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Karnal News: ऑनलाइन निगरानी परीक्षा से काउंसलरों का होगा मूल्यांकन
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 23 Mar 2026 02:03 AM IST
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करनाल। जिले के केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से मान्यता प्राप्त स्कूलों में छात्र सहायता प्रणाली को मजबूत करने के लिए स्कूल काउंसलरों के लिए ऑनलाइन दूरस्थ निगरानी परीक्षा (पर्यवेक्षित मूल्यांकन) शुरू की गई है। इस पहल का उद्देश्य स्कूलों में काउंसलिंग व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाना है, ताकि छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक सहयोग समय पर मिल सके। प्रशिक्षित और प्रमाणित काउंसलर बच्चों की बदलती जरूरतों को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे और उन्हें उचित मार्गदर्शन दे पाएंगे।
इसके तहत परामर्श और कल्याण शिक्षकों का चरणबद्ध तरीके से मूल्यांकन किया जा रहा है, जिसका पहला चरण फरवरी 2026 से शुरू हो चुका है। जिले के स्कूलों के काउंसलर भी इस प्रक्रिया में शामिल किए जा रहे हैं। यह मूल्यांकन केवल पारंपरिक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें काउंसलरों के कौशल, नैतिक समझ और व्यवहारिक क्षमता का भी आकलन किया जाएगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डिजिटल परीक्षा मंच के माध्यम से आयोजित यह प्रक्रिया सुरक्षित, पारदर्शी और मानकीकृत मानी जा रही है। इससे काउंसलरों को आधुनिक डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से भी जोड़ा जा रहा है।
-रिकॉर्ड अपडेट रखना जरूरी
स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने काउंसलरों का विवरण पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेटेड रखें। नामांकन इसी आधार पर किया जा रहा है, इसलिए रिकॉर्ड अपडेट रखना जरूरी है। साथ ही, नामित किए जाने पर सभी काउंसलरों की परीक्षा में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है।
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इसके तहत परामर्श और कल्याण शिक्षकों का चरणबद्ध तरीके से मूल्यांकन किया जा रहा है, जिसका पहला चरण फरवरी 2026 से शुरू हो चुका है। जिले के स्कूलों के काउंसलर भी इस प्रक्रिया में शामिल किए जा रहे हैं। यह मूल्यांकन केवल पारंपरिक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें काउंसलरों के कौशल, नैतिक समझ और व्यवहारिक क्षमता का भी आकलन किया जाएगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डिजिटल परीक्षा मंच के माध्यम से आयोजित यह प्रक्रिया सुरक्षित, पारदर्शी और मानकीकृत मानी जा रही है। इससे काउंसलरों को आधुनिक डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से भी जोड़ा जा रहा है।
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-रिकॉर्ड अपडेट रखना जरूरी
स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने काउंसलरों का विवरण पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेटेड रखें। नामांकन इसी आधार पर किया जा रहा है, इसलिए रिकॉर्ड अपडेट रखना जरूरी है। साथ ही, नामित किए जाने पर सभी काउंसलरों की परीक्षा में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है।