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Kurukshetra News: एसकेएम ने घेरा सांसद का आवास, जताया रोष
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कुरुक्षेत्र। प्रदर्शन करते किसानों को सांसद नवीन जिंदल के घर के बाहर रोकते हुए पुलिसकर्मी। संव
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कुरुक्षेत्र। प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले बुधवार को कई किसान संगठनों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। इस दौरान वे सांसद नवीन जिंदल के आवास का घेराव करने पहुंचे। यहां पर उन्होंने सांसद प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा।
किसान नेता रतनमान के नेतृत्व में बुधवार सुबह किसान बीएसएनएल एक्सचेंज के पास एकत्रित हुए। यहां से सभी सांसद आवास पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ट्रेड डील वापस लेने की मांग की। उन्होंने ज्ञापन में सांसद से मांग की कि इस मुद्दे को संसद में मजबूती से उठाए। इसके अलावा सरकार से प्रस्तावित ट्रेड डील को रद्द करने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की गई। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों को अनदेखा किया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
किसान नेता रतन मान ने कहा कि केंद्र सरकार जिन अंतरराष्ट्रीय ट्रेड समझौतों की ओर बढ़ रही है, उनका सबसे बड़ा नुकसान देश के किसानों को उठाना पड़ेगा। उनका आरोप था कि यदि यह ट्रेड डील लागू होती है तो कृषि क्षेत्र में विदेशी कंपनियों का दखल बढ़ेगा, जिससे किसानों को अपनी फसलों का उचित मूल्य मिलने में परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की राय लिए बिना ऐसे फैसले ले रही है, जो कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव डाल सकते हैं। उनका कहना था कि खेती पहले ही बढ़ती लागत, प्राकृतिक आपदाओं और बाजार की अनिश्चितताओं से जूझ रही है। ऐसे में किसानों के हितों को प्रभावित करने वाला कोई भी फैसला स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान सांसद आवास के बाहर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस की मौजूदगी में किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपने के बाद वापस लौट गए।
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किसान नेता रतनमान के नेतृत्व में बुधवार सुबह किसान बीएसएनएल एक्सचेंज के पास एकत्रित हुए। यहां से सभी सांसद आवास पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ट्रेड डील वापस लेने की मांग की। उन्होंने ज्ञापन में सांसद से मांग की कि इस मुद्दे को संसद में मजबूती से उठाए। इसके अलावा सरकार से प्रस्तावित ट्रेड डील को रद्द करने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की गई। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों को अनदेखा किया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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किसान नेता रतन मान ने कहा कि केंद्र सरकार जिन अंतरराष्ट्रीय ट्रेड समझौतों की ओर बढ़ रही है, उनका सबसे बड़ा नुकसान देश के किसानों को उठाना पड़ेगा। उनका आरोप था कि यदि यह ट्रेड डील लागू होती है तो कृषि क्षेत्र में विदेशी कंपनियों का दखल बढ़ेगा, जिससे किसानों को अपनी फसलों का उचित मूल्य मिलने में परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की राय लिए बिना ऐसे फैसले ले रही है, जो कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव डाल सकते हैं। उनका कहना था कि खेती पहले ही बढ़ती लागत, प्राकृतिक आपदाओं और बाजार की अनिश्चितताओं से जूझ रही है। ऐसे में किसानों के हितों को प्रभावित करने वाला कोई भी फैसला स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान सांसद आवास के बाहर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस की मौजूदगी में किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपने के बाद वापस लौट गए।

कुरुक्षेत्र। प्रदर्शन करते किसानों को सांसद नवीन जिंदल के घर के बाहर रोकते हुए पुलिसकर्मी। संव
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