'मम्मी-पापा माफ कर देना': रजिस्टर पर लिखा- मैं आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरी; हॉस्टल में कर ली खुदकुशी
एनआईटी की छात्रा दीक्षा ने वीरवार दोपहर अपने कमरे में आत्महत्या कर ली। उसने लिखा, मम्मी-पापा माफ कर देना, मैं उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई।
विस्तार
हंसती-खेलती, सहेलियों के साथ लैब में व्यस्त रहने वाली दीक्षा वीरवार दोपहर सहेली के साथ लैब से खाना खाने मेस के लिए निकली। रास्ते में सहेली को मेस में जाने से मना कर कहा, लैब लौटते समय उसे साथ ले ले... और सीधे अपने कमरे में चली गई। कुछ देर बाद जब सहेली ने उसे फोन किया तो सामने से कोई जवाब नहीं आया। सहेली उसके कमरे के बाहर पहुंची और दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। जब दरवाजा तोड़ा गया, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था।
एनआईटी की छात्रा दीक्षा ने अपनी जिंदगी के आखिरी कुछ शब्द दो अलग-अलग जगह लिखे। पहला शब्द एक मेज पर रखे रजिस्टर के बीच में खाली पन्ने पर लिखा सुसाइड। मेज पर साइड में रखी भविष्य में आगे बढ़ने वाली कृत्रिम बुद्धिमता की किताब में पेज के नीचे लिखा.. मम्मी-पापा माफ कर देना, मैं आपकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई।
यह वो ही चार शब्द है, जो उसने अपने दिल की बात अंतिम बार दर्ज की। घटना की सूचना मिलते ही छात्रावास में कोहराम मच गया। कई छात्राएं रोने लगी। भय और सदमे का माहौल पूरे छात्रावास में छा गया। कुछ छात्राओं के फाइल परिजन जब उन्हें लेने पहुंचे, तो प्रशासन ने बैरिकेड लगाकर उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। छात्राएं अपने कमरों में बंद होकर रोती रही। कई ने कहा कि हम अब अकेले रहने से डर रहे हैं।
किताब पर लिख पंखे से झूल गई बीटेक छात्रा
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र (एनआईटी) के महिला छात्रावास में तीसरी मंजिल पर वीरवार को कमरे में छात्रा (19) ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा का शव पंखे पर लटका मिला। बीटेक के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस के द्वितीय वर्ष की छात्रा दीक्षा दूबे बिहार के बक्सर जिले के बसौली की रहने वाली थी। वह कावेरी छात्रावास के कमरा नंबर 441 में रह रही थी। एनआईटी में एक सप्ताह में दूसरा व दो माह में आत्महत्या का यह चौथा मामला सामने आने के बाद से एनआईटी प्रशासन सकते में है।
घटना की सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। हॉस्टल के कमरे को सील कर दिया गया है। छात्रा के परिवार को सूचना दे दी गई है। छात्रावास में दीक्षा के आसपास के कमरों में रहने वाली छात्राओं ने बताया है कि वह सुबह कक्षा में गई थी, लेकिन दोपहर 12 बजे के करीब वापस अपने कमरे में आ गई।
दोपहर दो बजे के करीब एक छात्रा ने जब उसका दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई आवाज न आने पर सुरक्षाकर्मी को सूचित किया। सुरक्षाकर्मी ने तुरंत स्थिति को समझते हुए खिड़की से झांककर देखा तो दीक्षा फंदे से लटकी हुई मिली। थर्ड गेट चौकी प्रभारी विनोद कुमार ने मुताबिक अभी तक दीक्षा के आत्महत्या करने की वजह साफ नहीं हो सकी है। पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है।
रजिस्टर में लिखा सुसाइड, बुक पर लिखा सॉरी मम्मी-पापा...
पुलिस को सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, लेकिन कमरे में एक रजिस्टर के बीच के खाली पेज पर सुसाइड लिखा हुआ मिला है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दीक्षा की एआई की किताबों के मोड़े हुए एक पेज पर सॉरी मम्मी-पापा लिखा हुआ था। पुलिस ने उसे अपने कब्जे में लेकर लिखाई व अन्य सामान को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया।
कारणों का लगाया जा रहा पता
छात्रा द्वारा आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। छात्रों की मानसिक परिस्थिति समझने के लिए प्रशासन ने हर 15 से 20 छात्रों पर मेनटोर लगाएं हैं, जो हर छात्र से दूसरे से तीसरे दिन संवाद कर रहे हैं। -डॉ. ज्ञान भूषण, प्रवक्ता, एनआईटी, कुरुक्षेत्र।
दो माह में चौथी घटना
16 अप्रैल- दीक्षा दूबे , बक्सर (बिहार)
9 अप्रैल - प्रियांशु वर्मा (22), सिरसा
31 मार्च - पवन कुमार (22) , नूंह
16 फरवरी - अंगोद शिवा (19), तेलंगाना
