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Kurukshetra News: खाली चली हरियाणा रोडवेज की बसें, नहीं मिले पर्याप्त अभ्यर्थी
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कुरुक्षेत्र। नीट परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए हरियाणा रोडवेज की ओर से चलाई गई विशेष बसों को पर्याप्त यात्री नहीं मिले। विभाग ने अभ्यर्थियों के लिए 17 विशेष बसों की व्यवस्था की थी, जो लगभग खाली ही रहीं। सुबह के समय से लेकर शाम को वापसी तक इन बसों में उतनी संख्या में अभ्यर्थी मिले ही नहीं। वहीं अधिकांश अभ्यर्थी निजी वाहनों से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे। इसके चलते कई केंद्रों पर बसें लंबे समय तक खड़ी रहीं और खाली ही वर्कशॉप लौट गईं।
रविवार को जिले में आयोजित नीट परीक्षा के लिए प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए थे। एनआईटी, यूआईईटी, यूनिवर्सिटी कॉलेज, मॉडल संस्कृत स्कूल और पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय मथाना सहित सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर शाम के समय पेपर समाप्त होने पर दो-दो सरकारी बसें तैनात की गई थीं, लेकिन लगभग सभी बसें खाली ही लौट गईं। हालांकि अभ्यर्थियों और उनके परिजनों ने निजी वाहनों से अपने बच्चों को परीक्षा दिलाने के लिए पहुंचना पसंद किया। इसी वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई।
दूसरी ओर बड़ी संख्या में निजी वाहनों के पहुंचने से विश्वविद्यालय के थर्ड गेट के आसपास जाम की स्थिति बन गई। यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। जिले में नीट परीक्षा के लिए 1980 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 1768 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 212 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
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500 मीटर के दायरे में चार परीक्षा केंद्र, फैली अव्यवस्था, लगा जाम
जिले में पांच परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। पहला परीक्षा केंद्र पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय मथाना था, जो बाकी चार परीक्षा केंद्रों से लगभग 18 किलोमीटर की दूरी पर था। वहीं बाकी के चार परीक्षा केंद्र मात्र 500 मीटर के दायरे में थे। इनमें पीएम श्री संस्कृत मॉडल स्कूल, केयू परिसर के दूसरे गेट से करीब 50 मीटर की दूरी पर है। वहीं यूआईईटी और यूनिवर्सिटी कॉलेज बिल्कुल आमने-सामने हैं, जबकि एनआईटी करीब 500 मीटर की दूरी पर है। इसी वजह से केयू की पार्किंग को मुख्य पार्किंग बनाया गया। जिस कारण जब सभी अभ्यर्थी अपने वाहनों के साथ बाहर निकले तो उस समय जाम की स्थिति पैदा हो गई।
रविवार को जिले में आयोजित नीट परीक्षा के लिए प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए थे। एनआईटी, यूआईईटी, यूनिवर्सिटी कॉलेज, मॉडल संस्कृत स्कूल और पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय मथाना सहित सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर शाम के समय पेपर समाप्त होने पर दो-दो सरकारी बसें तैनात की गई थीं, लेकिन लगभग सभी बसें खाली ही लौट गईं। हालांकि अभ्यर्थियों और उनके परिजनों ने निजी वाहनों से अपने बच्चों को परीक्षा दिलाने के लिए पहुंचना पसंद किया। इसी वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई।
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दूसरी ओर बड़ी संख्या में निजी वाहनों के पहुंचने से विश्वविद्यालय के थर्ड गेट के आसपास जाम की स्थिति बन गई। यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। जिले में नीट परीक्षा के लिए 1980 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 1768 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 212 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
500 मीटर के दायरे में चार परीक्षा केंद्र, फैली अव्यवस्था, लगा जाम
जिले में पांच परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। पहला परीक्षा केंद्र पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय मथाना था, जो बाकी चार परीक्षा केंद्रों से लगभग 18 किलोमीटर की दूरी पर था। वहीं बाकी के चार परीक्षा केंद्र मात्र 500 मीटर के दायरे में थे। इनमें पीएम श्री संस्कृत मॉडल स्कूल, केयू परिसर के दूसरे गेट से करीब 50 मीटर की दूरी पर है। वहीं यूआईईटी और यूनिवर्सिटी कॉलेज बिल्कुल आमने-सामने हैं, जबकि एनआईटी करीब 500 मीटर की दूरी पर है। इसी वजह से केयू की पार्किंग को मुख्य पार्किंग बनाया गया। जिस कारण जब सभी अभ्यर्थी अपने वाहनों के साथ बाहर निकले तो उस समय जाम की स्थिति पैदा हो गई।