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NIT सुसाइड केस में नया मोड़: रेनू भाटिया बोलीं- सट्टेबाजी व 36% ब्याज वाले कर्ज ने ली जान, मैराथन जांच शुरू

गौरव सागवाल, संवाद न्यूज एजेंसी (कुरुक्षेत्र) Published by: Naveen Updated Wed, 29 Apr 2026 09:34 AM IST
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सार

रेणू भाटिया ने कहा, हमारे लिए शर्म का विषय है कि बेटियां आत्महत्या कर रही हैं और हम उनके लिए कुछ नहीं कर पा रहे। उन्होंने कहा कि बच्चों के परिवार वालों के नंबर ले लिए हैं और अब वह स्वयं उनसे बात करेंगी।

Women Commission Major Revelation Regarding Suicides at NIT Kurukshetra: Students Trapped in Web of Debt
महिला आयोग की प्रदेश अध्यक्ष रेणु भाटिया - फोटो : संवाद
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विस्तार

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में हाल में हुई चार आत्महत्याओं की तफ्तीश के सिलसिले में मंगलवार को पहुंचीं राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि एनआईटी के काफी विद्यार्थी सट्टेबाजी और कर्ज में फंसे हुए हैं। इसका मुख्य कारण जो सामने आया है, वह है एनआईटी परिसर में धड़ल्ले से बन रहे क्रेडिट कार्ड। वह करीब साढ़े चार घंटे तक परिसर में रहीं। इस दौरान उन्होंने संस्थान के प्रबंधन के साथ मैराथन बैठक की।

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भाटिया ने बातचीत में बताया कि बच्चों पर 70-70 हजार रुपये तक के क्रेडिट कार्ड के कर्ज हैं। इस पर 36 प्रतिशत के ब्याज देना पड़ रहा है। इस कर्ज को चुकाने के लिए छात्र अलग से कर्ज ले रहे हैं। ये सभी लोन आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड से जुड़े बताए गए हैं।
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उन्होंने बताया कि परिसर में क्रेडिट कार्ड बनाने वाला कर्मचारी बिरेंद्र बाबा संस्थान के करीब 3500 बच्चों के व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि बिना माता-पिता की अनुमति और बिना एनआईटी के संज्ञान में लिए यह कैसे संभव है कि इतने बच्चों के क्रेडिट कार्ड बना दिए गए। इसमें किसी साजिश की बू आ रही है। इस दौरान उक्त कर्मचारी को भी बुलाया गया परंतु वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया कि वह विद्यार्थियों के व्हाट्सएप ग्रुप से क्यों और कैसे जुड़ा हुआ है। अध्यक्ष ने पुलिस प्रशासन को इसकी जांच करने के निर्देश दिए हैं।

नौ अप्रैल की घटना के बाद ही लगा दिया था बैन : निदेशक

एनआईटी के कार्यवाहक निदेशक ब्रह्मजीत सिंह ने बताया कि नौ अप्रैल को हुई छात्र प्रियांशु की आत्महत्या के बाद ही बैंक को पत्र जारी कर क्रेडिट कार्ड बनाने की प्रक्रिया को बंद करने के लिए कह दिया गया था। अन्य कंपनियों और बैंकों को भी यहां क्रेडिट कार्ड बनाने से मना कर दिया गया है।

आत्महत्या करने वाले छात्र पवन के पिता ने भी लगाए थे कर्ज में फंसे होने के आरोप

31 मार्च को नूंह जिले के रहने वाले पवन कुमार ने एनआईटी के हॉस्टल नंबर आठ में आत्महत्या कर ली थी। उसकी मौत के पीछे क्रेडिट कार्ड से कर्जा बताया गया था। जिसकी पुष्टि उसके पिता पिता विजेंद्र सिंह ने की थी। उन्होंने कहा था कि 28 जनवरी 2026 को ही 75 हजार रुपये पवन को तीन किस्तों में दिए गए थे। इसमें 25,000, 26,720 और 23,280 रुपये शामिल हैं। ताकि वे क्रेडिट कार्ड की किस्त भर सके, पवन के चाचा और पिता ने भी हॉस्टल में सट्टेबाजी आदि होने का भी दावा किया था।

महिला आयोग अध्यक्ष ने आत्महत्याओं का मांगा ब्यौरा

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने हाल में हुई आत्महत्याओं का ब्यौरा संस्थान प्रशासन से तलब किया है। संस्थान प्रबंधन के साथ करीब साढ़े चार घंटे की मैराथन बैठक में उन्होंने पीड़ित बच्चों के परिजनों के नंबर लेकर कुछ के साथ बात भी की। उन्होंने 16 अप्रैल को हुई छात्रा दीक्षा दुबे की आत्महत्या और 17 अप्रैल को एक अन्य छात्रा द्वारा पांचवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या के प्रयास पर विशेष रूप से सवाल किए।

साथ ही एनआईटी में हॉस्टल खाली करवाने के कारणों के बारे में भी पूछा। उन्होंने कहा कि संस्थान के छात्रों ने उनसे निजी तौर पर एनआईटी का दौरा करने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा, विद्यार्थियों से मिली जानकारी के आधार पर एनआईटी प्रशासन के साथ बैठक के दौरान विभिन्न बिंदुओं पर समीक्षा की गई। विद्यार्थियों के परिजनों के नंबर लिए गए हैं और उनसे भी बातचीत की जाएगी।

सभी से बातचीत के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान बैठक में एनआईटी प्रशासन, डीएसपी सुनील कुमार, एसएचओ केयूके और महिला थाना एसएचओ भी मौजूद रहे। इससे पहले मानवाधिकार आयोग ने भी पत्र जारी कर एनआईटी प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी। इस मामले की अगली सुनवाई 19 मई को होनी है।

दो माह में चार विद्यार्थियों ने की थी आत्महत्या

16 फरवरी से 16 अप्रैल के बीच एक छात्रा समेत चार बच्चों ने एनआईटी छात्रावास के अपने कमरों में फंदा लगाकर जान दे दी थी। जबकि एक छात्रा ने आत्महत्या का प्रयास किया था। इसके बाद से एनआईटी में अनिश्चितकालीन अवकाश घोषित किया जा चुका है।

आत्महत्या का प्रयास करने वाली छात्रा ट्रॉमा में

रेणू भाटिया ने कहा, हमारे लिए शर्म का विषय है कि बेटियां आत्महत्या कर रही हैं और हम उनके लिए कुछ नहीं कर पा रहे। उन्होंने कहा कि बच्चों के परिवार वालों के नंबर ले लिए हैं और अब वह स्वयं उनसे बात करेंगी। छत से कूदकर आत्महत्या का प्रयास करने वाली छात्रा से बात की है। वह अभी ट्रॉमा में है। जब वह दोबारा संस्थान में आएगी, तो वह स्वयं उससे मिलकर बात करेंगी। वह छात्रा अपने माता-पिता के साथ नहीं रहना चाहती।
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