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Kaithal News: जनगणना के पहले दिन कहीं किट नहीं मिली तो नक्शा साफ नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 02 May 2026 01:45 AM IST
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जिले के चीका क्षेत्र में दिया गया नक्शा।
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नरेंद्र पंडित
कैथल। जिले में जनगणना अभियान पहले ही दिन शुक्रवार को अव्यवस्थाओं के भंवर में फंस गया। कई खंडों में प्रगणकों को आवश्यक किट तक उपलब्ध नहीं हो सकी, जबकि जहां किट मिली वहां नक्शे इतने धुंधले थे कि कार्यक्षेत्र की पहचान ही मुश्किल हो गई। नतीजतन, पहले दिन धरातल पर जनगणना का काम सुचारु रूप से शुरू नहीं हो पाया और अनेक कर्मचारी ड्यूटी के बावजूद घरों में ही बैठे रहे।
सरकारी अवकाश का असर भी देखने को मिला, जिससे कई स्थानों पर अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखी। पूंडरी और सीवन खंड में तैनात प्रगणकों ने बताया कि उन्हें अब तक जनगणना के लिए जरूरी किट- जिसमें फॉर्म, स्टेशनरी, नक्शे और दिशा-निर्देश शामिल होते हैं, प्राप्त नहीं हुई। बिना इन संसाधनों के घर-घर जाकर डेटा एकत्र करना संभव नहीं हो पाया।
कलायत खंड में प्रशासन ने किट तो वितरित कर दी, लेकिन तकनीकी कारणों और समन्वय की कमी
के चलते वास्तविक गणना कार्य शुरू नहीं हो सका। यहां प्रगणक नक्शों के आधार पर ड्राइंग तैयार करने में ही उलझे रहे, जिससे फील्ड वर्क की शुरुआत टल गई।
कैथल में लोगों का असहयोग, अफवाहों का असर : कैथल खंड में कुछ टीमें मैदान में उतरीं और घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करने लगीं, लेकिन यहां उन्हें लोगों की झिझक और असहयोग का सामना करना पड़ा। कई लोग निजी जानकारी साझा करने से कतराते नजर आए और पूछताछ के दौरान असहज हो गए।
अफवाहों और जागरूकता की कमी के कारण लोग अपनी जानकारी देने में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हालांकि, प्रगणकों द्वारा समझाने के बाद कुछ लोग धीरे-धीरे सहयोग करने लगे।
एसडीएम कैथल संजय कुमार ने बताया कि सभी खंड इंचार्ज को 30 अप्रैल की शाम तक आवश्यक सामग्री उपलब्ध करा दी गई थी। प्रगणकों तक किट क्यों नहीं पहुंची, इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य को प्राथमिकता और गंभीरता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
खंड वार शिक्षकों की ड्यूटी
खंड
कुल शिक्षक
ड्यूटी लगी
सीवन
490
132
कलायत 630
150
राजौंद 554
49
कैथल
1556
595
पूंडरी 915
527
गुहला 559
296
1840 प्रगणक लगे
जिले में इस अभियान के लिए प्रशासन ने 1840 प्रगणक (इम्यूनेटर) और 330 सुपरवाइजर की तैनाती की है। इतनी बड़ी संख्या में मानव संसाधन होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की कमी ने तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चीका में नक्शे की बाधा
चीका क्षेत्र में प्रगणकों को किट मिलने के बावजूद काम आगे नहीं बढ़ सका। विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए वार्ड और गांवों के नक्शे बेहद धुंधले हैं। प्रगणकों के अनुसार, नक्शों में गलियां और मकान स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहे, जिससे यह तय करना मुश्किल हो रहा है कि किस क्षेत्र में जाकर जनगणना की जाए। स्पष्ट सीमांकन के अभाव में डेटा की शुद्धता पर भी प्रश्नचिह्न लगने की आशंका है।
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सरकारी अवकाश का असर भी देखने को मिला, जिससे कई स्थानों पर अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखी। पूंडरी और सीवन खंड में तैनात प्रगणकों ने बताया कि उन्हें अब तक जनगणना के लिए जरूरी किट- जिसमें फॉर्म, स्टेशनरी, नक्शे और दिशा-निर्देश शामिल होते हैं, प्राप्त नहीं हुई। बिना इन संसाधनों के घर-घर जाकर डेटा एकत्र करना संभव नहीं हो पाया।
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कलायत खंड में प्रशासन ने किट तो वितरित कर दी, लेकिन तकनीकी कारणों और समन्वय की कमी
के चलते वास्तविक गणना कार्य शुरू नहीं हो सका। यहां प्रगणक नक्शों के आधार पर ड्राइंग तैयार करने में ही उलझे रहे, जिससे फील्ड वर्क की शुरुआत टल गई।
कैथल में लोगों का असहयोग, अफवाहों का असर : कैथल खंड में कुछ टीमें मैदान में उतरीं और घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करने लगीं, लेकिन यहां उन्हें लोगों की झिझक और असहयोग का सामना करना पड़ा। कई लोग निजी जानकारी साझा करने से कतराते नजर आए और पूछताछ के दौरान असहज हो गए।
अफवाहों और जागरूकता की कमी के कारण लोग अपनी जानकारी देने में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हालांकि, प्रगणकों द्वारा समझाने के बाद कुछ लोग धीरे-धीरे सहयोग करने लगे।
एसडीएम कैथल संजय कुमार ने बताया कि सभी खंड इंचार्ज को 30 अप्रैल की शाम तक आवश्यक सामग्री उपलब्ध करा दी गई थी। प्रगणकों तक किट क्यों नहीं पहुंची, इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य को प्राथमिकता और गंभीरता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
खंड वार शिक्षकों की ड्यूटी
खंड
कुल शिक्षक
ड्यूटी लगी
सीवन
490
132
कलायत 630
150
राजौंद 554
49
कैथल
1556
595
पूंडरी 915
527
गुहला 559
296
1840 प्रगणक लगे
जिले में इस अभियान के लिए प्रशासन ने 1840 प्रगणक (इम्यूनेटर) और 330 सुपरवाइजर की तैनाती की है। इतनी बड़ी संख्या में मानव संसाधन होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की कमी ने तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चीका में नक्शे की बाधा
चीका क्षेत्र में प्रगणकों को किट मिलने के बावजूद काम आगे नहीं बढ़ सका। विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए वार्ड और गांवों के नक्शे बेहद धुंधले हैं। प्रगणकों के अनुसार, नक्शों में गलियां और मकान स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहे, जिससे यह तय करना मुश्किल हो रहा है कि किस क्षेत्र में जाकर जनगणना की जाए। स्पष्ट सीमांकन के अभाव में डेटा की शुद्धता पर भी प्रश्नचिह्न लगने की आशंका है।

जिले के चीका क्षेत्र में दिया गया नक्शा।
