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Kaithal News: पीएम स्वनिधि योजना में बैंकों की सुस्ती बनी बाधा
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 19 Jun 2026 02:43 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। रेहड़ी और फड़ी संचालकों को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना जिले में बैंकों की धीमी कार्यप्रणाली के कारण प्रभावित होती नजर आ रही है। आवेदन के बावजूद बड़ी संख्या में लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति नहीं मिल सकी। नगर निगम की समीक्षा में सामने आया कि कई बैंकों के स्तर पर बड़ी संख्या में आवेदन लंबित पड़े हैं। इनमें विशेष रूप से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया।
इस स्थिति को देखते हुए नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज ने वीरवार को एग्रो मॉल स्थित कार्यालय में बैंक अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में आयुक्त ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना के तहत ऋण स्वीकृति में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित आवेदनों का निपटारा एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि विलंब पाए जाने पर प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
बिना गारंटी मिलता है ऋण : प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-फड़ी संचालकों को क्रमशः 15 हजार, 25 हजार और 50 हजार रुपये तक का ऋण तीन चरणों में उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से ब्याज पर नौ प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है। समय पर भुगतान करने वालों को सालाना 1600 रुपये तक का कैशबैक भी मिलता है। दूसरी ओर एक बैंक प्रतिनिधि ने बताया कि बिना गारंटी दिए जाने वाले ऋणों में डिफॉल्ट का जोखिम अधिक रहता है। ऐसे मामलों में बाद में बैंक अधिकारियों को जवाबदेही का सामना करना पड़ता है।
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इस स्थिति को देखते हुए नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज ने वीरवार को एग्रो मॉल स्थित कार्यालय में बैंक अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में आयुक्त ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना के तहत ऋण स्वीकृति में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित आवेदनों का निपटारा एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि विलंब पाए जाने पर प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
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बिना गारंटी मिलता है ऋण : प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-फड़ी संचालकों को क्रमशः 15 हजार, 25 हजार और 50 हजार रुपये तक का ऋण तीन चरणों में उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से ब्याज पर नौ प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है। समय पर भुगतान करने वालों को सालाना 1600 रुपये तक का कैशबैक भी मिलता है। दूसरी ओर एक बैंक प्रतिनिधि ने बताया कि बिना गारंटी दिए जाने वाले ऋणों में डिफॉल्ट का जोखिम अधिक रहता है। ऐसे मामलों में बाद में बैंक अधिकारियों को जवाबदेही का सामना करना पड़ता है।