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Kurukshetra News: दोबारा नियुक्तियों के विरोध में आज से धरने पर बैठेंगे एनआईटी के गैर-शिक्षक कर्मचारी
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कुरुक्षेत्र। एनआईटी में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की दोबारा कंसल्टेंट के रूप में नियुक्ति के विरोध में गैर-शिक्षक कर्मचारी आज से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। कर्मचारी संघ के आह्वान पर प्रतिदिन सुबह 10 से 12 बजे तक निदेशक कार्यालय के बाहर धरना दिया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि संस्थान प्रशासन को पहले ही निदेशक, रजिस्ट्रार और शिक्षा मंत्रालय तक शिकायत भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रधान आर के मीणा ने बताया कि संस्थान से 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हुए राजकुमार को कंसल्टेंट नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कुछ वर्ष पहले सेवानिवृत्त हुए रणजीत को भी कंसल्टेंट के रूप में रखा गया है। कर्मचारी संघ का आरोप है कि संस्थान में कार्यरत योग्य कर्मचारियों की अनदेखी कर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दोबारा नियुक्त किया जा रहा है, जिसका लगातार विरोध किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि संस्थान में ऐसी नियुक्तियों को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। वर्ष 2008 में भी इसी तरह के मामले में आपत्तियां उठने के बाद कई कर्मचारियों को पद छोड़ना पड़ा था। ऐसे में कर्मचारी चाहते हैं कि इस बार भी नियमों के अनुरूप कार्रवाई करते हुए दोनों कंसल्टेंट की नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से रद्द की जाएं। आर के मीणा ने बताया कि धरने के दौरान कर्मचारी लंबे समय से लंबित एमएसीपी, अपग्रेडेशन और गैर-शिक्षक कर्मचारियों की पदोन्नति का मुद्दा भी उठाएंगे। उनका कहना है कि वर्ष 2022-23 से ये मामले लंबित पड़े हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया। सोमवार को निदेशक कार्यालय में कंसल्टेंट नियुक्तियों और कर्मचारियों की मांगों को लेकर बैठक भी हो सकती है। हालांकि कर्मचारी संघ का कहना है कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
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गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रधान आर के मीणा ने बताया कि संस्थान से 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हुए राजकुमार को कंसल्टेंट नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कुछ वर्ष पहले सेवानिवृत्त हुए रणजीत को भी कंसल्टेंट के रूप में रखा गया है। कर्मचारी संघ का आरोप है कि संस्थान में कार्यरत योग्य कर्मचारियों की अनदेखी कर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दोबारा नियुक्त किया जा रहा है, जिसका लगातार विरोध किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि संस्थान में ऐसी नियुक्तियों को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। वर्ष 2008 में भी इसी तरह के मामले में आपत्तियां उठने के बाद कई कर्मचारियों को पद छोड़ना पड़ा था। ऐसे में कर्मचारी चाहते हैं कि इस बार भी नियमों के अनुरूप कार्रवाई करते हुए दोनों कंसल्टेंट की नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से रद्द की जाएं। आर के मीणा ने बताया कि धरने के दौरान कर्मचारी लंबे समय से लंबित एमएसीपी, अपग्रेडेशन और गैर-शिक्षक कर्मचारियों की पदोन्नति का मुद्दा भी उठाएंगे। उनका कहना है कि वर्ष 2022-23 से ये मामले लंबित पड़े हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया। सोमवार को निदेशक कार्यालय में कंसल्टेंट नियुक्तियों और कर्मचारियों की मांगों को लेकर बैठक भी हो सकती है। हालांकि कर्मचारी संघ का कहना है कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
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