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Panchkula News: 10 दिन में 135 बच्चे और महिलाएं रेस्क्यू, सत्यापन के बाद घर भेजे
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भिक्षावृत्ति मुक्त अभियान: पुलिस ने बच्चों से भीख मंगवाने वालों को दी चेतावनी, दोबारा पकड़े जाने पर होगी कानूनी कार्रवाई
बस स्टैंड, बाजार, ट्रैफिक सिग्नल और धार्मिक स्थलों पर चलाया अभियान
135 बच्चे और महिलाओं को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। भिक्षावृत्ति मुक्त पंचकूला अभियान के तहत पुलिस ने पिछले 10 दिनों में 135 बच्चों और महिलाओं को भीख मांगने से मुक्त कराया है। जांच में अधिकांश लोगों के उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान का निवासी होने की पुष्टि हुई। सत्यापन के बाद सभी को उनके गृह राज्यों में भेज दिया गया। वहीं, बच्चों से भीख मंगवाने वाले परिजनों को थाने बुलाकर चेतावनी दी गई है कि दोबारा ऐसा पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस आयुक्त पंकज नैन ने बताया कि करीब 10 दिन पहले शुरू किए गए इस विशेष अभियान का उद्देश्य सड़क किनारे भीख मांगने वाले लोगों, खासकर बच्चों को भिक्षावृत्ति से बाहर निकालकर उन्हें सम्मानजनक जीवन और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
डीसीपी सृष्टि गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने बस स्टैंड, प्रमुख बाजारों, ट्रैफिक सिग्नलों, धार्मिक स्थलों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अभियान चलाया। इस दौरान 135 बच्चों और महिलाओं की पहचान कर उन्हें रेस्क्यू किया गया।
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पुलिस आयुक्त ने बताया कि अभियान के दौरान अधिकांश परिवार उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान से आए हुए मिले। सभी का सत्यापन करने के बाद उन्हें उनके गृह राज्यों में वापस भेज दिया गया।
पुलिस ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि यदि कहीं सड़क, चौराहे, बाजार या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कोई व्यक्ति भीख मांगता दिखाई दे या बच्चों से जबरन भीख मंगवाई जा रही हो तो इसकी सूचना पुलिस हेल्पलाइन 8146630022 पर दें। उन्होंने कहा कि पंचकूला पुलिस का यह अभियान शहर को पूरी तरह भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने तक जारी रहेगा।
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बस स्टैंड, बाजार, ट्रैफिक सिग्नल और धार्मिक स्थलों पर चलाया अभियान
135 बच्चे और महिलाओं को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। भिक्षावृत्ति मुक्त पंचकूला अभियान के तहत पुलिस ने पिछले 10 दिनों में 135 बच्चों और महिलाओं को भीख मांगने से मुक्त कराया है। जांच में अधिकांश लोगों के उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान का निवासी होने की पुष्टि हुई। सत्यापन के बाद सभी को उनके गृह राज्यों में भेज दिया गया। वहीं, बच्चों से भीख मंगवाने वाले परिजनों को थाने बुलाकर चेतावनी दी गई है कि दोबारा ऐसा पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस आयुक्त पंकज नैन ने बताया कि करीब 10 दिन पहले शुरू किए गए इस विशेष अभियान का उद्देश्य सड़क किनारे भीख मांगने वाले लोगों, खासकर बच्चों को भिक्षावृत्ति से बाहर निकालकर उन्हें सम्मानजनक जीवन और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
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डीसीपी सृष्टि गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने बस स्टैंड, प्रमुख बाजारों, ट्रैफिक सिग्नलों, धार्मिक स्थलों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अभियान चलाया। इस दौरान 135 बच्चों और महिलाओं की पहचान कर उन्हें रेस्क्यू किया गया।
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पुलिस आयुक्त ने बताया कि अभियान के दौरान अधिकांश परिवार उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान से आए हुए मिले। सभी का सत्यापन करने के बाद उन्हें उनके गृह राज्यों में वापस भेज दिया गया।
पुलिस ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि यदि कहीं सड़क, चौराहे, बाजार या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कोई व्यक्ति भीख मांगता दिखाई दे या बच्चों से जबरन भीख मंगवाई जा रही हो तो इसकी सूचना पुलिस हेल्पलाइन 8146630022 पर दें। उन्होंने कहा कि पंचकूला पुलिस का यह अभियान शहर को पूरी तरह भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने तक जारी रहेगा।