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Kurukshetra News: योग के जरिए भारत-जापान के सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने का संदेश, 200 साधकों ने की योग क्रियाएं
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कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की जापान में भी धूम दिखाई दी, जहां अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान 200 साधकों ने योग क्रियाएं कीं। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने योग दिवस पर संदेश दिया। उन्होंने कहा कि योग भारत की अमूल्य धरोहर है, जिसने आज पूरी दुनिया को स्वास्थ्य, संतुलन का मार्ग दिखाया है।
जापान की योग राजमाता कीको ऐकावा का गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने इस दौरान स्वागत किया। वे योग दिवस कार्यक्रम में शामिल हुईं। टोक्यो के पीआईओ हॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जापान के लोगों में योग कार्यक्रम को लेकर उत्साह दिखाई दिया। वहीं योग राजमाता ने भी योग की महत्ता से रूबरू कराया। स्वामी ज्ञानानंद ने योग को अपने जीवनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया और कहा कि स्वस्थ रहना है तो योग सबसे ज्यादा कारगर। योग केवल अभ्यास नहीं बल्कि मानसिक शांति व वैश्विक सद्भाव का मार्ग है। वर्तमान में चल रहे तनाव व चिंता के माहौल में योग व गीता संदेश की अत्यंत आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान योगाभ्यास, ध्यान व भारतीय अध्यात्मिक परंपराओं के माध्यम से दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का संदेश दिया। इस दौरान पूंडरी विधायक सतपाल जांबा, केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, विजय नरूला, अशोक रोशा, मेयर श्यामलाल बंसल, अलकेश मौदगिल, डॉ. ऋषिपाल मथाना, एक के मोदगिल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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जिला परिषद के वाइस चेयरमैन ने कनाडा में परिवार सहित किया योग
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला परिषद के वाइस चेयरमैन व क्रीड़ा भारती के विभाग संयोजक धर्मपाल चौधरी डीपी ने अपने परिवार के साथ रॉयल क्वांटलन पार्क, सरी ब्रिटिश कोलंबिया, कनाडा में योगाभ्यास किया। उन्होंने नियमित योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार बताते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा को जोड़ने वाली भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है।
धर्मपाल चौधरी ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अथक प्रयास के कारण आज योग को वैश्विक पहचान मिली है और संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाना पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में योग जन-जन के जीवन का हिस्सा बन रहा है और विश्व में करोड़ों लोग इससे लाभान्वित हो रहे हैं।
जापान की योग राजमाता कीको ऐकावा का गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने इस दौरान स्वागत किया। वे योग दिवस कार्यक्रम में शामिल हुईं। टोक्यो के पीआईओ हॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जापान के लोगों में योग कार्यक्रम को लेकर उत्साह दिखाई दिया। वहीं योग राजमाता ने भी योग की महत्ता से रूबरू कराया। स्वामी ज्ञानानंद ने योग को अपने जीवनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया और कहा कि स्वस्थ रहना है तो योग सबसे ज्यादा कारगर। योग केवल अभ्यास नहीं बल्कि मानसिक शांति व वैश्विक सद्भाव का मार्ग है। वर्तमान में चल रहे तनाव व चिंता के माहौल में योग व गीता संदेश की अत्यंत आवश्यकता है।
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कार्यक्रम के दौरान योगाभ्यास, ध्यान व भारतीय अध्यात्मिक परंपराओं के माध्यम से दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का संदेश दिया। इस दौरान पूंडरी विधायक सतपाल जांबा, केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, विजय नरूला, अशोक रोशा, मेयर श्यामलाल बंसल, अलकेश मौदगिल, डॉ. ऋषिपाल मथाना, एक के मोदगिल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
जिला परिषद के वाइस चेयरमैन ने कनाडा में परिवार सहित किया योग
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला परिषद के वाइस चेयरमैन व क्रीड़ा भारती के विभाग संयोजक धर्मपाल चौधरी डीपी ने अपने परिवार के साथ रॉयल क्वांटलन पार्क, सरी ब्रिटिश कोलंबिया, कनाडा में योगाभ्यास किया। उन्होंने नियमित योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार बताते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा को जोड़ने वाली भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है।
धर्मपाल चौधरी ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अथक प्रयास के कारण आज योग को वैश्विक पहचान मिली है और संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाना पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में योग जन-जन के जीवन का हिस्सा बन रहा है और विश्व में करोड़ों लोग इससे लाभान्वित हो रहे हैं।