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Jind News: सरपंच एसोसिएशन ने मासूम शर्मा को दिया तीन दिन का अल्टीमेटम
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 27 Feb 2026 12:23 AM IST
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26जेएनडी39: हैबतपुर गांव में सरपंच एसोसिएशन की बैठक में मौजूद सरपंच। स्रोत : सरपंच
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जींद। सरपंच एसोसिएशन हरियाणा ने मासूम शर्मा की मुसीबतों को बढ़ा दी हैं। हैबतपुर में सरपंच एसोसिएशन की हुई प्रदेश स्तरीय बैठक में तीन दिन में मासूम शर्मा को सरपंचों से माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया है। यदि माफी नहीं मांगी तो वह ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्यक्रमों का बहिष्कार करेंगे।
एसोसिएशन के प्रदेश प्रधान रणबीर समैन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि गांवों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों, चौकीदारों, नल-चालकों और पंचायत सहायकों का वेतन बढ़ाया जाए ताकि वे ग्राम पंचायतों के कार्यों में और अधिक सक्रिय सहयोग दे सकें। इसके अलावा ग्राम सचिवों से संबंधित व्यवस्थाओं में सुधार की मांग भी उठाई गई है।
केंद्र व राज्य सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को दी जाने वाली राशि, विशेषकर वित्त आयोग और अन्य मदों के तहत मिलने वाले फंड, समय पर जारी किए जाने की बात कही गई है। एसोसिएशन का कहना है कि फंड में देरी के कारण विकास कार्य प्रभावित होते हैं, जिससे गांवों के सुनियोजित विकास में बाधा आती है।
पंचायतों को उपलब्ध करवाई गई पुलिस सेवाओं के दुरुपयोग पर चिंता जताई गई है। एसोसिएशन ने कहा कि ग्राम स्तर पर पुलिस सहयोग की व्यवस्था स्पष्ट और पारदर्शी होनी चाहिए ताकि अनावश्यक दबाव या गलत उपयोग की स्थिति न बने। सरपंच एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा तक मांगों पर अमल नहीं हुआ तो प्रदेश की ग्राम पंचायतें सार्वजनिक स्थलों पर होने वाले सरकारी कार्यक्रमों में भाग नहीं लेंगी। एसोसिएशन ने सरकार से शीघ्र वार्ता कर समाधान निकालने की अपील की है।
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एसोसिएशन के प्रदेश प्रधान रणबीर समैन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि गांवों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों, चौकीदारों, नल-चालकों और पंचायत सहायकों का वेतन बढ़ाया जाए ताकि वे ग्राम पंचायतों के कार्यों में और अधिक सक्रिय सहयोग दे सकें। इसके अलावा ग्राम सचिवों से संबंधित व्यवस्थाओं में सुधार की मांग भी उठाई गई है।
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केंद्र व राज्य सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को दी जाने वाली राशि, विशेषकर वित्त आयोग और अन्य मदों के तहत मिलने वाले फंड, समय पर जारी किए जाने की बात कही गई है। एसोसिएशन का कहना है कि फंड में देरी के कारण विकास कार्य प्रभावित होते हैं, जिससे गांवों के सुनियोजित विकास में बाधा आती है।
पंचायतों को उपलब्ध करवाई गई पुलिस सेवाओं के दुरुपयोग पर चिंता जताई गई है। एसोसिएशन ने कहा कि ग्राम स्तर पर पुलिस सहयोग की व्यवस्था स्पष्ट और पारदर्शी होनी चाहिए ताकि अनावश्यक दबाव या गलत उपयोग की स्थिति न बने। सरपंच एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा तक मांगों पर अमल नहीं हुआ तो प्रदेश की ग्राम पंचायतें सार्वजनिक स्थलों पर होने वाले सरकारी कार्यक्रमों में भाग नहीं लेंगी। एसोसिएशन ने सरकार से शीघ्र वार्ता कर समाधान निकालने की अपील की है।