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Kaithal News: तकनीकी खामियों से काम प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 11 Apr 2026 02:00 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। अनाज मंडी राजौंद में इन दिनों गेहूं की आवक लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ ही किसानों की परेशानियां कम होने के बजाय बढ़ती जा रही हैं। मंडी में व्यवस्थाओं की कमी और गेट पास बनाने में हो रही देरी के कारण किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व सरपंच एवं किसान पवन राणा ने बताया कि वह सुबह से अपनी गेहूं की फसल लेकर मंडी में पहुंचे हुए हैं, लेकिन देर शाम तक भी उनका गेट पास नहीं बन पाया। उन्होंने कहा कि मार्केट कमेटी द्वारा गेट पास बनाने के लिए कर्मचारी तो लगाए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रक्रिया बेहद धीमी है।
उन्होंने बताया कि किसान पहले ही खेतों में फसल को संभालने में भारी मेहनत करता है और मंडी में आने के बाद उसे दर-दर भटकना पड़ता है। कई-कई घंटे तक किसान कर्मचारियों के चक्कर लगाते रहते हैं, जिसके बाद बड़ी मुश्किल से उनकी समस्या का समाधान हो पाता है। पवन राणा ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह की व्यवस्था से किसानों का मनोबल टूट रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां किसानों के हित में नहीं दिख रही हैं, जिससे किसान खेती छोड़ने तक के लिए मजबूर हो सकते हैं।
वहीं, मार्केट कमेटी के कर्मचारियों का कहना है कि मंडी के कार्यों के लिए सरकार द्वारा एक नया पोर्टल शुरू किया गया है, लेकिन उसमें तकनीकी खामियों के कारण काम सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा है। इसी वजह से गेट पास बनाने और अन्य प्रक्रियाओं में देरी हो रही है।
मंडी में गेहूं की आवक के आंकड़ों की बात करें तो राजौंद मंडी में अब तक 1,04,438 क्विंटल, किठाना मंडी में 1,02,025 क्विंटल, जाखोली मंडी में 26,023 क्विंटल तथा सेहरधा मंडी में 23,782 क्विंटल गेहूं पहुंच चुका है।
वेयरहाउस निरीक्षक दीपक के अनुसार, राजौंद मंडी में अब तक करीब 35,000 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है, जबकि कई स्थानों पर अभी तक उठान (लिफ्टिंग) का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इस कारण मंडियों में गेहूं के ढेर लगते जा रहे हैं और किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है।
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राजौंद। अनाज मंडी राजौंद में इन दिनों गेहूं की आवक लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ ही किसानों की परेशानियां कम होने के बजाय बढ़ती जा रही हैं। मंडी में व्यवस्थाओं की कमी और गेट पास बनाने में हो रही देरी के कारण किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व सरपंच एवं किसान पवन राणा ने बताया कि वह सुबह से अपनी गेहूं की फसल लेकर मंडी में पहुंचे हुए हैं, लेकिन देर शाम तक भी उनका गेट पास नहीं बन पाया। उन्होंने कहा कि मार्केट कमेटी द्वारा गेट पास बनाने के लिए कर्मचारी तो लगाए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रक्रिया बेहद धीमी है।
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उन्होंने बताया कि किसान पहले ही खेतों में फसल को संभालने में भारी मेहनत करता है और मंडी में आने के बाद उसे दर-दर भटकना पड़ता है। कई-कई घंटे तक किसान कर्मचारियों के चक्कर लगाते रहते हैं, जिसके बाद बड़ी मुश्किल से उनकी समस्या का समाधान हो पाता है। पवन राणा ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह की व्यवस्था से किसानों का मनोबल टूट रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां किसानों के हित में नहीं दिख रही हैं, जिससे किसान खेती छोड़ने तक के लिए मजबूर हो सकते हैं।
वहीं, मार्केट कमेटी के कर्मचारियों का कहना है कि मंडी के कार्यों के लिए सरकार द्वारा एक नया पोर्टल शुरू किया गया है, लेकिन उसमें तकनीकी खामियों के कारण काम सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा है। इसी वजह से गेट पास बनाने और अन्य प्रक्रियाओं में देरी हो रही है।
मंडी में गेहूं की आवक के आंकड़ों की बात करें तो राजौंद मंडी में अब तक 1,04,438 क्विंटल, किठाना मंडी में 1,02,025 क्विंटल, जाखोली मंडी में 26,023 क्विंटल तथा सेहरधा मंडी में 23,782 क्विंटल गेहूं पहुंच चुका है।
वेयरहाउस निरीक्षक दीपक के अनुसार, राजौंद मंडी में अब तक करीब 35,000 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है, जबकि कई स्थानों पर अभी तक उठान (लिफ्टिंग) का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इस कारण मंडियों में गेहूं के ढेर लगते जा रहे हैं और किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है।