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Kaithal News: मनप्रीत ने जूडो और कुराश में चमकाया नाम
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 28 Mar 2026 12:27 AM IST
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पदक के साथ खिलाड़ी मनप्रीत
- फोटो : चांदा के कोइरीपुर में श्रीराम जन्मोत्सव पर निकली शोभायात्रा।
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अंबर
कैथल। कठवाड़ गांव की बेटी मनप्रीत ने मेहनत और लगन से जूडो व कुराश खेल में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली मनप्रीत आज युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं।
मनप्रीत ने बताया कि उन्होंने 18 वर्ष की उम्र में खेलों की शुरुआत की थी। वर्तमान में वह 24 वर्ष की हैं और वर्ष 2019 से लगातार अभ्यास कर रही हैं। वह रोजाना करीब तीन घंटे कैथल के इंडोर स्टेडियम में कोच जोगिंदर और संदीप के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेती हैं। उन्होंने नीलम यूनिवर्सिटी से एमए (फिजिकल एजुकेशन) की पढ़ाई भी पूरी की है।
पिता ने बढ़ाया हौसला : मनप्रीत के पिता बीरा दूध बेचने का काम करते हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। चार भाई-बहनों में मनप्रीत सबसे बड़ी हैं। उन्होंने बताया कि आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के बावजूद उनके माता-पिता ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। मनप्रीत की सफलता इस बात का उदाहरण है कि मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। परिजनों का कहना है कि बेहतर सुविधाएं मिले तो वह और बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं। संवाद
उपलब्धियां
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वर्ष 2022 में ताजिकिस्तान में आयोजित एशियन कुराश चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।
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साउथ एशियन गेम्स (कोच्चि, केरल) में स्वर्ण पदक हासिल किया।
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सीनियर नेशनल कुराश प्रतियोगिताओं में तीन बार रजत और एक बार कांस्य पदक जीता।
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वर्ष 2024 में अमृतसर में आयोजित ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी जूडो चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।
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वर्ष 2025 में सोनीपत (राई) में हरियाणा ओलंपिक और पंचकूला में खेल महाकुंभ में रजत पदक हासिल किए।
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सीनियर स्टेट स्तर पर दो बार रजत और चार बार कांस्य पदक जीते।
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कैथल। कठवाड़ गांव की बेटी मनप्रीत ने मेहनत और लगन से जूडो व कुराश खेल में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली मनप्रीत आज युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं।
मनप्रीत ने बताया कि उन्होंने 18 वर्ष की उम्र में खेलों की शुरुआत की थी। वर्तमान में वह 24 वर्ष की हैं और वर्ष 2019 से लगातार अभ्यास कर रही हैं। वह रोजाना करीब तीन घंटे कैथल के इंडोर स्टेडियम में कोच जोगिंदर और संदीप के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेती हैं। उन्होंने नीलम यूनिवर्सिटी से एमए (फिजिकल एजुकेशन) की पढ़ाई भी पूरी की है।
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पिता ने बढ़ाया हौसला : मनप्रीत के पिता बीरा दूध बेचने का काम करते हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। चार भाई-बहनों में मनप्रीत सबसे बड़ी हैं। उन्होंने बताया कि आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के बावजूद उनके माता-पिता ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। मनप्रीत की सफलता इस बात का उदाहरण है कि मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। परिजनों का कहना है कि बेहतर सुविधाएं मिले तो वह और बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं। संवाद
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वर्ष 2022 में ताजिकिस्तान में आयोजित एशियन कुराश चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।
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साउथ एशियन गेम्स (कोच्चि, केरल) में स्वर्ण पदक हासिल किया।
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सीनियर नेशनल कुराश प्रतियोगिताओं में तीन बार रजत और एक बार कांस्य पदक जीता।
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वर्ष 2024 में अमृतसर में आयोजित ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी जूडो चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।
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वर्ष 2025 में सोनीपत (राई) में हरियाणा ओलंपिक और पंचकूला में खेल महाकुंभ में रजत पदक हासिल किए।
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सीनियर स्टेट स्तर पर दो बार रजत और चार बार कांस्य पदक जीते।