{"_id":"696162fbc409eaef69021f6d","slug":"meditation-sessions-for-students-to-be-held-for-half-an-hour-in-schools-bains-panchkula-news-c-16-1-knl1001-919338-2026-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूलों में आधा घंटा विद्यार्थियों के लिए लगेंगे ध्यान सत्र : बैंस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूलों में आधा घंटा विद्यार्थियों के लिए लगेंगे ध्यान सत्र : बैंस
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा। साथ ही रोजाना ध्यान सत्र का आयोजन किया जाएगा। इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मोहाली से शुरू किया जाएगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस व दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रिंसिपलों और शिक्षकों से संवाद कार्यक्रम के दौरान की। दोनों नेताओं ने कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की और उपस्थित शिक्षकों के साथ भविष्य की रणनीति साझा की।
मंत्री बैंस ने कहा कि इस निर्णायक युद्ध में शिक्षा और रोकथाम हमारे सबसे बड़े हथियार हैं। जागरूकता, नैतिकता और अनुशासन के माध्यम से युवा कोमल मनों की ऐसी बुराइयों से रक्षा करना ही पंजाब से नशे को समाप्त करने का टिकाऊ मार्ग है।
शिक्षा मंत्री ने घोषणा की कि आगामी शैक्षणिक सत्र से पंजाब भर की सीनियर सेकेंडरी (ग्यारहवीं और बारहवीं) कक्षाओं में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विशेष रूप से तैयार किए गए पाठ्यक्रम के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। इस संगठित हस्तक्षेप से विद्यार्थियों को आयु-उपयुक्त, तथ्यात्मक और नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा मिलेगी जिससे वे सोच-समझकर जिम्मेदार निर्णय लेने में सक्षम होंगे।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार मोहाली जिले से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रतिदिन ध्यान (मेडिटेशन) सत्र शुरू करेगी। स्कूल में विद्यार्थी के दिन की शुरुआत में ही लगभग 30 मिनट का ध्यान सत्र कराया जाएगा। इससे विद्यार्थियों का मानसिक अनुशासन, भावनात्मक संतुलन और नैतिक स्तर सुदृढ़ होगा।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि युद्ध नशे के विरुद्ध मुहिम के फेज-2 के तहत पंजाब सरकार राज्य भर के सभी स्कूलों के प्रिंसिपलों को प्रशिक्षण दे रही है। यह प्रशिक्षण स्कूलों के भीतर मजबूत नशा-विरोधी वातावरण तैयार करने और हर बच्चे की सोच को इतना मजबूत करने पर केंद्रित है कि वह किसी भी दबाव, उकसावे या लालच में आए बिना नशों को स्पष्ट न कह सके।
Trending Videos
मंत्री बैंस ने कहा कि इस निर्णायक युद्ध में शिक्षा और रोकथाम हमारे सबसे बड़े हथियार हैं। जागरूकता, नैतिकता और अनुशासन के माध्यम से युवा कोमल मनों की ऐसी बुराइयों से रक्षा करना ही पंजाब से नशे को समाप्त करने का टिकाऊ मार्ग है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिक्षा मंत्री ने घोषणा की कि आगामी शैक्षणिक सत्र से पंजाब भर की सीनियर सेकेंडरी (ग्यारहवीं और बारहवीं) कक्षाओं में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विशेष रूप से तैयार किए गए पाठ्यक्रम के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। इस संगठित हस्तक्षेप से विद्यार्थियों को आयु-उपयुक्त, तथ्यात्मक और नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा मिलेगी जिससे वे सोच-समझकर जिम्मेदार निर्णय लेने में सक्षम होंगे।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार मोहाली जिले से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रतिदिन ध्यान (मेडिटेशन) सत्र शुरू करेगी। स्कूल में विद्यार्थी के दिन की शुरुआत में ही लगभग 30 मिनट का ध्यान सत्र कराया जाएगा। इससे विद्यार्थियों का मानसिक अनुशासन, भावनात्मक संतुलन और नैतिक स्तर सुदृढ़ होगा।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि युद्ध नशे के विरुद्ध मुहिम के फेज-2 के तहत पंजाब सरकार राज्य भर के सभी स्कूलों के प्रिंसिपलों को प्रशिक्षण दे रही है। यह प्रशिक्षण स्कूलों के भीतर मजबूत नशा-विरोधी वातावरण तैयार करने और हर बच्चे की सोच को इतना मजबूत करने पर केंद्रित है कि वह किसी भी दबाव, उकसावे या लालच में आए बिना नशों को स्पष्ट न कह सके।