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Kurukshetra News: नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले युवा तैयार करने पर दिया जोर
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कुरुक्षेत्र। प्रतिभागियों को संबोधित करते मुख्य अतिथि कुलसचिव लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेंद्र पाल। स
- फोटो : samvad
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के टेक्नोलॉजी इनक्यूबेशन सेंटर (कुटिक) और कम्युनिटी इनक्यूबेशन सेंटर (सीआईसी) ने स्टार्टअप हरियाणा (उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, प्रदेश सरकार) के सहयोग से यूआईईटी के एमवी सदन में संवेदीकरण व जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्यमिता की ओर प्रेरित करना और उन्हें सरकारी नीतियों की जानकारी देना रहा।
मुख्य अतिथि कुलसचिव लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेंद्र पाल ने कहा कि विश्वविद्यालय नवाचार की आधारशिला होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नौकरी तलाशने की मानसिकता से आगे बढ़कर रोजगार सृजन करने वाला बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में युवा उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्टार्टअप से जुड़े प्रावधानों को शामिल किया गया है, जिससे छात्रों को व्यापक अवसर मिलेंगे।
विशिष्ट अतिथि, डीन इंजीनियरिंग व टेक्नोलॉजी और यूआईईटी के निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा ने कहा कि नवाचार इंजीनियरिंग की धड़कन है। कुटिक और यूआईईटी छात्रों को आवश्यक बुनियादी ढांचा और मार्गदर्शन देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि कोई भी रचनात्मक विचार संसाधनों के अभाव में अधूरा न रहे। एक दशक पहले विश्वविद्यालय ने स्टार्टअप के क्षेत्र में जो पहल की थी, वह आज भी प्रेरणा का स्रोत है।
स्टार्टअप हरियाणा के विशेषज्ञ प्रतिनिधिमंडल परसून अनुश्री और ईशा ने हरियाणा राज्य स्टार्टअप नीति 2022 पर विस्तृत प्रस्तुति दी। तकनीकी सत्र के दौरान विद्यार्थियों से प्रश्न पूछे गए और सही उत्तर देने वालों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इससे विद्यार्थियों में उत्साह और जिज्ञासा देखने को मिली। कुटिक समन्वयक लेफ्टिनेंट (डॉ.) अजय जांगड़ा ने कहा कि ऐसी पहल अकादमिक विचारों को सफल व्यावसायिक उद्यम में बदलने की दिशा में पहला कदम हैं।
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मुख्य अतिथि कुलसचिव लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेंद्र पाल ने कहा कि विश्वविद्यालय नवाचार की आधारशिला होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नौकरी तलाशने की मानसिकता से आगे बढ़कर रोजगार सृजन करने वाला बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में युवा उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्टार्टअप से जुड़े प्रावधानों को शामिल किया गया है, जिससे छात्रों को व्यापक अवसर मिलेंगे।
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विशिष्ट अतिथि, डीन इंजीनियरिंग व टेक्नोलॉजी और यूआईईटी के निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा ने कहा कि नवाचार इंजीनियरिंग की धड़कन है। कुटिक और यूआईईटी छात्रों को आवश्यक बुनियादी ढांचा और मार्गदर्शन देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि कोई भी रचनात्मक विचार संसाधनों के अभाव में अधूरा न रहे। एक दशक पहले विश्वविद्यालय ने स्टार्टअप के क्षेत्र में जो पहल की थी, वह आज भी प्रेरणा का स्रोत है।
स्टार्टअप हरियाणा के विशेषज्ञ प्रतिनिधिमंडल परसून अनुश्री और ईशा ने हरियाणा राज्य स्टार्टअप नीति 2022 पर विस्तृत प्रस्तुति दी। तकनीकी सत्र के दौरान विद्यार्थियों से प्रश्न पूछे गए और सही उत्तर देने वालों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इससे विद्यार्थियों में उत्साह और जिज्ञासा देखने को मिली। कुटिक समन्वयक लेफ्टिनेंट (डॉ.) अजय जांगड़ा ने कहा कि ऐसी पहल अकादमिक विचारों को सफल व्यावसायिक उद्यम में बदलने की दिशा में पहला कदम हैं।