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Palwal News: प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को दी श्रद्धांजलि
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उटावड़ स्थित ऐतिहासिक शहीद स्मारक पर कार्यक्रम आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसीे
हथीन। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के अमर शहीदों की स्मृति में गांव उटावड़ स्थित ऐतिहासिक शहीद स्मारक पर मंगलवार को श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ओएसडी डॉ. राज नेहरू, पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पूर्व मीडिया सलाहकार मुकेश वशिष्ठ सहित अनेक गणमान्य लोगों ने भाग लिया और शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने 1857 की क्रांति में शहीद हुए 56 अमर वीरों की सामूहिक कब्र तथा उटावड़ की वीर बेटी एवं महिला क्रांतिकारी महाबी राबिया की कब्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उपस्थित लोगों ने शहीदों के सम्मान में मौन रखकर उनके बलिदान को नमन किया।
अपने संबोधन में मुकेश वशिष्ठ ने कहा कि जो कौम अपने पूर्वजों और अपने इतिहास को भूल जाती है, उसका अस्तित्व और पहचान दोनों खतरे में पड़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि मेवाती समाज को अपने गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और शहीदों की कुर्बानियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि 1857 की क्रांति में मेवात के हजारों लोगों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। ऐसे वीरों के बलिदान को हमेशा याद रखा जाना चाहिए।
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मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू ने कहा कि जिस मिट्टी में शहीदों का खून मिला होता है, वही किसी राष्ट्र की आत्मा बन जाती है। ऐसी पावन धरती की मिट्टी से तिलक करना सौभाग्य और गर्व की बात है। उन्होंने शहीद स्मारक स्थल को और अधिक भव्य एवं आकर्षक बनाने के लिए अपना योगदान देने की घोषणा भी की।
कार्यक्रम में जवाहर रावत प्रधान (शहीदाने मेवात सभा), तारीफ सरपंच, वसीम इंजीनियर, उस्मान नंबरदार, शमीम प्रधान, एजाज खान पुन्हाना, प्रेम रावत , श्याम सुंदर, सन्ना, जाकिर हुसैन, गुराकसर, डॉ. प्रभु दयाल, केसरी लाल कवि एवं लवकुश रावत सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
संवाद न्यूज एजेंसीे
हथीन। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के अमर शहीदों की स्मृति में गांव उटावड़ स्थित ऐतिहासिक शहीद स्मारक पर मंगलवार को श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ओएसडी डॉ. राज नेहरू, पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पूर्व मीडिया सलाहकार मुकेश वशिष्ठ सहित अनेक गणमान्य लोगों ने भाग लिया और शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने 1857 की क्रांति में शहीद हुए 56 अमर वीरों की सामूहिक कब्र तथा उटावड़ की वीर बेटी एवं महिला क्रांतिकारी महाबी राबिया की कब्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उपस्थित लोगों ने शहीदों के सम्मान में मौन रखकर उनके बलिदान को नमन किया।
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अपने संबोधन में मुकेश वशिष्ठ ने कहा कि जो कौम अपने पूर्वजों और अपने इतिहास को भूल जाती है, उसका अस्तित्व और पहचान दोनों खतरे में पड़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि मेवाती समाज को अपने गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और शहीदों की कुर्बानियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि 1857 की क्रांति में मेवात के हजारों लोगों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। ऐसे वीरों के बलिदान को हमेशा याद रखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू ने कहा कि जिस मिट्टी में शहीदों का खून मिला होता है, वही किसी राष्ट्र की आत्मा बन जाती है। ऐसी पावन धरती की मिट्टी से तिलक करना सौभाग्य और गर्व की बात है। उन्होंने शहीद स्मारक स्थल को और अधिक भव्य एवं आकर्षक बनाने के लिए अपना योगदान देने की घोषणा भी की।
कार्यक्रम में जवाहर रावत प्रधान (शहीदाने मेवात सभा), तारीफ सरपंच, वसीम इंजीनियर, उस्मान नंबरदार, शमीम प्रधान, एजाज खान पुन्हाना, प्रेम रावत , श्याम सुंदर, सन्ना, जाकिर हुसैन, गुराकसर, डॉ. प्रभु दयाल, केसरी लाल कवि एवं लवकुश रावत सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।