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Haryana: रंग-गुलाल फैक्टरी हादसे में दो और महिलाओं की मौत, मृतकों की संख्या पहुंची छह
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Mon, 09 Mar 2026 10:40 AM IST
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सार
हादसे के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। अवैध रूप से चल रही फैक्टरियों पर कार्रवाई के लिए जांच कमेटी बनाने की बात कही है। यह कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी।
विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद
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विस्तार
सफीदों क्षेत्र की भाट कॉलोनी में रंग-गुलाल बनाने वाली फैक्टरी में लगी भीषण आग में झुलसी दो और महिलाओं ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। इसके साथ ही मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। मृतकों में सफीदों निवासी 40 वर्षीय सरिता और 55 वर्षीय धनपति शामिल हैं।
शनिवार को भाट कॉलोनी में किराए के मकान में चल रही रंग-गुलाल बनाने की फैक्टरी में अचानक भीषण आग लग गई थी। आग लगने के समय फैक्टरी के अंदर कई मजदूर काम कर रहे थे। शुरुआती हादसे में चार महिलाओं की घटना के दिन ही मौत हो गई थी जबकि कई मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे।
घायलों को नागरिक अस्पताल और बाद में गंभीर रूप से झुलसे लोगों को रोहतक पीजीआई रेफर किया गया था। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और कॉलोनी के लोग अब भी सहमे हुए हैं। रिहायशी इलाके में इस तरह की फैक्टरी चलने से हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है।
हादसे के बाद जागा प्रशासन
हादसे के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। अवैध रूप से चल रही फैक्टरियों पर कार्रवाई के लिए जांच कमेटी बनाने की बात कही है। यह कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करेगी। सोमवार को डीसी मोहम्मद रजा कमेटी में अधिकारियों की ड्यूटी लगाएंगे।
अवैध फैक्टरी का बिछा है जाल
सफीदों शहर में अवैध फैक्टरियों का जाल फैला हुआ है। लगभग हर कॉलोनी में दो से तीन छोटी-बड़ी फैक्टरियां चल रही हैं। इनमें सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता। कई फैक्टरियां किराए के मकानों में ही संचालित की जा रही हैं जिससे आसपास के लोगों की जान को खतरा बना रहता है। अब सभी कॉलोनियों में चल रही अवैध फैक्टरियों को लेकर लोगों में दहशत है। इन लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध तरीके से चल रही फैक्टरियों पर कार्रवाई हो।
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शनिवार को भाट कॉलोनी में किराए के मकान में चल रही रंग-गुलाल बनाने की फैक्टरी में अचानक भीषण आग लग गई थी। आग लगने के समय फैक्टरी के अंदर कई मजदूर काम कर रहे थे। शुरुआती हादसे में चार महिलाओं की घटना के दिन ही मौत हो गई थी जबकि कई मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे।
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घायलों को नागरिक अस्पताल और बाद में गंभीर रूप से झुलसे लोगों को रोहतक पीजीआई रेफर किया गया था। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और कॉलोनी के लोग अब भी सहमे हुए हैं। रिहायशी इलाके में इस तरह की फैक्टरी चलने से हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है।
हादसे के बाद जागा प्रशासन
हादसे के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। अवैध रूप से चल रही फैक्टरियों पर कार्रवाई के लिए जांच कमेटी बनाने की बात कही है। यह कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करेगी। सोमवार को डीसी मोहम्मद रजा कमेटी में अधिकारियों की ड्यूटी लगाएंगे।
अवैध फैक्टरी का बिछा है जाल
सफीदों शहर में अवैध फैक्टरियों का जाल फैला हुआ है। लगभग हर कॉलोनी में दो से तीन छोटी-बड़ी फैक्टरियां चल रही हैं। इनमें सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता। कई फैक्टरियां किराए के मकानों में ही संचालित की जा रही हैं जिससे आसपास के लोगों की जान को खतरा बना रहता है। अब सभी कॉलोनियों में चल रही अवैध फैक्टरियों को लेकर लोगों में दहशत है। इन लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध तरीके से चल रही फैक्टरियों पर कार्रवाई हो।
चार पर एफआईआर दर्ज कर पूछताछ जारी
पुलिस ने इस मामले में सफीदों निवासी राकेश, देवेंद्र, सत्यनारायण, रामकर्ण के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में एक आरोपी राकेश को गिरफ्तार कर लिया है जबकि चार अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि फैक्टरी किसकी देखरेख में चल रही थी और सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए थे।
इन धाराओं के तहत हुई एफआईआर
भारतीय न्याय संहिता के तहत फैक्टरी संचालकों पर बीएनएस 16, 23, 106, 125, 143(3),287, 288, 5 के तहत एफआईआर दर्ज की है। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने कुरड़ गांव में भी रंग-गुलाल का एक गोदाम बना रखा था। पुलिस ने उस गोदाम को भी सील कर दिया है। वहीं घटना स्थल से पुलिस ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं और फैक्टरी को फिलहाल ताला लगाकर बंद कर दिया गया है। - कुलदीप सिंह, एसपी, जींद
प्रशासन पर बनाया जा रहा दबाव
अब सामाजिक संगठन व राजनीतिक दलों ने प्रशासन पर दबाव बनाया है कि अगर पहले ही इन अवैध इकाइयों पर कार्रवाई की गई होती तो शायद इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था। अब लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन इस मामले में सख्ती दिखाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस ने इस मामले में सफीदों निवासी राकेश, देवेंद्र, सत्यनारायण, रामकर्ण के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में एक आरोपी राकेश को गिरफ्तार कर लिया है जबकि चार अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि फैक्टरी किसकी देखरेख में चल रही थी और सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए थे।
इन धाराओं के तहत हुई एफआईआर
भारतीय न्याय संहिता के तहत फैक्टरी संचालकों पर बीएनएस 16, 23, 106, 125, 143(3),287, 288, 5 के तहत एफआईआर दर्ज की है। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने कुरड़ गांव में भी रंग-गुलाल का एक गोदाम बना रखा था। पुलिस ने उस गोदाम को भी सील कर दिया है। वहीं घटना स्थल से पुलिस ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं और फैक्टरी को फिलहाल ताला लगाकर बंद कर दिया गया है। - कुलदीप सिंह, एसपी, जींद
प्रशासन पर बनाया जा रहा दबाव
अब सामाजिक संगठन व राजनीतिक दलों ने प्रशासन पर दबाव बनाया है कि अगर पहले ही इन अवैध इकाइयों पर कार्रवाई की गई होती तो शायद इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था। अब लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन इस मामले में सख्ती दिखाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।