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Mahendragarh-Narnaul News: महेंद्रगढ़ राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में पुराना वर्कशॉप भवन तोड़ने का काम शुरू
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फोटो संख्या:65- राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में जर्जर पुराना वर्कशॉप तोड़ते मजदूर--संवाद
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महेंद्रगढ़। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में लंबे समय से जर्जर हो चुके पुराने वर्कशॉप भवन और रिहायशी क्वार्टरों को तोड़ने का कार्य शुरू कर दिया गया है। पिछले काफी समय से ये भवन कंडम घोषित किए जा चुके थे। लोक निर्माण विभाग की ओर से करीब छह लाख रुपये की लागत से इन पुराने भवनों और वर्कशॉप को तोड़ा जाएगा।
इन भवनों की हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि दीवारों में दरारें आ गई थीं और छत भी कई जगह से कमजोर हो गई थी। बता दें कि 1963 में बने आईटीआई के पुराने भवन को लोक निर्माण विभाग की ओर से तीन वर्ष पूर्व कंडम घोषित किया जा गया था। संयुक्त पंजाब के समय 27 मई 1963 को पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रताप सिंह की ओर से इसका शुभारंभ किया गया था।
प्रशिक्षुओं और स्टाफ के लिए भी 61 वर्ष पुराने इस भवन में जाना खतरे से खाली नहीं है। लोक निर्माण विभाग व राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की ओर से दो माह पहले वर्कशॉप व रिहायशी भवन को तोड़ने के लिए कागजी कार्रवाई करके उच्च अधिकारियों को भेजा गया था।
उच्च अधिकारियों की ओर से स्वीकृति मिलते ही पुराने भवनों को तोड़ने का कार्य शुरू कर दिया गया है। करीब तीन माह में इसको तोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
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70 कमरों की आवश्यकता, उपलब्ध हैं महज 30
नए भवन में प्रशिक्षुओं के लिए 30 कमरे हैं जबकि इस समय लगभग 70 कमरों की आवश्यकता है। नए भवन में एक वर्कशॉप है। ऐसे में जिम्मेदारों की ओर से इस चार भागों में बांटकर वेल्डर, मशीनिस्ट, ट्रैक्टर, टर्नर ट्रेड के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एक कक्षा के अंदर चार-पांच मशीनें ही लग पाई हैं। एक कमरे में एक ट्रेड की दो या तीन यूनिट के विद्यार्थी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब भवन तोड़ने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद जल्द ही नव निर्माण की उम्मीद जगी है।
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- वर्जन:
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में बना पुराना जर्जर वर्कशॉप व रिहायशी भवन को तोड़ने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसको लेकर उच्च अधिकारियों को कई बार पत्र लिख चुके थे। स्वीकृति मिलते ही तोड़ना शुरू कर दिया गया है। तोड़ने के बाद इस जगह विद्यार्थियों के लिए प्रयोग किया जाएगा। उसके उपरांत नए भवन का बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। -महावीर, प्राचार्य, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, महेंद्रगढ़।
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इन भवनों की हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि दीवारों में दरारें आ गई थीं और छत भी कई जगह से कमजोर हो गई थी। बता दें कि 1963 में बने आईटीआई के पुराने भवन को लोक निर्माण विभाग की ओर से तीन वर्ष पूर्व कंडम घोषित किया जा गया था। संयुक्त पंजाब के समय 27 मई 1963 को पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रताप सिंह की ओर से इसका शुभारंभ किया गया था।
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प्रशिक्षुओं और स्टाफ के लिए भी 61 वर्ष पुराने इस भवन में जाना खतरे से खाली नहीं है। लोक निर्माण विभाग व राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की ओर से दो माह पहले वर्कशॉप व रिहायशी भवन को तोड़ने के लिए कागजी कार्रवाई करके उच्च अधिकारियों को भेजा गया था।
उच्च अधिकारियों की ओर से स्वीकृति मिलते ही पुराने भवनों को तोड़ने का कार्य शुरू कर दिया गया है। करीब तीन माह में इसको तोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
70 कमरों की आवश्यकता, उपलब्ध हैं महज 30
नए भवन में प्रशिक्षुओं के लिए 30 कमरे हैं जबकि इस समय लगभग 70 कमरों की आवश्यकता है। नए भवन में एक वर्कशॉप है। ऐसे में जिम्मेदारों की ओर से इस चार भागों में बांटकर वेल्डर, मशीनिस्ट, ट्रैक्टर, टर्नर ट्रेड के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एक कक्षा के अंदर चार-पांच मशीनें ही लग पाई हैं। एक कमरे में एक ट्रेड की दो या तीन यूनिट के विद्यार्थी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब भवन तोड़ने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद जल्द ही नव निर्माण की उम्मीद जगी है।
- वर्जन:
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में बना पुराना जर्जर वर्कशॉप व रिहायशी भवन को तोड़ने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसको लेकर उच्च अधिकारियों को कई बार पत्र लिख चुके थे। स्वीकृति मिलते ही तोड़ना शुरू कर दिया गया है। तोड़ने के बाद इस जगह विद्यार्थियों के लिए प्रयोग किया जाएगा। उसके उपरांत नए भवन का बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। -महावीर, प्राचार्य, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, महेंद्रगढ़।