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Mahendragarh-Narnaul News: बेटी की यादों से महकती बगिया, पौधों में ढूंढती हैं उसका प्यार
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फोटो संख्या:52- कनीना के वार्ड नंबर सात में पौधों की देखभाल करती कमलेश---संवाद
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कनीना। कमलेश के आंगन की बगिया मां-बेटी के प्यार और यादों की जीवंत कहानी है। सात साल पहले बेटी संगीता ने शौक से घर में कुछ पौधे लगाए थे जो समय के साथ पूरे आंगन की पहचान बन गए। आज वही बगिया लगभग 120 पौधों से महक रही है और मां कमलेश हर दिन उसे उसी स्नेह से संवारती हैं जैसे बेटी को संवारती थीं।
कमलेश ने बताया कि उसकी बेटी संगीता की यादों को बगिया के माध्यम से संजोए हुए हैं। बेटी की शादी भी हो गई लेकिन बगिया के प्रति प्रेम कम नहीं हुआ। अब बेटी की जगह मां कमलेश उसी बगिया को संवार रही हैं और उसे बेटी जैसा ही प्यार दे रही हैं।
कमलेश बताती हैं कि जब भी उन्हें बेटी की याद आती है वह बगिया में जाकर पौधों की देखभाल करने लगती हैं। पौधों के बीच समय बिताकर उन्हें अपनी बेटी की मौजूदगी का एहसास होता है। यही कारण है कि उन्होंने इस बगिया को पूरी लगन और प्रेम से संभाल रखा है।
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बेटी की यादों को संजो रही कमलेश
कमलेश ने बताया कि वह अपनी बेटी के साथ महीने में एक बार मिलकर पौधों में निराई गुड़ाई, रिपोटिंग व कटिंग आदि का कार्य करती हैं। नियमित रूप से दो घंटे बगिया में बिताना उनका रूटीन बन चुका है और हर दिन पौधों में पानी आदि की जांच करती हैं। इसके साथ ही घर पर तैयार ऑर्गेनिक खाद का प्रयोग पौधों में करती हैं।
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घर में लगे विभिन्न वैरायटी के पौधे
अब उनकी बगिया में लगभग 120 पौधे लगे हुए हैं। इसमें तुलसी, मनी प्लांट, यूफोर्बिया मिली, डिफनबेकिया, पिटूनिया, गुलाब, अपराजिता, सिंगोनियम, ऐरिका पाम, मधुमालती, मोगरा व अन्य प्रकार के पौधे लगे हुए हैं। इनका प्रयोग घर की सुंदरता और हरियाली के लिए ही करती हैं।
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कमलेश ने बताया कि उसकी बेटी संगीता की यादों को बगिया के माध्यम से संजोए हुए हैं। बेटी की शादी भी हो गई लेकिन बगिया के प्रति प्रेम कम नहीं हुआ। अब बेटी की जगह मां कमलेश उसी बगिया को संवार रही हैं और उसे बेटी जैसा ही प्यार दे रही हैं।
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कमलेश बताती हैं कि जब भी उन्हें बेटी की याद आती है वह बगिया में जाकर पौधों की देखभाल करने लगती हैं। पौधों के बीच समय बिताकर उन्हें अपनी बेटी की मौजूदगी का एहसास होता है। यही कारण है कि उन्होंने इस बगिया को पूरी लगन और प्रेम से संभाल रखा है।
बेटी की यादों को संजो रही कमलेश
कमलेश ने बताया कि वह अपनी बेटी के साथ महीने में एक बार मिलकर पौधों में निराई गुड़ाई, रिपोटिंग व कटिंग आदि का कार्य करती हैं। नियमित रूप से दो घंटे बगिया में बिताना उनका रूटीन बन चुका है और हर दिन पौधों में पानी आदि की जांच करती हैं। इसके साथ ही घर पर तैयार ऑर्गेनिक खाद का प्रयोग पौधों में करती हैं।
घर में लगे विभिन्न वैरायटी के पौधे
अब उनकी बगिया में लगभग 120 पौधे लगे हुए हैं। इसमें तुलसी, मनी प्लांट, यूफोर्बिया मिली, डिफनबेकिया, पिटूनिया, गुलाब, अपराजिता, सिंगोनियम, ऐरिका पाम, मधुमालती, मोगरा व अन्य प्रकार के पौधे लगे हुए हैं। इनका प्रयोग घर की सुंदरता और हरियाली के लिए ही करती हैं।