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Kurukshetra News: शाहाबाद की बेटी नवनीत के गोल से भारत बना नेशंस कप चैंपियन
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कुरुक्षेत्र। ट्रॉफी जीतने के बाद खुशी जाहिर करती हुई खिलाड़ी नवनीत। स्वयं
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शाहाबाद। भारतीय महिला हॉकी टीम की स्टार फॉरवर्ड ओलंपियन नवनीत कौर के शानदार गोल की बदौलत भारत ने एफआईएच महिला नेशंस कप का खिताब अपने नाम कर लिया। ऑकलैंड में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने मेजबान न्यूजीलैंड को 2-0 से हराया। नवनीत ने मैच के चौथे मिनट में गोल कर भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने एफआईएच प्रो लीग 2026-27 में भी अपनी वापसी सुनिश्चित कर ली।
फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। मैच के चौथे मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर नवनीत कौर ने गेंद को गोल में पहुंचाकर भारत का खाता खोला। शुरुआती बढ़त मिलने के बाद भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा और टीम ने न्यूजीलैंड पर दबाव बनाए रखा। इसके बाद सुनेलिता टोप्पो ने दूसरा गोल कर भारत की बढ़त 2-0 कर दी। भारतीय टीम ने मजबूत रक्षण का प्रदर्शन करते हुए यह बढ़त अंत तक कायम रखी और खिताब अपने नाम कर लिया।
पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन दमदार रहा। टीम ने ग्रुप चरण में अमेरिका, जापान और उरुग्वे को हराया। वहीं सेमीफाइनल में चिली को 6-0 से शिकस्त देकर फाइनल में प्रवेश किया। फाइनल में नवनीत कौर के शुरुआती गोल ने भारत की जीत की नींव रखी। वहीं इस जीत के बाद नवनीत के पिता बूटा सिंह ने कहा कि यह जीत पूरे देश की जीत है। उन्हें उम्मीद है कि नवनीत भविष्य में भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन कर देश का मान बढ़ाती रहेंगी।
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किसान परिवार से है ताल्लुक
शाहाबाद की रहने वाली नवनीत कौर भारतीय महिला हॉकी टीम की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली नवनीत ने बचपन से ही हॉकी को अपना लक्ष्य बनाया और कड़ी मेहनत के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाई। शाहाबाद को देश की महिला हॉकी की नर्सरी माना जाता है और नवनीत कौर इसी खेल परंपरा की सबसे चमकदार पहचान में शामिल हैं। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने कोच बलदेव सिंह को दिया।
फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। मैच के चौथे मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर नवनीत कौर ने गेंद को गोल में पहुंचाकर भारत का खाता खोला। शुरुआती बढ़त मिलने के बाद भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा और टीम ने न्यूजीलैंड पर दबाव बनाए रखा। इसके बाद सुनेलिता टोप्पो ने दूसरा गोल कर भारत की बढ़त 2-0 कर दी। भारतीय टीम ने मजबूत रक्षण का प्रदर्शन करते हुए यह बढ़त अंत तक कायम रखी और खिताब अपने नाम कर लिया।
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पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन दमदार रहा। टीम ने ग्रुप चरण में अमेरिका, जापान और उरुग्वे को हराया। वहीं सेमीफाइनल में चिली को 6-0 से शिकस्त देकर फाइनल में प्रवेश किया। फाइनल में नवनीत कौर के शुरुआती गोल ने भारत की जीत की नींव रखी। वहीं इस जीत के बाद नवनीत के पिता बूटा सिंह ने कहा कि यह जीत पूरे देश की जीत है। उन्हें उम्मीद है कि नवनीत भविष्य में भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन कर देश का मान बढ़ाती रहेंगी।
किसान परिवार से है ताल्लुक
शाहाबाद की रहने वाली नवनीत कौर भारतीय महिला हॉकी टीम की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली नवनीत ने बचपन से ही हॉकी को अपना लक्ष्य बनाया और कड़ी मेहनत के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाई। शाहाबाद को देश की महिला हॉकी की नर्सरी माना जाता है और नवनीत कौर इसी खेल परंपरा की सबसे चमकदार पहचान में शामिल हैं। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने कोच बलदेव सिंह को दिया।