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Panchkula News: गांधी लाइब्रेरी को अपग्रेड करने और राज्य सरकार के अधीन लाने की मांग
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उपमंडल स्तर का दर्जा देने और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
विद्यार्थियों को तैयारी के लिए निजी लाइब्रेरी और दूसरे संसाधनों पर निर्भर होना पड़ रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। ऐतिहासिक गांधी लाइब्रेरी को उपमंडल स्तर का दर्जा देकर आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की मांग उठी है। शिवालिक विकास मंच ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ज्ञापन भेजकर लाइब्रेरी को राज्य सरकार के अधीन लाने, पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन बढ़ाने की मांग की है।
मंच के प्रदेशाध्यक्ष विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि कालका की एकमात्र सार्वजनिक लाइब्रेरी में आधुनिक अध्ययन सुविधाओं, पर्याप्त फर्नीचर और प्रतियोगी परीक्षाओं की नवीनतम पुस्तकों का अभाव है। इसके कारण विद्यार्थियों और पुस्तक प्रेमियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी को डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने से युवाओं को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लाभ मिलेगा।
ज्ञापन में बताया गया कि गांधी लाइब्रेरी पहले नगर पालिका, बाद में नगर निगम और वर्तमान में नगर परिषद के अधीन संचालित हो रही है। लंबे समय से फर्नीचर अपग्रेड नहीं हुआ है और स्टाफ की भी कमी बनी हुई है। वहीं यूपीएससी, एचपीएससी, एसएससी, बैंकिंग, रेलवे और एनडीए जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की अद्यतन पुस्तकें भी उपलब्ध नहीं हैं।
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विजय बंसल ने कहा कि कालका को चार दशक पहले उपमंडल का दर्जा मिल चुका है, जबकि प्रदेश के अधिकांश उपमंडलों में उपमंडल स्तरीय लाइब्रेरियां संचालित हैं। ऐसे में गांधी लाइब्रेरी को भी राज्य सरकार के अधीन लाकर उपमंडल स्तर का दर्जा दिया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध हो सकें।
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विद्यार्थियों को तैयारी के लिए निजी लाइब्रेरी और दूसरे संसाधनों पर निर्भर होना पड़ रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। ऐतिहासिक गांधी लाइब्रेरी को उपमंडल स्तर का दर्जा देकर आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की मांग उठी है। शिवालिक विकास मंच ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ज्ञापन भेजकर लाइब्रेरी को राज्य सरकार के अधीन लाने, पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन बढ़ाने की मांग की है।
मंच के प्रदेशाध्यक्ष विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि कालका की एकमात्र सार्वजनिक लाइब्रेरी में आधुनिक अध्ययन सुविधाओं, पर्याप्त फर्नीचर और प्रतियोगी परीक्षाओं की नवीनतम पुस्तकों का अभाव है। इसके कारण विद्यार्थियों और पुस्तक प्रेमियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी को डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने से युवाओं को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लाभ मिलेगा।
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ज्ञापन में बताया गया कि गांधी लाइब्रेरी पहले नगर पालिका, बाद में नगर निगम और वर्तमान में नगर परिषद के अधीन संचालित हो रही है। लंबे समय से फर्नीचर अपग्रेड नहीं हुआ है और स्टाफ की भी कमी बनी हुई है। वहीं यूपीएससी, एचपीएससी, एसएससी, बैंकिंग, रेलवे और एनडीए जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की अद्यतन पुस्तकें भी उपलब्ध नहीं हैं।
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विजय बंसल ने कहा कि कालका को चार दशक पहले उपमंडल का दर्जा मिल चुका है, जबकि प्रदेश के अधिकांश उपमंडलों में उपमंडल स्तरीय लाइब्रेरियां संचालित हैं। ऐसे में गांधी लाइब्रेरी को भी राज्य सरकार के अधीन लाकर उपमंडल स्तर का दर्जा दिया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध हो सकें।