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Kaithal News: दूषित पानी पी रहे गुलियाणा के लोग
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 17 Mar 2026 01:34 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन भले ही शहरों और गांवों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के दावे कर रहा हो, लेकिन गुलियाणा गांव के लोग खारा और दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव में सप्लाई किए जा रहे पानी का टीडीएस स्तर करीब 3500 है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है।
गांव के तीन सरकारी स्कूलों में करीब 1100 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं और वे भी यही दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इसके कारण बच्चों और ग्रामीणों में पेट से संबंधित बीमारियां बढ़ने लगी हैं।
ग्रामीणों के अनुसार सबमर्सिबल से सप्लाई किए जाने वाला पानी इतना खारा है कि उसे पीना तो दूर, नहाने और कपड़े धोने के लिए भी प्रयोग करना मुश्किल है। यही पानी पशुओं को भी पिलाया जा रहा है, जिससे पशुपालकों की चिंता भी बढ़ गई है।
समस्या के समाधान की मांग को लेकर ग्रामीण सोमवार को उपायुक्त से मिलने लघु सचिवालय पहुंचे, लेकिन उपायुक्त के सीवन में कार्यक्रम होने के कारण उनकी मुलाकात नहीं हो सकी।
इसके बाद ग्रामीणों ने उपायुक्त के पीए को ज्ञापन सौंपा। पीए ने ग्रामीणों को
आश्वासन दिया कि ज्ञापन उपायुक्त तक पहुंचा दिया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब छह माह से इस समस्या को लेकर विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करने की मांग की है। इस मौके पर सरपंच सुखदेव, जोगेंद्र कुंडू, सतबीर सुबेदार, धूप सिंह, महेंद्र और पूर्व इंस्पेक्टर सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
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कैथल। प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन भले ही शहरों और गांवों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के दावे कर रहा हो, लेकिन गुलियाणा गांव के लोग खारा और दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव में सप्लाई किए जा रहे पानी का टीडीएस स्तर करीब 3500 है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है।
गांव के तीन सरकारी स्कूलों में करीब 1100 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं और वे भी यही दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इसके कारण बच्चों और ग्रामीणों में पेट से संबंधित बीमारियां बढ़ने लगी हैं।
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ग्रामीणों के अनुसार सबमर्सिबल से सप्लाई किए जाने वाला पानी इतना खारा है कि उसे पीना तो दूर, नहाने और कपड़े धोने के लिए भी प्रयोग करना मुश्किल है। यही पानी पशुओं को भी पिलाया जा रहा है, जिससे पशुपालकों की चिंता भी बढ़ गई है।
समस्या के समाधान की मांग को लेकर ग्रामीण सोमवार को उपायुक्त से मिलने लघु सचिवालय पहुंचे, लेकिन उपायुक्त के सीवन में कार्यक्रम होने के कारण उनकी मुलाकात नहीं हो सकी।
इसके बाद ग्रामीणों ने उपायुक्त के पीए को ज्ञापन सौंपा। पीए ने ग्रामीणों को
आश्वासन दिया कि ज्ञापन उपायुक्त तक पहुंचा दिया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब छह माह से इस समस्या को लेकर विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करने की मांग की है। इस मौके पर सरपंच सुखदेव, जोगेंद्र कुंडू, सतबीर सुबेदार, धूप सिंह, महेंद्र और पूर्व इंस्पेक्टर सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।