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Panchkula News: मांगें पूरी नहीं हुईं तो 10 जुलाई को गिरफ्तारी देंगी आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स
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यूनियन ने सरकार पर वादाखिलाफी का लगाया आरोप, प्रदेशभर में जेल भरो आंदोलन का एलान
जेल भरो आंदोलन चलाने का किया गया एलान, मानदेय, ग्रेच्युटी और रिक्त पदों पर भर्ती सहित कई मांगें लंबित
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। हरियाणा आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन ने लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का एलान किया है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर 10 जुलाई को प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स गिरफ्तारी देंगी तथा जेल भरो आंदोलन चलाया जाएगा।
यूनियन की राज्य प्रधान रूपा राणा और राज्य महासचिव उर्मिला रावत ने बताया कि 11 जून को अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक में कई मांगों पर सहमति बनी थी। उस दौरान 30 जून तक मांगें लागू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक किसी भी मांग को लागू नहीं किया गया और न ही कोई आधिकारिक आदेश जारी हुआ है। इससे प्रदेशभर की आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स में रोष है।
यूनियन नेताओं ने कहा कि अभी तक राज्य और केंद्र सरकार की ओर से मानदेय जारी नहीं किया गया है। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया, बर्खास्त वर्कर्स व हेल्पर्स का लंबित मानदेय, पुलिस केस वापस लेने, रिक्त पदों पर भर्ती तथा केंद्रों में मेन्यू के अनुसार राशन उपलब्ध कराने जैसी मांगें भी अधूरी हैं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि फेस कैप्चर ऐप और ऑनलाइन प्रक्रियाओं के कारण जरूरतमंद लाभार्थी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं। साथ ही आंगनबाड़ी कर्मचारियों से अतिरिक्त कार्य भी लिया जा रहा है।
यूनियन ने सुप्रीम कोर्ट के 2022 के फैसले के अनुसार ग्रेच्युटी लागू करने, वर्दी, ईंधन, धुलाई और पिसाई भत्ते का बकाया जारी करने तथा ड्यूटी के दौरान दुर्घटना या प्राकृतिक मृत्यु होने पर आश्रितों को एचकेआरएन कर्मचारियों और आशा वर्कर्स की तर्ज पर तीन लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी दोहराई।
यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि 10 जुलाई को पूरे प्रदेश में मांग दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान सभी जिलों में आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगी।
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जेल भरो आंदोलन चलाने का किया गया एलान, मानदेय, ग्रेच्युटी और रिक्त पदों पर भर्ती सहित कई मांगें लंबित
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। हरियाणा आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन ने लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का एलान किया है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर 10 जुलाई को प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स गिरफ्तारी देंगी तथा जेल भरो आंदोलन चलाया जाएगा।
यूनियन की राज्य प्रधान रूपा राणा और राज्य महासचिव उर्मिला रावत ने बताया कि 11 जून को अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक में कई मांगों पर सहमति बनी थी। उस दौरान 30 जून तक मांगें लागू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक किसी भी मांग को लागू नहीं किया गया और न ही कोई आधिकारिक आदेश जारी हुआ है। इससे प्रदेशभर की आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स में रोष है।
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यूनियन नेताओं ने कहा कि अभी तक राज्य और केंद्र सरकार की ओर से मानदेय जारी नहीं किया गया है। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया, बर्खास्त वर्कर्स व हेल्पर्स का लंबित मानदेय, पुलिस केस वापस लेने, रिक्त पदों पर भर्ती तथा केंद्रों में मेन्यू के अनुसार राशन उपलब्ध कराने जैसी मांगें भी अधूरी हैं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि फेस कैप्चर ऐप और ऑनलाइन प्रक्रियाओं के कारण जरूरतमंद लाभार्थी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं। साथ ही आंगनबाड़ी कर्मचारियों से अतिरिक्त कार्य भी लिया जा रहा है।
यूनियन ने सुप्रीम कोर्ट के 2022 के फैसले के अनुसार ग्रेच्युटी लागू करने, वर्दी, ईंधन, धुलाई और पिसाई भत्ते का बकाया जारी करने तथा ड्यूटी के दौरान दुर्घटना या प्राकृतिक मृत्यु होने पर आश्रितों को एचकेआरएन कर्मचारियों और आशा वर्कर्स की तर्ज पर तीन लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी दोहराई।
यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि 10 जुलाई को पूरे प्रदेश में मांग दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान सभी जिलों में आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगी।