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Panchkula News: मोबाइल और लैपटॉप के जरिये अब हो सकेंगे डिग्री कोर्स

Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 10 Jan 2026 01:51 AM IST
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Degree courses can now be done through mobile and laptop
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चंडीगढ़। विद्यार्थी अब बिना कॉलेज व हॉस्टल के शिक्षा ग्रहण कर विभिन्न डिग्री कोर्स कर सकेंगे। यह सुविधा उन्हें डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी के जरिये मिलेगी। इस माध्यम से शिक्षा किफायती और सुगम होगी। साथ ही कक्षाएं भी मोबाइल व लैपटॉप के जरिये घर अथवा कहीं बैठे लग सकेंगी। ये डिग्रियां कानूनी रूप से मान्य और एआईसीटीई/यूजीसी के मानदंडों के अनुरूप होंगी।
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यूएसए मॉडल की तर्ज पर मॉडर्न हायर एजुकेशन इको सिस्टम तैयार कर पंजाब सरकार ऐसी सुविधा सूबे में देने जा रही है। इसके अंतर्गत विभिन्न प्राइवेट शैक्षणिक संस्थान शर्ताें को पूरा करते हुए डिजिटल प्राइवेट ओपन यूनिवर्सिटी शुरू कर सकेंगे। यह पॉलिसी दुनिया की सफल डिजिटल वेस्टर्न गवर्नर्स यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ फीनिक्स, वाल्डेन यूनिवर्सिटी, ओपन यूनिवर्सिटी मलयेशिया और अन्य यूनिवर्सिटीज को ध्यान में रखकर तैयार की गई है
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इसका बड़ा फायदा नौकरियों में व्यस्त विद्यार्थियों और पेशेवरों को भी होगा। वे काम के साथ-साथ डिजिटल माध्यम से विभिन्न कोर्स कर अपनी शैक्षणिक योग्यता को बढ़ा सकेंगे। यह भारत में इस तरह की पहली पॉलिसी है। अब तक सिर्फ त्रिपुरा ने बिना किसी कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी के डिजिटल यूनिवर्सिटी बनाई है। लिहाजा पंजाब इस क्षेत्र में पॉलिसी और मॉडल के साथ आगे बढ़ने वाला पहला राज्य बन गया है।
दरअसल, शुक्रवार को सूबा सरकार ने पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी पॉलिसी- 2026 को मंजूरी दे दी है। विधानसभा में इसे बिल के रूप में भी पारित करवाया जाएगा। इसका मकसद ऑनलाइन और ओपन डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) प्रोग्राम देने वाली प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी को रेगुलेट और बढ़ावा देना है। यह पंजाब को एक डिजिटल लर्निंग हब के तौर पर स्थापित करेगी। इससे आईटी, एआई, बिजनेस, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग और डाटा साइंस जैसे विषयों में लगातार सीखने का कल्चर मजबूत होगा।
डिजिटल यूनिवर्सिटी बनाने के लिए शर्तें
- यूनिवर्सिटी बनाने के लिए प्राइवेट शैक्षणिक संस्थान के पास कम से कम 2.5 एकड़ जमीन होनी चाहिए।
- डिजिटल कंटेंट स्टूडियो, कंट्रोल रूम, सर्वर रूम और ऑपरेशन सेंटर, स्टेट ऑफ द आर्ट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर समेत अन्य सुविधाओं का होना जरूरी है।
- संस्थान के पास डिजिटल कंटेंट क्रिएशन स्टूडियो, आईटी सर्वर रूम, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एमएमएस) ऑपरेशन सेंटर, डिजिटल एग्जाम कंट्रोल रूम, टेक्नोलॉजी-बेस्ड कॉल सेंटर, 24×7 स्टूडेंट सपोर्ट सिस्टम और कम से कम 20 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड होना जरूरी है।
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