहीं आने के कारण जलघरों तक आपूर्ति प्रभावित हो रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
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ग्रामीणों ने बताया कि कई-कई दिन बाद केवल थोड़े समय के लिए बोरवेल का खारा पानी मिलता है जिससे घरेलू जरूरतें पूरी नहीं हो पातीं। उनका आरोप है कि बोरवेल के पानी का टीडीएस करीब 1100 है जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने ट्यूबवेल का खारा पानी बंद करने, बडनपुर से नई पाइपलाइन बिछाने, जर्जर पाइपलाइन बदलने, न्यू सच्चा खेड़ा माइनर में पर्याप्त पानी छोड़ने और दनौदा खुर्द बूस्टर की क्षमता बढ़ाने सहित कई मांगें रखीं।
समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक पेयजल समस्या के स्थायी समाधान का ठोस आश्वासन नहीं मिलेगा तब तक जाम नहीं खोला जाएगा। इसके बाद अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई। प्रशासन की ओर से मांगों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया और यातायात व्यवस्था बहाल हो सकी। इस दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन करेंगे।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
ट्यूबवेल का खारा पानी बंद किया जाए।
बडनपुर से नई पाइपलाइन बिछाई जाए।
जर्जर पाइपलाइन बदलकर बड़ी क्षमता की नई लाइन डाली जाए।
न्यू सच्चा खेड़ा माइनर में एक सप्ताह तक अधिक पानी छोड़ा जाए।
दनौदा खुर्द के बूस्टर की क्षमता बढ़ाई जाए।
अलग-अलग गांवों के लिए अलग जलापूर्ति लाइन बनाई जाए।
अवैध कमर्शियल कनेक्शन बंद किए जाएं।
गांव के अंतिम घर तक पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
वर्जन
जलघर में पर्याप्त पानी नहीं होने से आपूर्ति प्रभावित हुई थी। ग्रामीणों की मांग के अनुसार न्यू सच्चा खेड़ा माइनर में अधिक पानी छोड़ने का आश्वासन दिया है ताकि जलघरों के टैंक भर सकें और गांवों में नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल हो सके। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा। –अनुभव, एसडीओ, सिंचाई विभाग नरवाना।
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जाम के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने के बाद जन स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस और अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की मांग पर अड़े रहे।
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ग्रामीण सत्यवान, रघुवीर, मनदीप, जय भगवान, लीला, कमलेश, कांता और रीना का कहना था कि एक वर्ष से गांव में पानी की समस्या बनी हुई है। नहर में पर्याप्त पानी नहीं आने के कारण जलघरों तक आपूर्ति प्रभावित हो रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
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ग्रामीणों ने बताया कि कई-कई दिन बाद केवल थोड़े समय के लिए बोरवेल का खारा पानी मिलता है जिससे घरेलू जरूरतें पूरी नहीं हो पातीं। उनका आरोप है कि बोरवेल के पानी का टीडीएस करीब 1100 है जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने ट्यूबवेल का खारा पानी बंद करने, बडनपुर से नई पाइपलाइन बिछाने, जर्जर पाइपलाइन बदलने, न्यू सच्चा खेड़ा माइनर में पर्याप्त पानी छोड़ने और दनौदा खुर्द बूस्टर की क्षमता बढ़ाने सहित कई मांगें रखीं।
समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक पेयजल समस्या के स्थायी समाधान का ठोस आश्वासन नहीं मिलेगा तब तक जाम नहीं खोला जाएगा। इसके बाद अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई। प्रशासन की ओर से मांगों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया और यातायात व्यवस्था बहाल हो सकी। इस दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन करेंगे।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
ट्यूबवेल का खारा पानी बंद किया जाए।
बडनपुर से नई पाइपलाइन बिछाई जाए।
जर्जर पाइपलाइन बदलकर बड़ी क्षमता की नई लाइन डाली जाए।
न्यू सच्चा खेड़ा माइनर में एक सप्ताह तक अधिक पानी छोड़ा जाए।
दनौदा खुर्द के बूस्टर की क्षमता बढ़ाई जाए।
अलग-अलग गांवों के लिए अलग जलापूर्ति लाइन बनाई जाए।
अवैध कमर्शियल कनेक्शन बंद किए जाएं।
गांव के अंतिम घर तक पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
वर्जन
जलघर में पर्याप्त पानी नहीं होने से आपूर्ति प्रभावित हुई थी। ग्रामीणों की मांग के अनुसार न्यू सच्चा खेड़ा माइनर में अधिक पानी छोड़ने का आश्वासन दिया है ताकि जलघरों के टैंक भर सकें और गांवों में नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल हो सके। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा। –अनुभव, एसडीओ, सिंचाई विभाग नरवाना।

फोटो 9 नरवाना। खाली मटके फोड़ती ग्रामीण महिलाएं। स्रोत ग्रामीण।- फोटो : Infections on the rise among people due to the change in weather

फोटो 9 नरवाना। खाली मटके फोड़ती ग्रामीण महिलाएं। स्रोत ग्रामीण।- फोटो : Infections on the rise among people due to the change in weather