कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सांख्यिकी व परिचालन अनुसंधान विभाग की ओर से सोमवार को डाटा एनालिटिक्स टेक्नीक्स यूजिंग एसपीएसएस व आर विषय पर कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में यह कार्यशाला 27 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। इसका आयोजन कौशल विकास केंद्र के सहयोग से किया जा रहा है।
मुख्य अतिथि विवि डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत कौशल विकास और शोध-आधारित शिक्षा को विशेष महत्व दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित रखना नहीं बल्कि उन्हें व्यावहारिक दक्षताओं से भी सशक्त बनाना है। वर्तमान समय में डेटा विश्लेषण की समझ हर विषय के विद्यार्थी के लिए आवश्यक बन चुकी है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और बिग डाटा के दौर में सांख्यिकी की भूमिका और अधिक बढ़ गई है।विशिष्ट अतिथि विवि के पूर्व प्रो-वाइस चांसलर प्रो. डीएस हुड्डा ने कहा कि सांख्यिकी केवल संख्याओं का अध्ययन नहीं बल्कि वैज्ञानिक निर्णय-प्रक्रिया का मजबूत आधार है। डाटा ही नई ऊर्जा की अवधारणा को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि कच्चे आंकड़ों को सार्थक सूचना में बदलने के लिए प्रशिक्षित विश्लेषकों की आवश्यकता होती है। एसपीएसएस और आर जैसे आधुनिक सॉफ्टवेयर में दक्षता शोधार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाती है।
विभागाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की और बताया कि प्रतिस्पर्धी व शोध-उन्मुख वातावरण में डाटा विश्लेषण का ज्ञान अत्यंत जरूरी है। संयोजक प्रो. एमएस कादयान ने कहा कि कार्यक्रम की संरचना प्रतिभागियों की शैक्षणिक और शोध आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इस मौके पर प्रो. विनोद भारद्वाज, प्रो. संजीव अग्रवाल, प्रो. तेजेंद्र शर्मा, प्रो. परमेश कुमार, प्रो. पंकज सिंह, प्रो. दीपक, डॉ. गुरचरण, डॉ. ज्ञान चहल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।