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Palwal News: शहर के अधिकांश कोचिंग सेंटरों के पास फायर एनओसी नहीं
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अधिकांश कोचिंग सेंटर बहुमंजिला इमारतों, बाजारों, बेसमेंट और व्यस्त क्षेत्रों में चल रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल।
देश के विभिन्न शहरों में लगातार सामने आ रही अग्निकांड की घटनाओं ने एक बार फिर शिक्षण संस्थानों और व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में दिल्ली और लखनऊ में होटल तथा बहुमंजिला इमारतों में आग लगने की घटनाओं के बाद शहर के कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
शहर में संचालित करीब 40 से अधिक कोचिंग सेंटरों में प्रतिदिन सैकड़ों विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य पाठ्यक्रमों की तैयारी के लिए पहुंचते हैं। इनमें से अधिकांश कोचिंग सेंटर बहुमंजिला इमारतों, बाजारों, बेसमेंट और व्यस्त क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार शहर के सैकड़ों कोचिंग संस्थानों में से केवल दो या तीन के पास ही फायर विभाग की एनओसी है।
इसके अलावा शहर के कुछ कोचिंग सेंटर ऐसी इमारतों में संचालित हो रहे हैं, जहां भवनों में सीढ़ियां काफी संकरी हैं, जिससे किसी आपात स्थिति के दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को एक साथ सुरक्षित बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
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विभाग द्वारा समय-समय पर कोचिंग सेंटरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य संस्थानों की जांच की जाती है। जिन संस्थानों के पास फायर एनओसी नहीं होती या जहां सुरक्षा मानकों में कमी पाई जाती है, उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी किए जाते हैं। अग्नि सुरक्षा नियमों की पालना सुनिश्चित कराने के लिए विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है।
-रमेश कुमार, फायर सेफ्टी ऑफिसर
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल।
देश के विभिन्न शहरों में लगातार सामने आ रही अग्निकांड की घटनाओं ने एक बार फिर शिक्षण संस्थानों और व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में दिल्ली और लखनऊ में होटल तथा बहुमंजिला इमारतों में आग लगने की घटनाओं के बाद शहर के कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
शहर में संचालित करीब 40 से अधिक कोचिंग सेंटरों में प्रतिदिन सैकड़ों विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य पाठ्यक्रमों की तैयारी के लिए पहुंचते हैं। इनमें से अधिकांश कोचिंग सेंटर बहुमंजिला इमारतों, बाजारों, बेसमेंट और व्यस्त क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार शहर के सैकड़ों कोचिंग संस्थानों में से केवल दो या तीन के पास ही फायर विभाग की एनओसी है।
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इसके अलावा शहर के कुछ कोचिंग सेंटर ऐसी इमारतों में संचालित हो रहे हैं, जहां भवनों में सीढ़ियां काफी संकरी हैं, जिससे किसी आपात स्थिति के दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को एक साथ सुरक्षित बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
विभाग द्वारा समय-समय पर कोचिंग सेंटरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य संस्थानों की जांच की जाती है। जिन संस्थानों के पास फायर एनओसी नहीं होती या जहां सुरक्षा मानकों में कमी पाई जाती है, उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी किए जाते हैं। अग्नि सुरक्षा नियमों की पालना सुनिश्चित कराने के लिए विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है।
-रमेश कुमार, फायर सेफ्टी ऑफिसर