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Mahendragarh-Narnaul News: श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं को सुनाई नारद-व्यास संवाद की कथा
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महेंद्रगढ़। गांव लावण में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचक ज्योतिषाचार्य पंडित कुलदीप भारद्वाज ने नारद-व्यास संवाद व शौनक ऋषि और सूतजी के छह महत्वपूर्ण प्रश्नों का विस्तार से वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को पापों से मुक्ति दिलाने के साथ जीवन में आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है। जिस स्थान पर भागवत कथा होती है वहां स्वयं भगवान का वास माना जाता है।
उन्होंने भगवान के नाम-स्मरण की महिमा बताते हुए कहा कि सच्ची भक्ति से सभी संकट दूर हो जाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के कर्म सिद्धांत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य को सदैव अच्छे और सत्कर्म करने चाहिए, क्योंकि कर्म के अनुसार ही फल प्राप्त होता है।
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कथा में भक्ति मार्ग को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष से भी श्रेष्ठ बताते हुए मानव जीवन के परम कल्याण पर प्रकाश डाला गया। कथा 3 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक होगी व 4 जुलाई को हवन के साथ समापन होगा।
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उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को पापों से मुक्ति दिलाने के साथ जीवन में आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है। जिस स्थान पर भागवत कथा होती है वहां स्वयं भगवान का वास माना जाता है।
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उन्होंने भगवान के नाम-स्मरण की महिमा बताते हुए कहा कि सच्ची भक्ति से सभी संकट दूर हो जाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के कर्म सिद्धांत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य को सदैव अच्छे और सत्कर्म करने चाहिए, क्योंकि कर्म के अनुसार ही फल प्राप्त होता है।
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कथा में भक्ति मार्ग को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष से भी श्रेष्ठ बताते हुए मानव जीवन के परम कल्याण पर प्रकाश डाला गया। कथा 3 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक होगी व 4 जुलाई को हवन के साथ समापन होगा।