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Kurukshetra News: पूर्व सैनिकों को आज भी एक छत के नीचे सभी सुविधाएं मिलने की दरकार
Sat, 18 Jul 2026 03:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 18 Jul 2026 03:48 AM IST
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कुरुक्षेत्र। पूर्व सैनिक खुशी राम। संवाद
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कुरुक्षेत्र। देश की सीमाओं पर वर्षों तक सेवा देकर सेवानिवृत्त हुए पूर्व सैनिक अपने ही जिले में बुनियादी सुविधाओं के लिए भटकने को मजबूर हैं। सम्मान और सुविधाओं के बेहतर प्रबंधन की उम्मीद लगाए बैठे पूर्व सैनिकों को आज भी कैंटीन, स्वास्थ्य केंद्र, सरकारी योजनाओं और सैनिक कल्याण संबंधी सेवाएं एक ही छत के नीचे मिलने की दरकार है। यह सुविधा न मिल पाने के कारण उन्हें अलग-अलग स्थानों पर भटकना पड़ता है। ऐसे में समय, धन और ऊर्जा तीनों की बर्बादी होती है।
जिले में करीब सात हजार पुरुष और डेढ़ हजार वीरांगनाएं शामिल हैं। इनमें ऐसे बुजुर्ग सैनिकों भी हैं, जिन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने में कठिनाई होती है। इसके बावजूद कैंटीन, ईसीएचएस (एक्स-सर्विसमैन कांट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम) पॉलीक्लिनिक, जिला सैनिक बोर्ड और अन्य संबंधित कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर संचालित होने से उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। पूर्व सैनिकों ने सरकार से मांग की है कि जिले में सैनिकों और पूर्व सैनिकों के लिए सभी आवश्यक सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जाएं।
एक काम के लिए कई जगह लगाना पड़ता है चक्कर : खुशी राम
लगभग 30 साल भारतीय सेना में सेवा करने वाले नलवी वासी पूर्व सैनिक ऑनरेरी सूबेदार खुशी राम ने कहा कि कैंटीन से सामान लेने के लिए अगल जगह और इलाज के लिए ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक दूसरे स्थान पर जाना पड़ता है। पेंशन, दस्तावेज सत्यापन, अनुदान, आश्रित प्रमाण पत्र अथवा अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए जिला सैनिक बोर्ड के कार्यालय में अलग से चक्कर लगते हैं। एक ही दिन में दो या तीन काम हों तो पूरा दिन भागदौड़ में निकल जाता है। सार्वजनिक परिवहन की कमी और निजी वाहन का खर्च भी अतिरिक्त बोझ बनता है। बुजुर्ग सैनिकों और दिव्यांग पूर्व सैनिकों के लिए यह स्थिति और भी अधिक कष्टदायक है।
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बुजुर्ग सैनिकों को सबसे ज्यादा परेशानी : कुलविंदर सिंह
शाहाबाद वासी दिव्यांग पूर्व सैनिक कुलविंदर सिंह ने कहा कि अधिकांश सेवानिवृत्त सैनिक 60 वर्ष से अधिक आयु पार कर चुके हैं। कई लोग गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में अलग-अलग कार्यालयों में जाने और लंबी दूरी तय करने में उन्हें शारीरिक परेशानी होती है। सेक्टर-पांच में बनाई क्लीनिक तक पहुंच पाना चुनौती भरा है। ऐसा हो कि या तो सभी ब्लॉक या विधानसभा क्षेत्र में सैनिक अस्पताल बना दिया जाए या फिर एक ही जगह पर सभी सुविधाओं को मुहैया कराने के प्रबंध हों। यदि सभी सेवाएं एक ही परिसर में मिलें तो काफी समय और धन बचेगा।
बाक्स
फोटो 19
एकीकृत सैनिक सुविधा केंद्र तैयार करे सरकार : कैप्टन अशोक
एक्स सर्विसमैन वेटरन वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ऑनरेरी कैप्टन अशोक कुमार ने कहा कि मुख्यालय स्तर पर एक आधुनिक एकीकृत सैनिक सुविधा केंद्र विकसित होना चाहिए। जिला सैनिक बोर्ड, ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक, कैंटीन, बैंकिंग सुविधा, पेंशन सहायता केंद्र और अन्य सैनिक कल्याण सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हों। पानीपत सहित कई जिलों में इस तरह की व्यवस्था सफलतापूर्वक संचालित हो रही है और कुरुक्षेत्र में भी इसे लागू किया जाना चाहिए।
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जिले में करीब सात हजार पुरुष और डेढ़ हजार वीरांगनाएं शामिल हैं। इनमें ऐसे बुजुर्ग सैनिकों भी हैं, जिन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने में कठिनाई होती है। इसके बावजूद कैंटीन, ईसीएचएस (एक्स-सर्विसमैन कांट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम) पॉलीक्लिनिक, जिला सैनिक बोर्ड और अन्य संबंधित कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर संचालित होने से उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। पूर्व सैनिकों ने सरकार से मांग की है कि जिले में सैनिकों और पूर्व सैनिकों के लिए सभी आवश्यक सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जाएं।
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एक काम के लिए कई जगह लगाना पड़ता है चक्कर : खुशी राम
लगभग 30 साल भारतीय सेना में सेवा करने वाले नलवी वासी पूर्व सैनिक ऑनरेरी सूबेदार खुशी राम ने कहा कि कैंटीन से सामान लेने के लिए अगल जगह और इलाज के लिए ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक दूसरे स्थान पर जाना पड़ता है। पेंशन, दस्तावेज सत्यापन, अनुदान, आश्रित प्रमाण पत्र अथवा अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए जिला सैनिक बोर्ड के कार्यालय में अलग से चक्कर लगते हैं। एक ही दिन में दो या तीन काम हों तो पूरा दिन भागदौड़ में निकल जाता है। सार्वजनिक परिवहन की कमी और निजी वाहन का खर्च भी अतिरिक्त बोझ बनता है। बुजुर्ग सैनिकों और दिव्यांग पूर्व सैनिकों के लिए यह स्थिति और भी अधिक कष्टदायक है।
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बुजुर्ग सैनिकों को सबसे ज्यादा परेशानी : कुलविंदर सिंह
शाहाबाद वासी दिव्यांग पूर्व सैनिक कुलविंदर सिंह ने कहा कि अधिकांश सेवानिवृत्त सैनिक 60 वर्ष से अधिक आयु पार कर चुके हैं। कई लोग गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में अलग-अलग कार्यालयों में जाने और लंबी दूरी तय करने में उन्हें शारीरिक परेशानी होती है। सेक्टर-पांच में बनाई क्लीनिक तक पहुंच पाना चुनौती भरा है। ऐसा हो कि या तो सभी ब्लॉक या विधानसभा क्षेत्र में सैनिक अस्पताल बना दिया जाए या फिर एक ही जगह पर सभी सुविधाओं को मुहैया कराने के प्रबंध हों। यदि सभी सेवाएं एक ही परिसर में मिलें तो काफी समय और धन बचेगा।
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फोटो 19
एकीकृत सैनिक सुविधा केंद्र तैयार करे सरकार : कैप्टन अशोक
एक्स सर्विसमैन वेटरन वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ऑनरेरी कैप्टन अशोक कुमार ने कहा कि मुख्यालय स्तर पर एक आधुनिक एकीकृत सैनिक सुविधा केंद्र विकसित होना चाहिए। जिला सैनिक बोर्ड, ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक, कैंटीन, बैंकिंग सुविधा, पेंशन सहायता केंद्र और अन्य सैनिक कल्याण सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हों। पानीपत सहित कई जिलों में इस तरह की व्यवस्था सफलतापूर्वक संचालित हो रही है और कुरुक्षेत्र में भी इसे लागू किया जाना चाहिए।

कुरुक्षेत्र। पूर्व सैनिक खुशी राम। संवाद

कुरुक्षेत्र। पूर्व सैनिक खुशी राम। संवाद

कुरुक्षेत्र। पूर्व सैनिक खुशी राम। संवाद