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Karnal News: 42 लाख से नवनिर्मित गली निर्माण में भ्रष्टाचार की जांच करेगी कमेटी
Wed, 10 Jun 2026 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Wed, 10 Jun 2026 11:06 PM IST
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वार्ड नंबर 7 में नव निर्मित गली की बदहाल स्थिति । संवाद
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कलायत। वार्ड-7 में राष्ट्रीय राजमार्ग से खरक वाला दरवाजा तक अनुमानित 42 लाख रुपये के बजट से नवनिर्मित गली में अनियमितताओं व भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए प्रशासन ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी में सिंचाई विभाग के एसडीओ, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कनिष्ठ अभियंता व नगर पालिका अभियंता को शामिल किया गया है।
यह निर्णय एसडीएम अजय हुड्डा ने वार्ड-6 के पार्षद प्रदीप राणा की शिकायत पर सुनवाई करते हुए लिया। जांच कमेटी टेंडर की शर्तों और निर्धारित मानकों के अनुरूप हुए कार्य का मूल्यांकन करेगी। एसडीएम ने नगरपालिका अधिकारियों से निर्माण कार्य से संबंधित मेजरमेंट बुक का पूरा ब्यौरा मांगा। सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित निर्माण कार्य की मेजरमेंट बुक की कार्यवाही को पूरा नहीं किया है।
एसडीएम ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि बिना मेजरमेंट बुक के निर्माण कार्य में उपयोग की गई सामग्री, मात्रा और गुणवत्ता का सही आंकलन संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारी धन से किए जा रहे विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
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पार्षद बोले- जांच उन्हें शामिल नहीं किया
सुनवाई के दौरान पार्षद प्रदीप राणा ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी शिकायत पर की गई पूर्व जांच की प्रक्रिया में उन्हें शामिल नहीं किया गया और न ही किसी प्रकार का नोटिस भेजा गया। उन्होंने इसे प्रशासनिक प्रक्रिया में गंभीर चूक बताया। मामले में एसडीएम ने नगरपालिका अधिकारियों से जवाब-तलब करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
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निर्माण व विकास योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। यदि कहीं गड़बड़ी पाई जाती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। - अजय हुड्डा, एसडीएम, कलायत
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यह निर्णय एसडीएम अजय हुड्डा ने वार्ड-6 के पार्षद प्रदीप राणा की शिकायत पर सुनवाई करते हुए लिया। जांच कमेटी टेंडर की शर्तों और निर्धारित मानकों के अनुरूप हुए कार्य का मूल्यांकन करेगी। एसडीएम ने नगरपालिका अधिकारियों से निर्माण कार्य से संबंधित मेजरमेंट बुक का पूरा ब्यौरा मांगा। सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित निर्माण कार्य की मेजरमेंट बुक की कार्यवाही को पूरा नहीं किया है।
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एसडीएम ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि बिना मेजरमेंट बुक के निर्माण कार्य में उपयोग की गई सामग्री, मात्रा और गुणवत्ता का सही आंकलन संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारी धन से किए जा रहे विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
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पार्षद बोले- जांच उन्हें शामिल नहीं किया
सुनवाई के दौरान पार्षद प्रदीप राणा ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी शिकायत पर की गई पूर्व जांच की प्रक्रिया में उन्हें शामिल नहीं किया गया और न ही किसी प्रकार का नोटिस भेजा गया। उन्होंने इसे प्रशासनिक प्रक्रिया में गंभीर चूक बताया। मामले में एसडीएम ने नगरपालिका अधिकारियों से जवाब-तलब करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
निर्माण व विकास योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। यदि कहीं गड़बड़ी पाई जाती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। - अजय हुड्डा, एसडीएम, कलायत

वार्ड नंबर 7 में नव निर्मित गली की बदहाल स्थिति । संवाद