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Kaithal News: 10 रेहड़ी वाले गांव लौटे, ढाबा संचालकों पर भी रोज़ी-रोटी का संकट
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 22 Mar 2026 01:06 AM IST
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कैथल-करनाल रोड पर स्थित गैस एजेंसी के बाहर लगी उपभोक्ताओं की भीड़।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। गैस सिलिंडर की किल्लत ने दुकानदारों, ढाबा संचालकों और रेहड़ी-फड़ी वालों की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। सिलिंडर न मिलने के कारण 10 से अधिक रेहड़ी संचालक अब काम ठप होने की वजह से गांव लौट चुके हैं।
शहर में करीब 120 रेहड़ी वाले हैं, जो फास्ट फूड का काम करते हैं। इनमें से कई यूपी और बिहार के हैं। सिलिंडर न मिलने से रेहड़ी संचालकों के काम बंद हो गए हैं वहीं ढाबा संचालकों को भी संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मेन्यू में सब्जियों की संख्या कम कर दी है और उधार सिलिंडर लेकर काम चला रहे हैं।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अनुसार, जिले में शनिवार को 6368 उपभोक्ताओं को घरेलू सिलिंडर वितरित किए गए। अभी भी 4029 सिलिंडर स्टॉक में हैं। वहीं 50 सिलिंडर रोजाना तय कोटे के अनुसार अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और शादी के लिए दिए जा रहे हैं।
बड़े ऑर्डर संभालना मुश्किल : कैथल-करनाल रोड स्थित केटरर अशोक कुमार ने कहा कि गैस के बिना बड़े ऑर्डर संभालना संभव नहीं है। समय पर सिलिंडर न मिलने से हमारी साख भी प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को कैटरर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने उपायुक्त के नाम डीआरओ को मांग पत्र सौंपा। उनकी मांग है कि कैटरर्स को महीने में कम से कम 15-20 सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएँ। स्थानीय व्यापारियों ने सरकार से इस समस्या का समाधान निकालने की अपील की है।
डीएफएससी वरिंद्र कुमार ने बताया कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है। कमर्शियल सिलिंडर तय कोटे के अनुसार उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
लोगों की परेशानी, उन्हीं की जुबानी
भट्टी जलाकर काम चला रहा हूं
गैस सिलिंडर नहीं मिलने के कारण मुझे मजबूरन लकड़ी की भट्टी जलाकर काम करना पड़ रहा है। मेरे पास अब सिर्फ एक कमर्शियल सिलिंडर बचा है। अगर यह भी खत्म हो गया तो मुझे ग्राहकों को वापस भेजना पड़ेगा। -बलवान शर्मा, दुकानदार, पिहोवा चौक
लाइन में लगा पर नहीं मिल रहा
मुझे हर दिन सुबह पांच बजे एजेंसी पर लाइन में लगना पड़ता है, लेकिन इसके बावजूद सिलिंडर नहीं मिलता। कभी स्टॉक खत्म होने का बहाना, तो कभी सप्लाई न आने की बात कह दी जाती है, जिससे समय-पैसा बर्बाद हो रहे हैं। -विशाल, कैफे संचालक
रेहड़ी बंद करनी पड़ेगी
छह दिनों से पड़ोसी से सिलिंडर मांगकर काम चला रहा हूं। जो सिलिंडर लगा है, उसके खत्म होने पर मजबूरन रेहड़ी बंद करनी पड़ेगी। -अमन, रेहड़ी संचालक, कमेटी चौक
पूरी तरह ठप हो रहा व्यापार
मेरे ढाबे पर रोजाना 20-30 ग्राहक आते हैं, लेकिन गैस सिलिंडर न होने के कारण उन्हें खाना नहीं दे पा रहा हूं। हालात ऐसे हैं कि जिले में कई रेहड़ी संचालक भी काम छोड़ चुके हैं। -शिवम, ढाबा संचालक
एलपीजी गैस की आपूर्ति सामान्य है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। आमजन किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। सभी गैस एजेंसियों पर िसलिंडर उपलब्ध हैं और वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। विशेष जरूरतों के लिए भी अलग से गैस आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। -अपराजिता, उपायुक्त।
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कैथल। गैस सिलिंडर की किल्लत ने दुकानदारों, ढाबा संचालकों और रेहड़ी-फड़ी वालों की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। सिलिंडर न मिलने के कारण 10 से अधिक रेहड़ी संचालक अब काम ठप होने की वजह से गांव लौट चुके हैं।
शहर में करीब 120 रेहड़ी वाले हैं, जो फास्ट फूड का काम करते हैं। इनमें से कई यूपी और बिहार के हैं। सिलिंडर न मिलने से रेहड़ी संचालकों के काम बंद हो गए हैं वहीं ढाबा संचालकों को भी संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मेन्यू में सब्जियों की संख्या कम कर दी है और उधार सिलिंडर लेकर काम चला रहे हैं।
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खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अनुसार, जिले में शनिवार को 6368 उपभोक्ताओं को घरेलू सिलिंडर वितरित किए गए। अभी भी 4029 सिलिंडर स्टॉक में हैं। वहीं 50 सिलिंडर रोजाना तय कोटे के अनुसार अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और शादी के लिए दिए जा रहे हैं।
बड़े ऑर्डर संभालना मुश्किल : कैथल-करनाल रोड स्थित केटरर अशोक कुमार ने कहा कि गैस के बिना बड़े ऑर्डर संभालना संभव नहीं है। समय पर सिलिंडर न मिलने से हमारी साख भी प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को कैटरर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने उपायुक्त के नाम डीआरओ को मांग पत्र सौंपा। उनकी मांग है कि कैटरर्स को महीने में कम से कम 15-20 सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएँ। स्थानीय व्यापारियों ने सरकार से इस समस्या का समाधान निकालने की अपील की है।
डीएफएससी वरिंद्र कुमार ने बताया कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है। कमर्शियल सिलिंडर तय कोटे के अनुसार उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
लोगों की परेशानी, उन्हीं की जुबानी
भट्टी जलाकर काम चला रहा हूं
गैस सिलिंडर नहीं मिलने के कारण मुझे मजबूरन लकड़ी की भट्टी जलाकर काम करना पड़ रहा है। मेरे पास अब सिर्फ एक कमर्शियल सिलिंडर बचा है। अगर यह भी खत्म हो गया तो मुझे ग्राहकों को वापस भेजना पड़ेगा। -बलवान शर्मा, दुकानदार, पिहोवा चौक
लाइन में लगा पर नहीं मिल रहा
मुझे हर दिन सुबह पांच बजे एजेंसी पर लाइन में लगना पड़ता है, लेकिन इसके बावजूद सिलिंडर नहीं मिलता। कभी स्टॉक खत्म होने का बहाना, तो कभी सप्लाई न आने की बात कह दी जाती है, जिससे समय-पैसा बर्बाद हो रहे हैं। -विशाल, कैफे संचालक
रेहड़ी बंद करनी पड़ेगी
छह दिनों से पड़ोसी से सिलिंडर मांगकर काम चला रहा हूं। जो सिलिंडर लगा है, उसके खत्म होने पर मजबूरन रेहड़ी बंद करनी पड़ेगी। -अमन, रेहड़ी संचालक, कमेटी चौक
पूरी तरह ठप हो रहा व्यापार
मेरे ढाबे पर रोजाना 20-30 ग्राहक आते हैं, लेकिन गैस सिलिंडर न होने के कारण उन्हें खाना नहीं दे पा रहा हूं। हालात ऐसे हैं कि जिले में कई रेहड़ी संचालक भी काम छोड़ चुके हैं। -शिवम, ढाबा संचालक
एलपीजी गैस की आपूर्ति सामान्य है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। आमजन किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। सभी गैस एजेंसियों पर िसलिंडर उपलब्ध हैं और वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। विशेष जरूरतों के लिए भी अलग से गैस आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। -अपराजिता, उपायुक्त।

कैथल-करनाल रोड पर स्थित गैस एजेंसी के बाहर लगी उपभोक्ताओं की भीड़।

कैथल-करनाल रोड पर स्थित गैस एजेंसी के बाहर लगी उपभोक्ताओं की भीड़।