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Kurukshetra News: बहला फुसलाकर फाइनेंसर को अपने गांव खगड़बानी कुन्तई ले गए थे आरोपी
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लाडवा। अजीत वर्मा।
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लाडवा। तीर्थ यात्रा पर गए फाइनेंसर अजीत वर्मा का उड़ीसा से अपहरण कर पश्चिम बंगाल ले जाया गया। यहां से पुलिस ने उसे सकुशल छुड़ा लिया है। अपहरण करने वाले पति-पत्नी को भी काबू किया है। रविवार देर रात तक पुलिस उन्हें लेकर लाडवा नहीं पहुंची।
आरोपी अफसारी बीबी व उसका पति मुश्ताक अली पीड़ित अजीत वर्मा को बहला फुसलाकर भुवनेश्वर से अपने गांव खगड़बानी कुन्तई जिला मेहदनीपुर पश्चिम बंगाल ले गए थे। इस दौरान आरोपियों ने पीड़ित का मानसिक उत्पीड़न शुरू कर दिया और दबाव बनाकर पैसे की मांग की। पीड़ित के फोन से परिजनों को फोन कर रंगदारी की मांग की गई, जिसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी।
घबराए परिजनों ने दो बार ट्रांजेक्शन करते हुए फोन के माध्यम से 30 हजार व 20 हजार की रकम भेजी। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को शिकायत दी। आरोपियों को विश्वास में लेते हुए परिजनों की सहायता से पुलिस उनके ठिकाने तक पहुंची और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। थाना प्रभारी गुरनाम सिंह ने बताया कि आरोपियों की लोकेशन को ट्रेस कर जब उनके ठिकाने पर पहुंचे तो पहाड़ पर झोपड़ीनुमा घर में पीड़ित अजीत वर्मा को कैद किया हुआ था। थोड़ी देरी होने पर आरोपी हत्या भी कर सकते थे।
23 मार्च को तीर्थ यात्रा पर गए थे अजीत वर्मा : मेघा रानी के मुताबिक वे दो बहनें हैं। वह पानीपत और दूसरी बहन पंजाब में शादीशुदा है जबकि उनकी माता की मृत्यु हो चुकी है। उनके पिता अजीत वर्मा लाडवा में अकेले रहते हैं। वे 23 मार्च को धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए भुवनेश्वर उड़ीसा गए थे।
25 मार्च को पहुंचने के कुछ ही समय बाद अपहरणकर्ताओं ने उन्हें अगवा कर लिया। अपहरणकर्ताओं ने अजीत वर्मा के मोबाइल से व्हाट्सएप कॉल कर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी और पुलिस को सूचना देने पर जान से मारने की धमकी दी। 26 मार्च को थाने में शिकायत दर्ज कराई तो अजीत वर्मा के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की, जो पश्चिम बंगाल में मिली। इसके बाद हवाई यात्रा से आरोपियों तक टीम पहुंची।
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आरोपी अफसारी बीबी व उसका पति मुश्ताक अली पीड़ित अजीत वर्मा को बहला फुसलाकर भुवनेश्वर से अपने गांव खगड़बानी कुन्तई जिला मेहदनीपुर पश्चिम बंगाल ले गए थे। इस दौरान आरोपियों ने पीड़ित का मानसिक उत्पीड़न शुरू कर दिया और दबाव बनाकर पैसे की मांग की। पीड़ित के फोन से परिजनों को फोन कर रंगदारी की मांग की गई, जिसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी।
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घबराए परिजनों ने दो बार ट्रांजेक्शन करते हुए फोन के माध्यम से 30 हजार व 20 हजार की रकम भेजी। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को शिकायत दी। आरोपियों को विश्वास में लेते हुए परिजनों की सहायता से पुलिस उनके ठिकाने तक पहुंची और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। थाना प्रभारी गुरनाम सिंह ने बताया कि आरोपियों की लोकेशन को ट्रेस कर जब उनके ठिकाने पर पहुंचे तो पहाड़ पर झोपड़ीनुमा घर में पीड़ित अजीत वर्मा को कैद किया हुआ था। थोड़ी देरी होने पर आरोपी हत्या भी कर सकते थे।
23 मार्च को तीर्थ यात्रा पर गए थे अजीत वर्मा : मेघा रानी के मुताबिक वे दो बहनें हैं। वह पानीपत और दूसरी बहन पंजाब में शादीशुदा है जबकि उनकी माता की मृत्यु हो चुकी है। उनके पिता अजीत वर्मा लाडवा में अकेले रहते हैं। वे 23 मार्च को धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए भुवनेश्वर उड़ीसा गए थे।
25 मार्च को पहुंचने के कुछ ही समय बाद अपहरणकर्ताओं ने उन्हें अगवा कर लिया। अपहरणकर्ताओं ने अजीत वर्मा के मोबाइल से व्हाट्सएप कॉल कर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी और पुलिस को सूचना देने पर जान से मारने की धमकी दी। 26 मार्च को थाने में शिकायत दर्ज कराई तो अजीत वर्मा के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की, जो पश्चिम बंगाल में मिली। इसके बाद हवाई यात्रा से आरोपियों तक टीम पहुंची।