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Kurukshetra News: पहले दिन 62 हजार बच्चों को दी पोलियोरोधी दवा, अब घर-घर पहुंचेंगी टीमें
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कुरुक्षेत्र। रेलवे स्टेशन पर लगे बूथ पर बच्चें को पोलियो पिलाते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी। सं
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कुरुक्षेत्र। जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत पहले दिन अच्छी रही। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार रविवार को 62,281 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई गई। अब अभियान के दूसरे और तीसरे दिन स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों तक पहुंचेंगी, जो किसी कारणवश बूथों पर नहीं पहुंच सके। विभाग ने तीन दिनों में जिले के 96,619 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य रखा है।
रविवार को जिलेभर के 682 बूथों पर सुबह से ही अभिभावक बच्चों को लेकर पहुंचे। स्वास्थ्य कर्मियों, आशा वर्करों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाई। अब सोमवार और मंगलवार को गठित टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाएंगी, ताकि अभियान का कोई भी लक्ष्य अधूरा न रहे।
पोलियो अभियान की नोडल अधिकारी डॉ. शैलजा ने बताया कि जिले के सातों ब्लॉकों में अभियान चलाया जा रहा है। सबसे अधिक 149 बूथ थानेसर और बारना ब्लॉक में बनाए गए हैं। अभियान के लिए 16 ग्रामीण पीएचसी, तीन शहरी पीएचसी और पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की टीमें भी लगाई गई हैं। शहरी क्षेत्रों में कृष्णा नगर-गामड़ी और मोहन नगर स्वास्थ्य केंद्रों से भी बड़ी संख्या में वैक्सीनेटर फील्ड में उतारे गए हैं।
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जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. अंजली ने बताया कि जिले में वर्ष 2011 के बाद पोलियो का कोई मामला सामने नहीं आया है। इसके बावजूद हर अभियान में शत-प्रतिशत बच्चों तक पहुंचना जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि यदि किसी कारण से उनका बच्चा पहले दिन पोलियो की खुराक नहीं ले पाया है तो घर पहुंचने वाली स्वास्थ्य टीम को जरूर दिखाएं।
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रविवार को जिलेभर के 682 बूथों पर सुबह से ही अभिभावक बच्चों को लेकर पहुंचे। स्वास्थ्य कर्मियों, आशा वर्करों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाई। अब सोमवार और मंगलवार को गठित टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाएंगी, ताकि अभियान का कोई भी लक्ष्य अधूरा न रहे।
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पोलियो अभियान की नोडल अधिकारी डॉ. शैलजा ने बताया कि जिले के सातों ब्लॉकों में अभियान चलाया जा रहा है। सबसे अधिक 149 बूथ थानेसर और बारना ब्लॉक में बनाए गए हैं। अभियान के लिए 16 ग्रामीण पीएचसी, तीन शहरी पीएचसी और पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की टीमें भी लगाई गई हैं। शहरी क्षेत्रों में कृष्णा नगर-गामड़ी और मोहन नगर स्वास्थ्य केंद्रों से भी बड़ी संख्या में वैक्सीनेटर फील्ड में उतारे गए हैं।
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जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. अंजली ने बताया कि जिले में वर्ष 2011 के बाद पोलियो का कोई मामला सामने नहीं आया है। इसके बावजूद हर अभियान में शत-प्रतिशत बच्चों तक पहुंचना जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि यदि किसी कारण से उनका बच्चा पहले दिन पोलियो की खुराक नहीं ले पाया है तो घर पहुंचने वाली स्वास्थ्य टीम को जरूर दिखाएं।