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नीट एग्जाम : एनआईटी में अभिभावकों को मिली राहत, बाकी केंद्रों पर धूप में भटके परिजन
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कुरुक्षेत्र। नीट परीक्षा के दौरान जहां एक ओर अभ्यर्थी परीक्षा देने के लिए अपने कमरों में बैठे थे, वहीं बाहर इंतजार कर रहे अभिभावकों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। जिले के पांच परीक्षा केंद्रों में केवल एनआईटी प्रशासन ने अभिभावकों के लिए विशेष व्यवस्था करते हुए चार वातानुकूलित कमरे उपलब्ध कराए। यहां बैठने और पीने के पानी की व्यवस्था भी की गई, जिससे अभिभावकों को काफी राहत मिली।
इसके विपरीत बाकी के चार केंद्रों पर अभिभावकों के लिए कोई विशेष इंतजाम नजर नहीं आया। कई अभिभावक पेड़ों की छांव, पार्किंग स्थल और दीवारों के सहारे बैठकर बच्चों के परीक्षा समाप्त होने का इंतजार करते रहे। दोपहर की तेज धूप और उमस के बीच पानी और बैठने की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
कई अभिभावकों ने बताया कि परीक्षा केंद्रों के बाहर उनके लिए न तो विश्राम स्थल बनाया गया और न ही पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई। उधर, पुलिस कर्मियों द्वारा सुरक्षा कारणों से अभिभावकों को केंद्रों से दूर रहने के निर्देश दिए गए, जिसके चलते उन्हें और दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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चार केंद्रों पर सिर्फ एक एंबुलेंस, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
नीट परीक्षा के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल खड़े हुए। जिले के पांच परीक्षा केंद्रों में चार केंद्रों पर केवल यूआईईटी पर ही एंबुलेंस तैनात नजर आई। एक एंबुलेंस पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय मथाना पर रही। अभिभावकों का कहना है कि भीषण गर्मी और बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की मौजूदगी के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। केयू और उसके आसपास के चार केंद्रों पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था दिखाई नहीं दी। यदि किसी अभ्यर्थी या अभिभावक की तबीयत बिगड़ती तो तत्काल सहायता मिलने में परेशानी हो सकती थी। प्रशासन की ओर से हालांकि परीक्षा के लिए व्यापक तैयारी का दावा किया गया था।
इसके विपरीत बाकी के चार केंद्रों पर अभिभावकों के लिए कोई विशेष इंतजाम नजर नहीं आया। कई अभिभावक पेड़ों की छांव, पार्किंग स्थल और दीवारों के सहारे बैठकर बच्चों के परीक्षा समाप्त होने का इंतजार करते रहे। दोपहर की तेज धूप और उमस के बीच पानी और बैठने की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
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कई अभिभावकों ने बताया कि परीक्षा केंद्रों के बाहर उनके लिए न तो विश्राम स्थल बनाया गया और न ही पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई। उधर, पुलिस कर्मियों द्वारा सुरक्षा कारणों से अभिभावकों को केंद्रों से दूर रहने के निर्देश दिए गए, जिसके चलते उन्हें और दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
चार केंद्रों पर सिर्फ एक एंबुलेंस, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
नीट परीक्षा के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल खड़े हुए। जिले के पांच परीक्षा केंद्रों में चार केंद्रों पर केवल यूआईईटी पर ही एंबुलेंस तैनात नजर आई। एक एंबुलेंस पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय मथाना पर रही। अभिभावकों का कहना है कि भीषण गर्मी और बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की मौजूदगी के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। केयू और उसके आसपास के चार केंद्रों पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था दिखाई नहीं दी। यदि किसी अभ्यर्थी या अभिभावक की तबीयत बिगड़ती तो तत्काल सहायता मिलने में परेशानी हो सकती थी। प्रशासन की ओर से हालांकि परीक्षा के लिए व्यापक तैयारी का दावा किया गया था।