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Panchkula News: गोदामों में पड़े 155 एलएमटी गेहूं व धान का उठान जल्द, चलेंगी विशेष ट्रेनें

Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 11 Apr 2026 02:11 AM IST
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155 LMT wheat and paddy lying in warehouses to be lifted soon, special trains to run
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चंडीगढ़। पंजाब में एफसीआई के गोदामों में पड़ा पुराना अनाज जल्द उठा लिया जाएगा। करीब 155 लाख मीट्रिक टन धान और गेहूं के उठान के लिए विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी। इससे सूबे में व्याप्त भंडारण का संकट काफी हद तक खत्म हो जाएगा। केंद्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को इस बारे में आश्वासन दिया है।
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इसके अलावा रूरल डेवलपमेंट फंड के नौ हजार करोड़ रुपये जारी करने के लिए सचिव स्तर की बैठक होगी। सीएम ने इस दौरान केंद्रीय मंत्री से पंजाब में ओलावृष्टि के दौरान हुए फसल नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र से विशेष टीमें भेजने की मांग की है। बैठक के बाद सीएम को यह भी उम्मीद है कि धान और गेहूं पर आढ़तियों के कमीशन में बढ़ोतरी हो सकती है।
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सीएम ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि राज्य के कवर्ड गोदामों में पहले से ही 180.88 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) अनाज (151.20 एलएमटी चावल और 29.67 एलएमटी गेहूं) स्टोर किया हुआ है जबकि कुल उपलब्ध कवर्ड भंडारण क्षमता लगभग 183 एलएमटी (173 एलएमटी कवर्ड गोदाम व 10 एलएमटी गेहूं साइलो) है। इस वजह से चावल के लिए सिर्फ 0.50 एलएटी कवर्ड जगह और गेहूं के लिए 1.75 एलएमटी साइलो जगह उपलब्ध है।
रबी मार्केटिंग सीजन 01 अप्रैल से शुरू हो गया है जिसके दौरान 130-132 एलएमटी गेहूं की खरीद की उम्मीद है। सीएम ने बताया कि पिछले साल के 38 एलएमटी गेहूं स्टॉक में से लगभग 8.71 एलएमटी पहले से ही राज्य में कैप या खुले भंडारण में पड़ा है। इससे साइंटिफिक स्टोरेज की जगह की कमी हो गई है। हर महीने कम से कम 12 लाख मीट्रिक टन गेहूं और चावल का उठान करवाया जाए।


सीएम ने ये मुद्दे भी उठाए

- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया पर लागू रिकवरी रेट से 0.5% ज्यादा ब्याज ले रहा है। यह मंथली कंपाउंडिंग बेसिस पर लिया जा रहा है। हर सीजन में लगभग 500 करोड़ का नुकसान हो रहा है।
- विधानसभा में एक बिल भी पास किया है। इसके अंतर्गत कहा गया है कि रूरल डेवलपमेंट फंड के बजट का इस्तेमाल सिर्फ मंडियों की मरम्मत, मंडियों को मॉडर्न बनाने और मंडी की सड़कों को बेहतर बनाने के लिए ही किया जाएगा। लिहाजा अब यह बकाया तुरंत जारी कर दिया जाए। सरकार सुप्रीम कोर्ट जा चुकी है।
- आढ़ती 2.5% कमीशन मांग रहे हैं जबकि भारत सरकार ने उनका कमीशन मौजूदा रेट पर तय किया है। आढ़तियों में काफी नाराजगी है। आढ़ती का कमीशन एमएसपी का 2.5% तय किया जाना चाहिए।
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