{"_id":"69bb0a05a908ffcadc0176b0","slug":"buckwheat-and-samak-are-being-sold-without-testing-kaithal-news-c-18-1-knl1004-867858-2026-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: बिना जांच बिक रहा कुट्टू और सामक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: बिना जांच बिक रहा कुट्टू और सामक
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 19 Mar 2026 01:54 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
नरेंद्र पंडित
कैथल। नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की सेहत पर मिलावटखोरी का खतरा मंडरा रहा है। बाजारों में कुट्टू का आटा, चौलाई के लड्डू और सामक के चावल की बिक्री हो रही है, लेकिन खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से इनके सैंपल तक नहीं लिए गए हैं। ऐसे में इनकी गुणवत्ता और शुद्धता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नवरात्र के दौरान मिलावटी कुट्टू का आटा खाने से लोग अक्सर फूड पॉइजनिंग का शिकार होते हैं। विभाग की लचर कार्यप्रणाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मार्च माह में लिए गए 21 सैंपलों की रिपोर्ट अब तक लंबित है। ऐसे में यदि अब सैंपल लिए भी जाते हैं, तो उनकी रिपोर्ट नवरात्र समाप्त होने के बाद ही आएगी। तब तक लोग इन खाद्य पदार्थों का सेवन कर चुके होंगे। यदि बाद में सैंपल फेल भी हो जाता है, तो उसका कोई विशेष महत्व नहीं रह जाएगा।
फरवरी माह में लिए गए सैंपलों में लड्डू की रिपोर्ट सकारात्मक आई है, जबकि दाल से संबंधित सैंपल की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है।
वर्ष 2024 में मॉडल टाउन निवासी एक परिवार कुट्टू का आटा खाने के बाद फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गया था। परिवार के सात सदस्यों को उल्टियां शुरू हो गई थीं, जिसके बाद उन्हें तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद इनकी हालत सुधरी थी।
सैंपल लेने की जहमत नहीं उठाई : कुट्टू के आटे में अक्सर फफूंद या पुराने स्टॉक की मिलावट की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद विभाग ने विशेष अभियान चलाकर सैंपल लेने की जहमत नहीं उठाई है। रजनी कॉलोनी निवासी समाजसेवी रामेश्वर फौजी ने कहा कि त्योहारों के दौरान विशेष जांच और त्वरित लैब टेस्टिंग की आवश्यकता होती है। संवाद
2020-21
112 में से 34 सैंपल फेल
2021-22
155 में से 37 सैंपल फेल
2022-23
179 में से 43 सैंपल फेल
2023-24
122 में से 35 सैंपल फेल
2024-25
92 में से 15 सैंपल फेल
मार्च माह में 21 सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं। यदि कोई खाद्य पदार्थ मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. पवन, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी
Trending Videos
कैथल। नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की सेहत पर मिलावटखोरी का खतरा मंडरा रहा है। बाजारों में कुट्टू का आटा, चौलाई के लड्डू और सामक के चावल की बिक्री हो रही है, लेकिन खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से इनके सैंपल तक नहीं लिए गए हैं। ऐसे में इनकी गुणवत्ता और शुद्धता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नवरात्र के दौरान मिलावटी कुट्टू का आटा खाने से लोग अक्सर फूड पॉइजनिंग का शिकार होते हैं। विभाग की लचर कार्यप्रणाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मार्च माह में लिए गए 21 सैंपलों की रिपोर्ट अब तक लंबित है। ऐसे में यदि अब सैंपल लिए भी जाते हैं, तो उनकी रिपोर्ट नवरात्र समाप्त होने के बाद ही आएगी। तब तक लोग इन खाद्य पदार्थों का सेवन कर चुके होंगे। यदि बाद में सैंपल फेल भी हो जाता है, तो उसका कोई विशेष महत्व नहीं रह जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
फरवरी माह में लिए गए सैंपलों में लड्डू की रिपोर्ट सकारात्मक आई है, जबकि दाल से संबंधित सैंपल की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है।
वर्ष 2024 में मॉडल टाउन निवासी एक परिवार कुट्टू का आटा खाने के बाद फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गया था। परिवार के सात सदस्यों को उल्टियां शुरू हो गई थीं, जिसके बाद उन्हें तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद इनकी हालत सुधरी थी।
सैंपल लेने की जहमत नहीं उठाई : कुट्टू के आटे में अक्सर फफूंद या पुराने स्टॉक की मिलावट की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद विभाग ने विशेष अभियान चलाकर सैंपल लेने की जहमत नहीं उठाई है। रजनी कॉलोनी निवासी समाजसेवी रामेश्वर फौजी ने कहा कि त्योहारों के दौरान विशेष जांच और त्वरित लैब टेस्टिंग की आवश्यकता होती है। संवाद
2020-21
112 में से 34 सैंपल फेल
2021-22
155 में से 37 सैंपल फेल
2022-23
179 में से 43 सैंपल फेल
2023-24
122 में से 35 सैंपल फेल
2024-25
92 में से 15 सैंपल फेल
मार्च माह में 21 सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं। यदि कोई खाद्य पदार्थ मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. पवन, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी