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यूनिक फार्मर आईडी बनवाएं किसान : डीसी
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 08 Feb 2026 12:20 AM IST
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कैथल। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी एग्री स्टैक योजना के तहत किसानों की यूनिक फार्मर आईडी बनाई जा रही है। इसके लिए किसान खंड कृषि विकास अधिकारी कार्यालय, संबंधित तहसील तथा कृषि एवं राजस्व विभाग के लगने वाले विशेष शिविरों में अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।
डीसी अपराजिता ने बताया कि एग्री स्टैक एक आधुनिक डिजिटल इको-सिस्टम है, जिसका उद्देश्य खेती-किसानी से जुड़ी सभी जानकारियों को एक ही मंच पर लाना है। जिस प्रकार प्रत्येक नागरिक की पहचान आधार कार्ड से होती है, उसी प्रकार यूनिक फार्मर आईडी किसानों की सटीक, प्रमाणिक और पारदर्शी डिजिटल पहचान बनेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पंजीकरण प्रक्रिया सुरक्षित और आधुनिक तकनीक पर आधारित है। किसानों का पंजीकरण आधार कार्ड से जुड़े ओटीपी प्रमाणीकरण के माध्यम से किया जा रहा है। ओटीपी के जरिए किसान की पहचान और भूमि रिकॉर्ड का डिजिटल मिलान किया जाता है, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना नहीं रहती।
डीसी ने बताया कि गांव और ब्लॉक स्तर पर राजस्व व कृषि विभाग की संयुक्त टीमें विशेष शिविर आयोजित कर रही हैं। यूनिक फार्मर आईडी बनने के बाद किसानों को पीएम-किसान योजना, फसल बीमा, खाद-बीज पर मिलने वाली सब्सिडी सहित अन्य सरकारी लाभ सीधे बैंक खाते में और बिना किसी देरी के प्राप्त होंगे। डीसी ने कहा कि इस डिजिटल आईडी के बाद किसानों को बार-बार पटवारी या सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाकर भूमि से संबंधित दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। संवाद
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डीसी अपराजिता ने बताया कि एग्री स्टैक एक आधुनिक डिजिटल इको-सिस्टम है, जिसका उद्देश्य खेती-किसानी से जुड़ी सभी जानकारियों को एक ही मंच पर लाना है। जिस प्रकार प्रत्येक नागरिक की पहचान आधार कार्ड से होती है, उसी प्रकार यूनिक फार्मर आईडी किसानों की सटीक, प्रमाणिक और पारदर्शी डिजिटल पहचान बनेगी।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पंजीकरण प्रक्रिया सुरक्षित और आधुनिक तकनीक पर आधारित है। किसानों का पंजीकरण आधार कार्ड से जुड़े ओटीपी प्रमाणीकरण के माध्यम से किया जा रहा है। ओटीपी के जरिए किसान की पहचान और भूमि रिकॉर्ड का डिजिटल मिलान किया जाता है, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना नहीं रहती।
डीसी ने बताया कि गांव और ब्लॉक स्तर पर राजस्व व कृषि विभाग की संयुक्त टीमें विशेष शिविर आयोजित कर रही हैं। यूनिक फार्मर आईडी बनने के बाद किसानों को पीएम-किसान योजना, फसल बीमा, खाद-बीज पर मिलने वाली सब्सिडी सहित अन्य सरकारी लाभ सीधे बैंक खाते में और बिना किसी देरी के प्राप्त होंगे। डीसी ने कहा कि इस डिजिटल आईडी के बाद किसानों को बार-बार पटवारी या सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाकर भूमि से संबंधित दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। संवाद