{"_id":"69c96e842b66d7bc0e05094e","slug":"cleanliness-survey-on-the-horizon-municipal-councils-preparations-incomplete-heaps-of-garbage-everywhere-narnol-news-c-196-1-nnl1004-137845-2026-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: स्वच्छता सर्वेक्षण सिर पर...नगर परिषद की तैयारी अधूरी, जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: स्वच्छता सर्वेक्षण सिर पर...नगर परिषद की तैयारी अधूरी, जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 29 Mar 2026 11:55 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
नारनौल। जिले में स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम कभी भी पहुंच सकती है लेकिन शहर की सफाई व्यवस्था सवालों के घेरे में है। शहर के कई हिस्सों में कूड़े के ढेर लगे हैं जिससे न केवल बदबू फैल रही है बल्कि बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। मुख्य मार्गों से लेकर कॉलोनियों तक सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं दिख रही है।
शहर के सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। कई स्थानों पर शौचालयों में पानी की व्यवस्था तक नहीं है जिससे लोग उनका उपयोग करने से कतराते हैं। गंदगी और अव्यवस्था के चलते स्वच्छता सर्वेक्षण में जिले की रैंकिंग पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
नगर परिषद ने स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत 38.74 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस अभियान में नुक्कड़ नाटक, रैलियां, घर-घर संपर्क और विभिन्न माध्यमों से लोगों को कचरा पृथक्करण के बारे में जागरूक किया जाएगा।
परिषद का मानना है कि केवल सफाई व्यवस्था ही नहीं, बल्कि लोगों की भागीदारी भी स्वच्छता में अहम भूमिका निभाती है। नगर परिषद अधिकारियों के अनुसार टीम शहर में अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करेगी। लोगों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा। स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश भी दिया जाएगा।
वर्ष 2025 के स्वच्छता सर्वेक्षण में भी जिले की रैंकिंग संतोषजनक नहीं रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार बेहतर प्रदर्शन के लिए नगर परिषद प्रयासरत है। हालांकि, जमीनी हकीकत को देखते हुए अभी भी कई चुनौतियां बनी हुई हैं। यदि समय रहते सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो इस बार भी परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं आ पाएंगे।
Trending Videos
शहर के सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। कई स्थानों पर शौचालयों में पानी की व्यवस्था तक नहीं है जिससे लोग उनका उपयोग करने से कतराते हैं। गंदगी और अव्यवस्था के चलते स्वच्छता सर्वेक्षण में जिले की रैंकिंग पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर परिषद ने स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत 38.74 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस अभियान में नुक्कड़ नाटक, रैलियां, घर-घर संपर्क और विभिन्न माध्यमों से लोगों को कचरा पृथक्करण के बारे में जागरूक किया जाएगा।
परिषद का मानना है कि केवल सफाई व्यवस्था ही नहीं, बल्कि लोगों की भागीदारी भी स्वच्छता में अहम भूमिका निभाती है। नगर परिषद अधिकारियों के अनुसार टीम शहर में अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करेगी। लोगों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा। स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश भी दिया जाएगा।
वर्ष 2025 के स्वच्छता सर्वेक्षण में भी जिले की रैंकिंग संतोषजनक नहीं रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार बेहतर प्रदर्शन के लिए नगर परिषद प्रयासरत है। हालांकि, जमीनी हकीकत को देखते हुए अभी भी कई चुनौतियां बनी हुई हैं। यदि समय रहते सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो इस बार भी परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं आ पाएंगे।