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Karnal News: कैंसर डे केयर सेंटर में ओपीडी हुई शुरू, पहुंचने लगे मरीज
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिला अस्पताल में 4 फरवरी से शुरू हुए कैंसर डे केयर सेंटर में अब मरीजों की आमद शुरू हो गई है। दस दिनों में दो मरीजों ने उपचार कराया है। ओपीडी शुरू हो गई है। इसमें चार मरीज पहुंचे हैं।
सिविल अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. दीपक गोयल ने बताया कि कैंसर डे केयर की शुरुआत 4 फरवरी को की गई थी। पहले दस दिनों में दो मरीजों ने यहां कीमोथेरेपी सहित आवश्यक उपचार प्राप्त किया, जबकि चार मरीज ओपीडी में परामर्श के लिए पहुंचे। केंद्र की स्थापना का उद्देश्य कैंसर मरीजों को जिला स्तर पर ही उपचार उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बड़े शहरों के अस्पतालों के चक्कर न लगाने पड़ें। पहले मरीजों को कीमोथेरेपी जैसी सेवाओं के लिए दूरदराज के मेडिकल कॉलेज या निजी अस्पतालों में जाना पड़ता था, जिससे समय और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ते थे। अब यह सुविधा स्थानीय स्तर पर मिलने से मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
उन्होंने बताया कि डे केयर सेंटर में प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उपचार के दौरान मरीजों की निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से इलाज हो सके। ब्यूरो
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करनाल। जिला अस्पताल में 4 फरवरी से शुरू हुए कैंसर डे केयर सेंटर में अब मरीजों की आमद शुरू हो गई है। दस दिनों में दो मरीजों ने उपचार कराया है। ओपीडी शुरू हो गई है। इसमें चार मरीज पहुंचे हैं।
सिविल अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. दीपक गोयल ने बताया कि कैंसर डे केयर की शुरुआत 4 फरवरी को की गई थी। पहले दस दिनों में दो मरीजों ने यहां कीमोथेरेपी सहित आवश्यक उपचार प्राप्त किया, जबकि चार मरीज ओपीडी में परामर्श के लिए पहुंचे। केंद्र की स्थापना का उद्देश्य कैंसर मरीजों को जिला स्तर पर ही उपचार उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बड़े शहरों के अस्पतालों के चक्कर न लगाने पड़ें। पहले मरीजों को कीमोथेरेपी जैसी सेवाओं के लिए दूरदराज के मेडिकल कॉलेज या निजी अस्पतालों में जाना पड़ता था, जिससे समय और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ते थे। अब यह सुविधा स्थानीय स्तर पर मिलने से मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
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उन्होंने बताया कि डे केयर सेंटर में प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उपचार के दौरान मरीजों की निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से इलाज हो सके। ब्यूरो