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Kurukshetra News: छह माह से शिक्षण संस्थानों के आसपास नहीं दुर्गा शक्ति
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कुरुक्षेत्र। गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल का मुख्य द्वार। संवाद
- फोटो : Self
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कुरुक्षेत्र। महिलाओं, बेटियों और छात्राओं की सुरक्षा के लिए बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं लेकिन जिले के स्कूलों के बाहर न तो नियमित पुलिस की तैनाती है और न ही पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था है। ऐसे में शिक्षण संस्थानों में आने-जाने वाली छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शिक्षण संस्थानों के बाहर छह माह से दुर्गा शक्ति मौजूद नहीं रहती है।
शहर के बीच स्थित एक सरकारी गर्ल्स स्कूल के साथ-साथ अन्य शिक्षण संस्थानों के आसपास मनचलों का जमावड़ा रहता है। आसपास के लोगों के मुताबिक संस्थानों के आसपास छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ रही हैं लेकिन पुलिस की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। स्कूल के आसपास न तो गश्त होती है और न ही कोई स्थायी सुरक्षा इंतजाम नजर आते हैं।
स्कूल के पास दुकानदारों ने कहा कि यहां आखिरी बार पुलिस गश्त करीब छह महीने पहले देखी गई थी। पहले छुट्टी के समय दुर्गा शक्ति पुलिस मौजूद रहती थी लेकिन अब स्थिति बिल्कुल अलग है। सुरक्षा के अभाव में स्कूल प्रशासन को खुद ही इंतजाम करने पड़ रहे हैं। स्कूल की ओर से मुख्य गेट से लेकर बाजार की गली तक करीब 100 मीटर क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि आने-जाने वालों पर नजर रखी जा सके।
दुकानदार बताते हैं कि स्कूल के दूसरे गेट पर स्थिति और भी खराब है। सुबह सात बजे से ही युवक बाइक, स्कूटी और बुलेट पर चक्कर लगाते रहते हैं और छात्राओं को परेशान करते हैं। हालात ऐसे हैं कि दुकानदारों ने खुद ही सुरक्षा की जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली है और संदिग्ध युवकों से पूछताछ भी करते हैं। इसके लिए शहर के कई महिला संगठन पहले भी आवाज उठा चुके हैं। ऐसे ही हालात सलारपुर रोड स्थित महिला कॉलेज के आसपास हैं।
ज्यादा देर किसी को बैठने नहीं देते : दुकानदार
स्थानीय दुकानदार राजकुमार, ललित, संजीव और देवेंद्र ने बताया कि चार दिन पहले ही एक युवक को पकड़कर स्कूल प्रशासन के हवाले किया गया था जिसके बाद उसके परिजनों को बुलाया गया। दुकानदारों का कहना है कि पुलिस का कोई प्रतिनिधि यहां नहीं आता, इसलिए उन्हें खुद ही अपनी दुकान और छात्राओं की सुरक्षा का ध्यान रखना पड़ता है।
अपने स्तर पर लगाए कैमरे, स्टाफ तैनात : अश्वनी कुमार
गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य अश्वनी कुमार ने कहा कि स्कूल प्रशासन ने अपने स्तर पर सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। स्कूल खुलने से 15 मिनट पहले और छुट्टी के समय दोनों गेट पर स्टाफ तैनात किया जाता है। उन्होंने बताया कि गली तक कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस गश्त के लिए हर महीने पत्र भी लिखा जाता है। हालांकि पुलिस रोजाना गश्त पर नहीं आती लेकिन सूचना देने पर जरूर पहुंचती है।
केस होने के बाद भी पुलिस ने नहीं दिखाई गंभीरता : उपासना
महिला कॉलेज प्राचार्य उपासना आहूजा ने कहा कि कॉलेज के लगने व छुट्टी होने के दौरान कई माह से पुलिस गश्त नहीं हो रही। हर माह पुलिस विभाग को पत्र भी लिख रहे हैं। पुलिस दावा करती है कि गश्त की जा रही है लेकिन कब करती है, यह पता नहीं। एक केस भी कुछ माह पहले पुलिस तक पहुंचाया था जिसमें एक युवक को काबू भी किया था लेकिन गश्त फिर भी सुचारू नहीं।
अब से खुद करूंगी निगरानी : एसएचओ
महिला थाना एसएचओ रमनदीप कौर ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी कारणवश स्कूल खुलने या छुट्टी के समय पुलिस टीम मौके पर नहीं पहुंच पाती है, तो अब वह स्वयं निगरानी की जिम्मेदारी संभालेंगी।
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शहर के बीच स्थित एक सरकारी गर्ल्स स्कूल के साथ-साथ अन्य शिक्षण संस्थानों के आसपास मनचलों का जमावड़ा रहता है। आसपास के लोगों के मुताबिक संस्थानों के आसपास छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ रही हैं लेकिन पुलिस की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। स्कूल के आसपास न तो गश्त होती है और न ही कोई स्थायी सुरक्षा इंतजाम नजर आते हैं।
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स्कूल के पास दुकानदारों ने कहा कि यहां आखिरी बार पुलिस गश्त करीब छह महीने पहले देखी गई थी। पहले छुट्टी के समय दुर्गा शक्ति पुलिस मौजूद रहती थी लेकिन अब स्थिति बिल्कुल अलग है। सुरक्षा के अभाव में स्कूल प्रशासन को खुद ही इंतजाम करने पड़ रहे हैं। स्कूल की ओर से मुख्य गेट से लेकर बाजार की गली तक करीब 100 मीटर क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि आने-जाने वालों पर नजर रखी जा सके।
दुकानदार बताते हैं कि स्कूल के दूसरे गेट पर स्थिति और भी खराब है। सुबह सात बजे से ही युवक बाइक, स्कूटी और बुलेट पर चक्कर लगाते रहते हैं और छात्राओं को परेशान करते हैं। हालात ऐसे हैं कि दुकानदारों ने खुद ही सुरक्षा की जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली है और संदिग्ध युवकों से पूछताछ भी करते हैं। इसके लिए शहर के कई महिला संगठन पहले भी आवाज उठा चुके हैं। ऐसे ही हालात सलारपुर रोड स्थित महिला कॉलेज के आसपास हैं।
ज्यादा देर किसी को बैठने नहीं देते : दुकानदार
स्थानीय दुकानदार राजकुमार, ललित, संजीव और देवेंद्र ने बताया कि चार दिन पहले ही एक युवक को पकड़कर स्कूल प्रशासन के हवाले किया गया था जिसके बाद उसके परिजनों को बुलाया गया। दुकानदारों का कहना है कि पुलिस का कोई प्रतिनिधि यहां नहीं आता, इसलिए उन्हें खुद ही अपनी दुकान और छात्राओं की सुरक्षा का ध्यान रखना पड़ता है।
अपने स्तर पर लगाए कैमरे, स्टाफ तैनात : अश्वनी कुमार
गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य अश्वनी कुमार ने कहा कि स्कूल प्रशासन ने अपने स्तर पर सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। स्कूल खुलने से 15 मिनट पहले और छुट्टी के समय दोनों गेट पर स्टाफ तैनात किया जाता है। उन्होंने बताया कि गली तक कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस गश्त के लिए हर महीने पत्र भी लिखा जाता है। हालांकि पुलिस रोजाना गश्त पर नहीं आती लेकिन सूचना देने पर जरूर पहुंचती है।
केस होने के बाद भी पुलिस ने नहीं दिखाई गंभीरता : उपासना
महिला कॉलेज प्राचार्य उपासना आहूजा ने कहा कि कॉलेज के लगने व छुट्टी होने के दौरान कई माह से पुलिस गश्त नहीं हो रही। हर माह पुलिस विभाग को पत्र भी लिख रहे हैं। पुलिस दावा करती है कि गश्त की जा रही है लेकिन कब करती है, यह पता नहीं। एक केस भी कुछ माह पहले पुलिस तक पहुंचाया था जिसमें एक युवक को काबू भी किया था लेकिन गश्त फिर भी सुचारू नहीं।
अब से खुद करूंगी निगरानी : एसएचओ
महिला थाना एसएचओ रमनदीप कौर ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी कारणवश स्कूल खुलने या छुट्टी के समय पुलिस टीम मौके पर नहीं पहुंच पाती है, तो अब वह स्वयं निगरानी की जिम्मेदारी संभालेंगी।