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Kaithal News: विहिप ने धूमधाम से मनाया रामनवमी उत्सव
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 28 Mar 2026 12:24 AM IST
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कलायत में रामजन्मोत्सव मनाते विहिप सदस्य
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। विश्व हिंदू परिषद की ओर से शुक्रवार को रामनवमी उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन श्री कपिल मुनि मंदिर परिसर स्थित श्री राम मंदिर में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कार्यकर्ता शामिल हुए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विहिप जिला उपाध्यक्ष बीरभान निर्मल ने की। शुरुआत में भगवान राम का पंचामृत से अभिषेक किया गया, जिसके बाद बाल कांड का पाठ किया गया। श्रीराम रक्षा स्त्रोत, श्रीराम स्तुति और हनुमान चालीसा का सस्वर पाठ किया गया। करीब तीन घंटे तक चले इस कार्यक्रम का समापन भोग आरती के साथ हुआ।
बीरभान निर्मल ने कहा कि भगवान राम सबके आराध्य हैं और उनके द्वारा स्थापित मर्यादाएं मानव जीवन के लिए मार्गदर्शक हैं। रामनवमी का दिन हमारी संस्कृति का महत्वपूर्ण और पावन अवसर है।
निशीकांत शर्मा ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार त्रेता युग में चैत्र मास की नवमी तिथि को विशेष ग्रह-नक्षत्रों के संयोग में भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था। उन्होंने वाल्मीकि रामायण के अनुसार भगवान राम के जन्म के ज्योतिषीय संदर्भ भी साझा किए।
पूर्व पार्षद रणवीर धानियां ने कहा कि भगवान राम की लीलाएं आज भी समाज को प्रेरित करती हैं और उनके अस्तित्व के प्रमाण विभिन्न रूपों में आज भी मौजूद हैं। इस अवसर पर पूर्व पार्षद रणवीर धानियां, रविंद्र कुमार बंटी, जगदीश राईका, विहिप धर्माचार्य प्रमुख विशाल शांडिल्य और मंदिर अर्चक पुरोहित अनिरुद्ध गौतम सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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कलायत। विश्व हिंदू परिषद की ओर से शुक्रवार को रामनवमी उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन श्री कपिल मुनि मंदिर परिसर स्थित श्री राम मंदिर में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कार्यकर्ता शामिल हुए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विहिप जिला उपाध्यक्ष बीरभान निर्मल ने की। शुरुआत में भगवान राम का पंचामृत से अभिषेक किया गया, जिसके बाद बाल कांड का पाठ किया गया। श्रीराम रक्षा स्त्रोत, श्रीराम स्तुति और हनुमान चालीसा का सस्वर पाठ किया गया। करीब तीन घंटे तक चले इस कार्यक्रम का समापन भोग आरती के साथ हुआ।
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बीरभान निर्मल ने कहा कि भगवान राम सबके आराध्य हैं और उनके द्वारा स्थापित मर्यादाएं मानव जीवन के लिए मार्गदर्शक हैं। रामनवमी का दिन हमारी संस्कृति का महत्वपूर्ण और पावन अवसर है।
निशीकांत शर्मा ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार त्रेता युग में चैत्र मास की नवमी तिथि को विशेष ग्रह-नक्षत्रों के संयोग में भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था। उन्होंने वाल्मीकि रामायण के अनुसार भगवान राम के जन्म के ज्योतिषीय संदर्भ भी साझा किए।
पूर्व पार्षद रणवीर धानियां ने कहा कि भगवान राम की लीलाएं आज भी समाज को प्रेरित करती हैं और उनके अस्तित्व के प्रमाण विभिन्न रूपों में आज भी मौजूद हैं। इस अवसर पर पूर्व पार्षद रणवीर धानियां, रविंद्र कुमार बंटी, जगदीश राईका, विहिप धर्माचार्य प्रमुख विशाल शांडिल्य और मंदिर अर्चक पुरोहित अनिरुद्ध गौतम सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।