{"_id":"6a3ad27aa06839ebbb0f0656","slug":"class-9-student-dies-three-injured-after-roof-of-dilapidated-house-collapses-palwal-news-c-24-1-pal1005-125266-2026-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Palwal News: जर्जर मकान की छत गिरने से नौवीं की छात्रा की मौत, तीन लोग घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Palwal News: जर्जर मकान की छत गिरने से नौवीं की छात्रा की मौत, तीन लोग घायल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हुडा सेक्टर-2 के पास दुकड़िया मोहल्ले में तड़के चार बजे हुआ दर्दनाक हादसा
वर्षों से जर्जर थी छत, बारिश में भर जाता था पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल।
शहर के हुडा सेक्टर-2 के नजदीक दुकड़िया मोहल्ले में मंगलवार तड़के एक पुराने मकान की पहली मंजिल की छत भरभराकर गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में 14 वर्षीय छात्रा अलीशा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके माता-पिता और भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
यह घटना तड़के करीब चार से साढ़े चार बजे के बीच उस समय हुई जब पूरा परिवार पहली मंजिल पर गहरी नींद में सो रहा था। अचानक तेज धमाके जैसी आवाज के साथ गर्डर-पटिया से बनी छत ढह गई और पूरा परिवार मलबे में दब गया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी।
हादसे में मकान मालिक मोबिन (40), उनकी पत्नी सलमा (38) और 16 वर्षीय पुत्र अयान गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनकी 14 वर्षीय बेटी अलीशा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। अलीशा नौवीं कक्षा की छात्रा थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
परिवार के मुखिया मोबिन ने अस्पताल में उपचार के दौरान बताया कि वह मूल रूप से उटावड़ नगला क्षेत्र के रहने वाले हैं और करीब 20 साल पहले काम के सिलसिले में शहर आए थे। उन्होंने बताया कि यह मकान करीब 20 साल पहले एक मंजिल बना बनाया खरीदा गया था और बाद में उस पर दूसरी मंजिल का निर्माण कराया गया था। उन्होंने बताया कि मकान में कुल नौ लोग रहते थे। नीचे उनकी मां और भाई समीर का परिवार रहता था, जबकि ऊपर की मंजिल पर वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ एक ही कमरे में रहते थे।
मोबिन ने बताया कि उनकी पत्नी पिछले तीन महीने से छुट्टियां बिताने बच्चों के साथ मायके गई हुई थी और रविवार रात ही घर लौटी थी। उन्हें क्या पता था कि लौटने के कुछ समय बाद ही इतना बड़ा हादसा हो जाएगा, जिसने पूरे परिवार को झकझोर दिया।
मोबिन पेशे से टैक्सी चालक हैं। आर्थिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने बताया कि छत काफी समय से जर्जर थी और बारिश के दौरान उस पर पानी भर जाता था, जिससे गर्डर-पटिया की संरचना कमजोर होती चली गई।
उन्होंने भावुक होकर कहा कि वह जल्द ही मकान की मरम्मत कराने की तैयारी में थे, लेकिन समय से पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया। परिवार का अब अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि अलीशा की मौत ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है।
वर्षों से जर्जर थी छत, बारिश में भर जाता था पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल।
शहर के हुडा सेक्टर-2 के नजदीक दुकड़िया मोहल्ले में मंगलवार तड़के एक पुराने मकान की पहली मंजिल की छत भरभराकर गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में 14 वर्षीय छात्रा अलीशा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके माता-पिता और भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
यह घटना तड़के करीब चार से साढ़े चार बजे के बीच उस समय हुई जब पूरा परिवार पहली मंजिल पर गहरी नींद में सो रहा था। अचानक तेज धमाके जैसी आवाज के साथ गर्डर-पटिया से बनी छत ढह गई और पूरा परिवार मलबे में दब गया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
हादसे में मकान मालिक मोबिन (40), उनकी पत्नी सलमा (38) और 16 वर्षीय पुत्र अयान गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनकी 14 वर्षीय बेटी अलीशा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। अलीशा नौवीं कक्षा की छात्रा थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
परिवार के मुखिया मोबिन ने अस्पताल में उपचार के दौरान बताया कि वह मूल रूप से उटावड़ नगला क्षेत्र के रहने वाले हैं और करीब 20 साल पहले काम के सिलसिले में शहर आए थे। उन्होंने बताया कि यह मकान करीब 20 साल पहले एक मंजिल बना बनाया खरीदा गया था और बाद में उस पर दूसरी मंजिल का निर्माण कराया गया था। उन्होंने बताया कि मकान में कुल नौ लोग रहते थे। नीचे उनकी मां और भाई समीर का परिवार रहता था, जबकि ऊपर की मंजिल पर वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ एक ही कमरे में रहते थे।
मोबिन ने बताया कि उनकी पत्नी पिछले तीन महीने से छुट्टियां बिताने बच्चों के साथ मायके गई हुई थी और रविवार रात ही घर लौटी थी। उन्हें क्या पता था कि लौटने के कुछ समय बाद ही इतना बड़ा हादसा हो जाएगा, जिसने पूरे परिवार को झकझोर दिया।
मोबिन पेशे से टैक्सी चालक हैं। आर्थिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने बताया कि छत काफी समय से जर्जर थी और बारिश के दौरान उस पर पानी भर जाता था, जिससे गर्डर-पटिया की संरचना कमजोर होती चली गई।
उन्होंने भावुक होकर कहा कि वह जल्द ही मकान की मरम्मत कराने की तैयारी में थे, लेकिन समय से पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया। परिवार का अब अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि अलीशा की मौत ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है।