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Jind News: ड्रॉपआउट बच्चों को वापस स्कूल लाने के लिए घर-घर दस्तक दे रहे शिक्षक
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09जेएनडी06: बच्चों के साथ जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ। संवाद
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जींद। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने जिले में प्रवेश उत्सव और नामांकन अभियान की शुरुआत की है। 23 मार्च से 20 अप्रैल तक चलने वाले अभियान का मुख्य उद्देश्य ड्रॉपआउट बच्चों को वापस स्कूल लाना है।
अभियान को सफल बनाने के लिए स्कूल, क्लस्टर, ब्लॉक और जिलास्तर पर विशेष टीमों का गठन किया गया है। शिक्षक और स्वयंसेवक घर-घर जाकर उन बच्चों की पहचान कर रहे हैं जिन्होंने किसी कारणवश पढ़ाई छोड़ दी है।
स्कूल प्रबंधन समितियों की बैठकें बुलाई जा रही हैं ताकि नामांकन प्रक्रिया में स्थानीय समुदाय और अभिभावकों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। प्रत्येक विद्यालय में विशेष नामांकन शिविर लगाए जा रहे हैं जहां नए विद्यार्थियों का मौके पर ही पंजीकरण किया जा रहा है।
अभियान की प्रगति को लेकर विभाग ने सख्त समय सीमा निर्धारित की है। सभी स्कूलों ने 31 मार्च की स्थिति के अनुसार ड्रॉपआउट बच्चों की सूची तैयार कर ली है। विभाग ने पांच अप्रैल तक शत-प्रतिशत नामांकन पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद, दस अप्रैल तक सभी स्कूलों को अपनी रिपोर्ट क्लस्टर स्तर पर जमा करनी होगी।
20 अप्रैल तक जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक अपनी अंतिम रिपोर्ट मुख्यालय को भेजेंगे। अभियान को जन-आंदोलन बनाने के लिए जागरूकता रैलियां निकाली जा रही हैं। सोशल मीडिया, पोस्टर और बैनरों के माध्यम से शिक्षा के महत्त्व का प्रचार किया जा रहा है। इसमें पंचायत प्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संगठनों को भी जोड़ा गया है।
वर्जन
हरियाणा सरकार का यह कदम शिक्षा के अधिकार अधिनियम को और अधिक प्रभावी बनाएगा। इस मुहिम से न केवल नामांकन बढ़ेगा बल्कि समाज के सबसे वंचित वर्ग के बच्चों को भी मुख्यधारा की शिक्षा से जुड़ने का समान अवसर प्राप्त होगा। -राजेश वशिष्ठ, जिला समन्वयक एफएलएन
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अभियान को सफल बनाने के लिए स्कूल, क्लस्टर, ब्लॉक और जिलास्तर पर विशेष टीमों का गठन किया गया है। शिक्षक और स्वयंसेवक घर-घर जाकर उन बच्चों की पहचान कर रहे हैं जिन्होंने किसी कारणवश पढ़ाई छोड़ दी है।
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स्कूल प्रबंधन समितियों की बैठकें बुलाई जा रही हैं ताकि नामांकन प्रक्रिया में स्थानीय समुदाय और अभिभावकों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। प्रत्येक विद्यालय में विशेष नामांकन शिविर लगाए जा रहे हैं जहां नए विद्यार्थियों का मौके पर ही पंजीकरण किया जा रहा है।
अभियान की प्रगति को लेकर विभाग ने सख्त समय सीमा निर्धारित की है। सभी स्कूलों ने 31 मार्च की स्थिति के अनुसार ड्रॉपआउट बच्चों की सूची तैयार कर ली है। विभाग ने पांच अप्रैल तक शत-प्रतिशत नामांकन पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद, दस अप्रैल तक सभी स्कूलों को अपनी रिपोर्ट क्लस्टर स्तर पर जमा करनी होगी।
20 अप्रैल तक जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक अपनी अंतिम रिपोर्ट मुख्यालय को भेजेंगे। अभियान को जन-आंदोलन बनाने के लिए जागरूकता रैलियां निकाली जा रही हैं। सोशल मीडिया, पोस्टर और बैनरों के माध्यम से शिक्षा के महत्त्व का प्रचार किया जा रहा है। इसमें पंचायत प्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संगठनों को भी जोड़ा गया है।
वर्जन
हरियाणा सरकार का यह कदम शिक्षा के अधिकार अधिनियम को और अधिक प्रभावी बनाएगा। इस मुहिम से न केवल नामांकन बढ़ेगा बल्कि समाज के सबसे वंचित वर्ग के बच्चों को भी मुख्यधारा की शिक्षा से जुड़ने का समान अवसर प्राप्त होगा। -राजेश वशिष्ठ, जिला समन्वयक एफएलएन