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मालगाड़ियों के लिए आज राष्ट्रपति को भेजे जाएंगे एक लाख ई-मेल

Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 12 Nov 2020 02:20 AM IST
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One lakh emails will be sent to the President today for goods trains
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चंडीगढ़। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (एआईकेएससीसी) ने केंद्र के कृषि कानूनों का विरोध कर रहे पंजाब के किसानों, खेत मजदूरों और अन्य मजदूरों के संघर्ष का समर्थन किया है। समिति की ओर से 12 नवंबर को पंजाब के किसानों के समर्थन में एकजुटता दिवस मनाने का एलान करने के साथ ही पंजाब में मालगाड़ियों की आवाजाही की बहाली के लिए राष्ट्रपति को एक लाख ई-मेल भेजने का फैसला किया है।
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एआईकेएससीसी की बुधवार को हुई वर्चुअल बैठक में देशभर के किसानों के दिल्ली चलो आंदोलन पर केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली पुलिस के जरिए रोक लगाने की कोशिशों की निंदा की गई। समिति ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार बदले की भावना से पंजाब में मालगाड़ियां रोककर खाद, कोयले व अन्य जरूरी वस्तुओं की सप्लाई में बाधा खड़ी कर रही है। केंद्र सरकार पंजाब के लोगों को ब्लैकमेल कर रही है ताकि पंजाब में किसानों के आंदोलन को दबाया जा सके।
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एआईकेएससीसी ने आरोप लगाया कि कृषि व्यवसाय की लॉबी के दबाव में भाजपा सरकार तीन कृषि कानूनों को गैरकानूनी तरीके से लाई है और यह कानून एपीएमसी सिस्टम को पूरी तरह तबाह कर देंगे। इन कानूनों में एमएसपी और खरीद गारंटी से संबंधित कुछ भी नहीं है जोकि पिछले कई वर्षों से देश और पंजाब के किसानों की प्रमुख मांग रही है। समिति ने कहा कि एआईकेएससीसी ने इस विषय पर कानून का एक प्रारूप लोकसभा में पेश किया था, लेकिन केंद्र सरकार ने उसे अनदेखा कर दिया।
समिति की ओर से एलान किया गया कि तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ देश भर के किसान 26-27 नवंबर को दिल्ली चलो आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं।
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