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Mahendragarh-Narnaul News: 14.50 करोड़ की परियोजना पूरी, राशनिंग पेयजल आपूर्ति से मिलेगा छुटकारा
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फोटो संख्या:64- देवास जलघर में नए टैंक का कार्य करते मजूदर--संवाद
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महेंद्रगढ़। गांव देवास में चल रही जनस्वास्थ्य विभाग की 14.50 करोड़ रुपये की परियोजना अब अंतिम चरण में है। यह परियोजना अब अप्रैल अंत में ही पूरी होगी। इसके बाद कुल 44.40 करोड़ लीटर पानी स्टोरेज की क्षमता हो जाएगी और शहरी आबादी को पेयजल की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इसके बाद शहरी आबादी को नियमित शुद्ध पेयजल आपूर्ति मिलेगी। विभाग की ओर से मार्च 2026 तक इस परियोजना को पूरा करने की समय-सीमा तय की गई थी लेकिन विभागीय कारणों के चलते कार्य में देरी हो गई।
वर्तमान समय में जन स्वास्थ्य विभाग के पास कुल 30 करोड़ लीटर पानी की क्षमता के चार टैंक हैं लेकिन एक माह तक इन टैंकों में से छह करोड़ लीटर पानी का वाष्पीकरण हो जाता है। ऐसे में विभाग के पास 20 करोड़ लीटर पानी ही शहरी आबादी के लिए शेष रहता है।
वहीं, शहर की 50 हजार की आबादी को वर्तमान समय में प्रति व्यक्ति 170 लीटर पानी के हिसाब से 85 लाख लीटर पानी की आवश्यकता होती है। विभाग को एक माह के समय में कम से 10 से 15 दिन तक पानी की राशनिंग करनी पड़ती है।
अब 12.50 करोड़ लीटर क्षमता के दो टैंकों का निर्माण होने से कुल क्षमता 44.40 करोड़ लीटर हो जाएगी। साथ ही ऑटोमैटिक मोड पर जन परियोजना को अपग्रेड किया जाएगा।
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जल शोधन की यूनिट भी हुई अपग्रेड
विभाग की ओर से देवास जल परियोजना के तहत जल शोधन की दोनों यूनिटों को अपग्रेड किया जा चुका है। इस परियोजना के तहत सात किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाकर शहर के बूस्टिंग स्टेशनों से जोड़ा जा रहा है।
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वर्जन
इस परियोजना का 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है और अप्रैल के अंत में कार्य शत प्रतिशत हो जाएगा। इसमें फिल्टर मीडिया व टैंक निर्माण का कार्य चल रहा है और साथ ही पाइप लाइन भी डाली गई हैं। बाद में नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं उठानी होगी। -सुरेंद्र यादव, कनिष्ठ अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग, महेंद्रगढ़
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इसके बाद शहरी आबादी को नियमित शुद्ध पेयजल आपूर्ति मिलेगी। विभाग की ओर से मार्च 2026 तक इस परियोजना को पूरा करने की समय-सीमा तय की गई थी लेकिन विभागीय कारणों के चलते कार्य में देरी हो गई।
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वर्तमान समय में जन स्वास्थ्य विभाग के पास कुल 30 करोड़ लीटर पानी की क्षमता के चार टैंक हैं लेकिन एक माह तक इन टैंकों में से छह करोड़ लीटर पानी का वाष्पीकरण हो जाता है। ऐसे में विभाग के पास 20 करोड़ लीटर पानी ही शहरी आबादी के लिए शेष रहता है।
वहीं, शहर की 50 हजार की आबादी को वर्तमान समय में प्रति व्यक्ति 170 लीटर पानी के हिसाब से 85 लाख लीटर पानी की आवश्यकता होती है। विभाग को एक माह के समय में कम से 10 से 15 दिन तक पानी की राशनिंग करनी पड़ती है।
अब 12.50 करोड़ लीटर क्षमता के दो टैंकों का निर्माण होने से कुल क्षमता 44.40 करोड़ लीटर हो जाएगी। साथ ही ऑटोमैटिक मोड पर जन परियोजना को अपग्रेड किया जाएगा।
जल शोधन की यूनिट भी हुई अपग्रेड
विभाग की ओर से देवास जल परियोजना के तहत जल शोधन की दोनों यूनिटों को अपग्रेड किया जा चुका है। इस परियोजना के तहत सात किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाकर शहर के बूस्टिंग स्टेशनों से जोड़ा जा रहा है।
वर्जन
इस परियोजना का 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है और अप्रैल के अंत में कार्य शत प्रतिशत हो जाएगा। इसमें फिल्टर मीडिया व टैंक निर्माण का कार्य चल रहा है और साथ ही पाइप लाइन भी डाली गई हैं। बाद में नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं उठानी होगी। -सुरेंद्र यादव, कनिष्ठ अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग, महेंद्रगढ़